कमर्शियल गैस सिलेंडर, हवाई सफर और महंगा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट से बीते दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में तेज उछाल का असर भारत में देखने को मिल रहा है। सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार को वाणिज्यिक और पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए। प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के साथ ही विमान ईंधन की कीमतों में भी इजाफा किया गया है।

कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत 195.50 रुपये बढ़ा दी है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले एक मार्च को 114.5 रुपये बढ़ाए गए थे। वहीं, पांच किलो के सिलेंडर के दाम 51 रुपये बढ़ाए गए हैं।

प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े : देश में बिकने वाले चुनिंदा प्रीमियम या ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल के दाम 12 दिन बाद दोबारा बढ़ाए गए हैं। इससे 'एक्स्ट्रा ग्रीन' डीजल की कीमत 1.50 रुपये बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, 100 ऑक्टेन पेट्रोल (एक्सपी 100) की कीमत 11 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इससे पहले 20 मार्च को भी प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2.30 रुपये तक वृद्धि की गई थी।

इंडिगो ने शुल्क बढ़ाया : विमान ईंधन की कीमत बुधवार को बढ़ाकर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई। इसके बाद इंडिगो ने ईंधन शुल्क की दरों को संशोधित किया है। अंतरराष्ट्रीय सेवा के लिए शुल्क 900 से दस हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 14 मार्च को ईंधन शुल्क में घरेलू उड़ान सेवा पर 425 रुपये का शुल्क लगाया गया था।

कच्चा तेल गिराः इस बीच बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम गिरकर सौ डॉलर के करीब पहुंच गए। ट्रंप के युद्ध खत्म करने के संकेतों के चलते दामों में गिरावट देखी जा रही है।

तदर्थ प्रशिक्षकों की नौकरी पर असमंजस

प्रयागराज। प्रयागराज समेत प्रदेश के 450 से अधिक तदर्थ खेल प्रशिक्षकों के भविष्य पर एकबार फिर ग्रहण लग गया है। तदर्थ प्रशिक्षकों का एक साल का कॉन्ट्रैक्ट 31 मार्च को समाप्त हो गया। उम्मीद थी कि मार्च की अंतिम तारीख तक प्रदेश खेल निदेशालय तदर्थ प्रशिक्षकों की सेवा को विस्तार देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम और अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कांपलेक्स में 11 तदर्थ प्रशिक्षक हैं।

कोरोना के बाद से सभी तदर्थ प्रशिक्षकों की सेवा जेम पोर्टल के माध्यम से ली जा रही है। कोरोनाकाल के पहले तदर्थ प्रशिक्षकों के सेवा विस्तार को लेकर कोई समस्या नहीं थी। वर्ष 2021 में कोरोना की रोकथाम के लिए लॉक डाउन लगा को स्टेडियम और अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कांपलेक्स में प्रशिक्षण बंद कर दिया गया। तदर्थ प्रशिक्षक महीनों बेरोजगार रहे। इसके बाद खेल निदेशालय जेम पोर्टल के माध्यम से सेवा शुरू करने के बाद तदर्थ प्रशिक्षकों के लिएहर साल सेवा विस्तार की सेवा शुरू हो गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में तदर्थ प्रशिक्षकों की सेवा को फरवरी में ब्रेक दिया गया था। इसके बाद मार्च में 20 दिन के लिए सेवा विस्तार किया गया। इस बार सेवा विस्तार की कोई सूचना नहीं मिलने पर तदर्थ प्रशिक्षक फिर परेशान हैं। हालांकि क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमारने तदर्थप्रशिक्षकों के सेवा विस्तार का पत्र खेल निदेशालय को भेजा है।

इंतजार खत्म, एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान का परिणाम हुआ जारी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक) शिक्षक भर्ती के सामाजिक विज्ञान विषय के लिए 17 जनवरी को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम लगभग ढाई महीने बाद बुधवार को जारी कर दिया।

पुरुष शाखा के 561 और महिला शाखा के 140 पदों के साथ ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत विशिष्ट अध्यापक (संकेत मूकबधिर विद्यालय/समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय) एवं विशिष्ट अध्यापक (प्रयास शारीरिक रूप हिन्दुस्तान में 28 मार्च को प्रकाशित खबर।

अक्षम विद्यालय/समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय) के एक-एक कुल 703 पदों के लिए पंजीकृत 209572 अभ्यर्थियों में से कुल 120302 परीक्षा में सम्मिलित हुए।

आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर कुल 9242 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया है। निर्धारित न्यूनतम दक्षता मानक अंक प्राप्त नहीं करने के कारण 15 गुना अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो सके। 14 जून को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की सूचना अलग से जारी की जाएगी। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने 'बोले प्रयागराज' श्रृंखला के तहत 28 मार्च के अंक में 'पाठ्यक्रम न परिणाम, अधर में छात्रों का भविष्य' शीर्षक से मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर आयोग ने संज्ञान लिया।

हिन्दुस्तान समाचार पत्र ने सामाजिक विज्ञान के परिणाम के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया और हमारी आवाज़ को प्रभावी ढंग से सामने रखा। इसका सकारात्मक प्रभाव यह हुआ कि मात्र चार दिनों के भीतर परिणाम घोषित हो गया। इसके लिए हिन्दुस्तान अखबार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा 21 जून को होगी

लखनऊ। उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फार्मासिस्ट के 560 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य लिखित परीक्षा 21 जून को कराने का निर्णय किया है।

आयोग ने इसके साथ ही सम्मलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) के 2285 पदों पर भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन की तिथि भी घोषित की है। आयोग ने 30 मार्च को इन पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति जारी की थी। आयोग के अनुसार 29 मई से आनलाइन आवेदन/शुल्क जमा करने की प्रक्रिया सम्मलित अवर अधीनस्थ सेवा के आवेदन 29 मई से 18 जून तक जमा हो सकेगा आवेदन शुल्क भी आरंभ होगी। 18 जून तक आवेदन व शुल्क जमा किया जा सकेगा। शुल्क समायोजन तथा आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 25 जून निर्धारित की गई है। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा-2023 का परिणाम घोषितः आयोग ने अवर अभियंता (सिविल) / सहायक विकास अधिकारी के 4612 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2023 के नार्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर चिन्हित अभ्यर्थियों का परिणाम अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। कुल पदों की तुलना में श्रेणीवार 15 गुना (अंतिम कटआफ अंक पाने वाले सभी अभ्यर्थियों को शामिल करते हुए) उपलब्धता की सीमा तक 26205 अभ्यर्थियों का परिणाम मुख्य परीक्षा में भाग लेने के लिए अनुमोदित किया है। वहीं आयोग ने आशुलिपिक मुख्य परीक्षा के मास्टर सेट की संशोधित उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड की है।

यूपी की संस्कृति में कुम्भमाघ मेला का पूछा महत्व

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा का समापन बुधवार को हो गया। चार दिन तक चली परीक्षा के अंतिम दिन सामान्य अध्ययन के पांचवें व छठवें प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई। पांचवें प्रश्नपत्र में उत्तर प्रदेश के धार्मिक विषयों से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए थे। एक सवाल था 'उत्तर प्रदेश की संस्कृति में माघ मेला और कुम्भ मेला के महत्व को स्पष्ट कीजिए तथा इसकी प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।' 'प्राचीन मथुरा जैन पुरातात्विक स्रोतों की गर्भस्थली थी।' इस कथन को ब्रज क्षेत्र के जैन पुरातात्विक स्थलों के आधार पर स्पष्ट करने और प्राचीन साहित्य के आधार पर 'अयोध्या' के सांस्कृतिक महत्व का वर्णन करने को कहा था।

एक अन्य प्रश्न था 'उत्तर प्रदेश में मेरठ, लखनऊ, कानपुर और झांसी शहरों ने 1857 के विद्रोह में कैसे योगदान दिया और इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान राज्य में कौन-सी प्रमुख घटनाएं हुईं?', उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक जीवन में बिरहा और कज़री लोक गायनों की महत्व और उत्तर प्रदेश के लोगों के दैनिक जीवन में साहित्य एवं संगीत के सांस्कृतिक महत्व को स्पष्ट करने को कहा था। आगरा की इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में भारतीय, फारसी और इस्लामी शैलियों का मिश्रण है। इस पर टिप्पणी करनी थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार तथा संवैधानिक मूल्यों को कायम रखने में उसकी भूमिका की विवेचना करने और उत्तर प्रदेश की शिक्षा में आर्य समाज के योगदान की संक्षिप्त विवेचना करने को कहा था। छठवें प्रश्नपत्र में तकनीक आधारित सवाल भी थे।

जैसे एक सवाल था कि उत्तर प्रदेश में विज्ञान तकनीकी नवाचार में डीएसटी, फिस्ट एवं साथी की अनुसंधान सुविधाओं की भूमिका के योगदान को व्याख्या करें। उत्तर प्रदेश का डिजिटल रूप से सशक्त समाज में बदलने और एक प्रमुख निवेश गंतव्य बनाने के समग्र दृष्टिकोण पर प्रकाश डालें और उत्तर प्रदेश 'बीमारू' राज्य से एक विनिर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी पावर हाऊस के रूप में विकसित हो रहा हैं। इस कथन के समर्थन में राज्य में विकास और प्रगति के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डालना था।

