एडेड जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक भर्ती आवेदन 24 से

लखनऊ। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक, प्रधानाध्यापक के 1515 पदों पर हुई परीक्षा के आधार पर नियुक्ति के लिए 24 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इसमें 253 प्रधानाध्यापक और 1262 शिक्षकों के पद शामिल हैं।
इसके लिए परीक्षा वर्ष 2021 में कराई गई थी और परिणाम छह सितंबर 2022 को जारी हुआ था। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं। उत्तीर्ण हो चुके अभ्यर्थी वेबसाइट
1262 शिक्षक, 253 प्रधानाध्यापक होंगे भर्ती 2021 से लंबित भर्ती प्रक्रिया अब होगी पूरी
http://jhsaidedposting.upsdc.gov.in पर 14 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे। चयन सूची 23 दिसंबर को जारी होगी। 24 से 30 दिसंबर तक विकल्प लेकर 10 जनवरी तक बेसिक शिक्षा अधिकारी जिला आवंटन सहित चयन सूची भेज सत्यापन करेंगे। प्रबंधकों को आवंटन सूची 20 जनवरी को भेजी जाएगी। प्रबंधक-नियुक्ति प्राधिकारी 30 जनवरी तक नियुक्ति पत्र देंगे। कार्यभार 15 फरवरी तक ग्रहण कराया जाएगा।
नियोजक सहायक भर्ती की मुख्य परीक्षा के लिए 30 अभ्यर्थी सफल
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्थापत्य एवं नियोजन सहायक भर्ती-2024 की मुख्य परीक्षा के लिए 30 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। इस भर्ती के तहत तीन पदों पर चयन होगा। इसके लिए कुल 654 आवेदन आए थे। इसी वर्ष 18 अक्तूबर को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 268 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 30 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किए गए हैं।
सचिव अशोक कुमार ने बताया कि मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा। उनका कहना है कि प्राप्तांक, कटऑफ तथा अंतिम उत्तर कुंजी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित की जाएगी।
संशोधित परिणाम अपलोड नहीं, आज से होंगे आवेदन
प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों की सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन सोमवार से शुरू होंगे। हालांकि छह सितंबर 2022 को संशोधित शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम 20 दिन बाद भी जारी नहीं हो सका है। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने तीन नवंबर से वेबसाइट पर संशोधित परिणाम अपलोड करने का पत्र जारी
किया था लेकिन परिणाम जारी नहीं होने से अभ्यर्थी परेशान हैं। इस बीच अभ्यर्थियों को सोमवार से ऑनलाइन आवेइन शुरू होने का इंतजार है। पूर्व में जारी समय सारिणी के अनुसार 15 नवंबर से पांच दिसंबर तक ऑनलादन आवेदन शुरू होने थे, लेकिन तकनीकी अड़चनों के कारण समय सारिणी को बाद में संशोधित कर दिया गया है। अब 24 नवंबर से 14 दिसंबर तक आवेदन लिए जाएंगे।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का दिल्ली में प्रदर्शन आज
लखनऊ। देशभर के सेवारत परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में दिल्ली में सोमवार से प्रदर्शन शुरू होगा। विभिन्न शिक्षकों के संगठन अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से 24 नवंबर को जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा।
इसके लिए काफी संख्या में शिक्षक प्रदेश से भी रविवार को रवाना हुए। जबकि शिक्षक-कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनएमओपीएस की ओर से एनएमओपीएस का पुरानी पेंशन की बहाली के लिए कल होगा प्रदर्शन मंगलवार 25 नवंबर को दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा में शामिल यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि देशभर के 22 राज्यों के शिक्षक संगठन इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र में आरटीई लागू होने से पहले से नियुक्त शिक्षकों को इससे छूट देने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के 25 नवंबर को होने वाले प्रदर्शन के लिए रविवार को दिल्ली में हुई बैठक में रणनीति तैयार की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि दिल्ली में देशभर के शिक्षक कर्मचारी और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण और टीईटी अनिवार्यता की समाप्ति के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन की लड़ाई के फलस्वरूप चार राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन लागू हुई है। वहीं
पंजाब में ओपीएस बहाली की घोषणा हुई है। देश भर का शिक्षक टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ है, केंद्र सरकार इसे निरस्त करने का निर्णय ले। संसद में इससे संबंधित कानून लाए। संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बताया गया कि देशभर से शिक्षक, कर्मचारी 25 नवंबर को दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामानुजय पलेला, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वितेश खांडेकर, शांताराम तेजा, विजेंदर सिंह धारीवाल, विक्रांत सिंह, प्रदीप ठाकुर, सैय्यद दानिश इमरान, डॉ. नीरजपति त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रादेशिक अधिवेशन 18 दिसंबर से आगरा में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) का तीन दिवसीय प्रादेशिक अधिवेशन 18 दिसंबर से आगरा में होगा। संगठन ने पूर्व मंत्री चौधरी उदय भान सिंह सोलंकी को अधिवेशन का संरक्षक बनाया है। इसकी जानकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल व संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने दी है। उन्होंने बताया कि संगठन का 56वां तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन 18 से 20 दिसंबर तक श्री चित्रगुप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आगरा में होगा। प्रदेश उपाध्यक्ष व आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र के संघ के प्रत्याशी डॉ. भोज कुमार शर्मा सम्मेलन के संयोजक हैं। सम्मेलन में नकलविहीन बोर्ड परीक्षा व मूल्यांकन विषय पर शैक्षिक संगोष्ठी भी होगी। सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों को यात्रा दिवस सहित विशेष आकस्मिक अवकाश मिलेगा।
प्रबंधक के परिवार के स्कूल में भी नहीं बनेगा परीक्षा केंद्र
प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में और सख्ती कर दी गई है। इस साल एक ही प्रबंधक व उनके परिवार द्वारा संचालित एक से अधिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं का सेंटर उसी प्रबंधक के अधीन संचालित अन्य परीक्षा केन्द्र पर किसी भी दशा में आवंटित नहीं किया जाएगा। पिछले साल तक एक ही प्रबंधक द्वारा संचालित एक से अधिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र उसी प्रबंधक के अधीन संचालित अन्य परीक्षा केंद्र पर आवंटित नहीं करने की शर्त थी। इस साल प्रबंधक और उनके परिवार के स्कूल को भी शामिल कर लिया गया है।
यही नहीं जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि एक ही प्रबंधक व उनके परिवार द्वारा संचालित एक से अधिक विद्यालयों को चिह्नित कर यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे और इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को भी दी जाएगी। नकलविहीन परीक्षा कराने के उद्देश्य से लंबे समय से यह व्यवस्था चली आ रही है कि एक प्रबंधक के एक से अधिक 10 वीं-12वीं के परीक्षार्थियों के आवंटन पर सख्ती परिजनों के स्कूल के बच्चों की नहीं होगी अदला-बदली प्रबंधक के एक से अधिक स्कूल को लेकर था प्रतिबंध स्कूल परीक्षा केंद्र बनने पर छात्र-छात्राओं की अदला-बदली नहीं होती है।
ऐसा इसलिए होता है ताकि एक प्रबंधक के अधीन कार्यरत शिक्षक परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ न लेने दें। इसकी काट निकालते हुए कुछ समय से प्रबंधकों ने परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम स्कूल खोल लिए और उनको परीक्षा केंद्र बनवाकर परीक्षार्थियों की अदला-बदली करवाने लगे।
इसी आधार पर ये प्रबंधक परीक्षार्थियों को पास करवाने की गारंटी देकर मोटी रकम वसूलने लगे थे। इसी पर नकल लगाने के लिए यूपी बोर्ड ने इस साल नियम सख्त किए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह का कहना है कि केंद्र निर्धारण नीति के अनुरूप ही केंद्र बनाए जाएंगे।
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