88 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी पीसीएस मेंस

प्रयागराज। प्रयागराज एवं लखनऊ के कुल 27 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित पौसीएस मुख्य परीक्षा-2025 में 11406 अभ्यर्थियों में से लगभग 88 प्रतिशत सम्मिलित हुए। लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय के अनुसार सकुशल, निर्विघ्न एवं शुचितापूर्वक संपन्न हुई।

मेट्रो के रूट में प्रयागराज एयरपोर्ट भी होगा शामिल

प्रयागराज। मेट्रो के रूट में अब प्रयागराज एयरपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही संगम पर रोपवे और मेट्रो का संयुक्त रूप से एक स्टेशन बनाने की योजना है। प्रयागराज में मेट्रो संचालन को लेकर तैयार की जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में ये दो महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) अप्रैल के अंत तक रिपोर्ट शासन को भेजेगा।

पहले जो प्रस्ताव तैयार किया जा रहा था, उसके अनुसार मेट्रो बमरौली को झुंसी और फाफामऊ को नैनी से जोड़ती। इस बीच केंद्र सरकार का एक नया निर्देश आया कि जहां भी मेट्रो पर काम हो रहा है, वहां एयरपोर्ट के रूट को उसमें अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। सरकार की मंशा है कि बजट से ज्यादा यात्रियों की सुविधा पर ध्यान दिया जाए। इसलिए अतिरिक्त बजट पर यह काम किया जाएगा।

इसके बाद पीडीए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में संशोधन कर रहा है। झुंसी को बमरौली से जोड़ने वाले रूट को अव प्रयागराज एयरपोर्ट तक विस्तारित किया जाएगा। हालांकि, मेट्रो का यह नया रूट कई जगह सेना की जमीन के ऊपर से होकर निकलेगा। ऐसे में पीडीए को सेना से मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारी सेना के संबंधित अफसरों से बातचीत कर रहे हैं।

इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किया जा रहा है। पीडीए के अफसर इस प्रयास में हैं कि संगम पर मेट्रो का स्टेशन ऐसी जगह बनाया जाए, जहां रोपवे का स्टेशन भी हो, ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को रोपवे तक पहुंचने में सहूलियत हो। साथ ही मेट्रो को प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों से जोड़ने की योजना भी है।

आंध्र प्रदेश की राजधानी अब अमरावती लोकसभा में सर्वसम्मति से बिल पारित

नई दिल्ली। करीब 12 साल के लंबे इंतजार के बाद आंध्र प्रदेश को अमरावती के रूप में अपनी राजधानी मिल गई है। बुधवार को लोकसभा में इससे संबंधित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने इसे बड़ी जीत बताया है। हालांकि विधेयक पर चर्चा के दौरान नई राजधानी के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने और राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पूरी न होने का मामला भी उठा।

विधेयक पेश करते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आंध्र प्रदेश को नई राजधानी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। हालांकि इस दौरान वाईएसआर कांग्रेस के एम रेड्डी ने राजधानी के लिए जरूरत से अधिक जमीन का अधिग्रहण करने, किसानों को मुआवजा और मकान नहीं देने का मुद्दा उठाया। भाजपा की डी पुरंदेश्वरी ने कहा कि कांग्रेस ने संयुक्त आंध प्रदेश का बंटवारा करते समय आंध्र प्रदेश के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया। उचित पैकेज नहीं देने के साथ राज्य को उसके हाल पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि नई राजधानी की स्वीकार्यता के बाद राज्य में विकास की रफ्तार तेज होगी। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि उनकी पार्टी इस कानून का पूरा समर्थन करती है। अमरावती को बंगलूरू, चेन्नई या हैदराबाद की तरह विकसित किया जाना चाहिए। विशाखापट्टनम, तिरुपति और कुरनूल का भी विकास होना चाहिए। साथ ही उन्होंने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग भी उठाई।

सपा ने अयोध्या में अधिग्रहण का मुद्दा उठाया

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने अधिगृहीत भूमि के लिए किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसान उचित मुआवजा के लिए अब तक भटक रहे हैं। उन्होंने टीडीपी को पुराना साथी बताते हुए भाजपा की संगत में गलती न करने की नसीहत दी और कहा कि सीएम चंद्रबाबू नायडू को एकनाथ शिंदे व नीतीश कुमार की स्थिति से सबक लेते हुए विपक्ष के साथ आ जाना चाहिए