कांस्टेबल जीडी में मिली 50,047 को सफलता

प्रयागराज। कर्मचारी चयन आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) व एसएसएफ में कांस्टेबल (जीडी), असम राइफल्स में राइफलमैन (जीडी) तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) में सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें 50,047 (4932 महिला व 45115 पुरुष) अभ्यर्थी सफल हैं। 2003 अभ्यर्थियों का परिणाम रोका गया है।
चार से 25 फरवरी 2025 तक आयोजित पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा का परिणाम 17 जून 2025 को घोषित किया गया था। इसमें 3,94,121 (40,213 महिला और 3,53,908 पुरुष) अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) एवं शारीरिक मानक परीक्षा (पीएसटी) के लिए चयनित किया गया था। 20 अगस्त से 15 सितंबर तक आयोजित
परीक्षा के लिए चुनें शहर और परीक्षा तिथि
प्रयागराज। कर्मचारी चयन आयोग की ओर से मल्टी टास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ एवं हवलदार (सीबीआईसी एड सीबीएन) 2025 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा चार फरवरी से कराई जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को 25 जनवरी की रात 11 बजे तक परीक्षा शहर और परीक्षा तिथि का स्वयं चुनने की सुविधा दी है। अभ्यर्थियों को आयोग के कैंडिडेट पोर्टल में लॉगिन कर स्लॉट चयन करना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा। परीक्षा शहर की जानकारी 30 जनवरी को जारी की जाएगी। वहीं, प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से दो-तीन दिन पहले जारी किए जाएंगे।
पीईटी/पीएसटी का परिणाम 13 अक्टूबर को घोषित किया गया थाजिसमें 95,575 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।
टीजीटी कला में बीएड वालों की ही नियुक्ति की अनुमति
कोर्ट ने कहा-बिना बीएड डिग्री धारक की नियुक्ति पर रोक रहेगी
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कला विषय के सहायक अध्यापक टीजीटी अध्यापक भर्ती 2024 में बीएड डिग्री वालों की ही नियुक्ति करने की अनुमति दी है। साथ ही कहा है कि जो बीएड डिग्री धारक नहीं है, उनकी नियुक्ति पर रोक रहेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर जवाब भी मांगा है।
कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई ने बीएड को अनिवार्य किया है इसलिए भर्ती में बीएड को वरीयता देने का नियम सही नहीं है। साथ ही मुद्दा विचारणीय मानते
हुए सरकार का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता को नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव एवं न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने विनोद कुमार यादव व चार अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने इससे पहले इसी भर्ती में सहायक अध्यापक (कम्प्यूटर) के लिए निर्धारित योग्यता और उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य
सरकार व अन्य से जवाब मांगा है। साथ ही बिना बीएड वालों की नियुक्ति पर रोक लगा रखी है। उसी तर्ज पर इस केस में भी रोक लगी है।
याचिका पर अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी। याचिका में यह कहते हुए रोक सेवा आयोग के विज्ञापन को चुनौती दी गई है कि इसमें बीएड को वरीयता देने की व्यवस्था की गई है। कहा गया है कि यह 12 नवंबर 2014 को जारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना के विपरीत है, जिसमें न्यूनतम 50 फीसदी अंक के साथ स्नातक या परास्नातक व बीएड को आवश्यक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है।
टीजीटी कला भर्ती में बीएड अनिवार्य
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक टीजीटी (कला) शिक्षक भर्ती-2024 को लेकर बड़ा आदेश दिया है। कहा है कि इस भर्ती में केवल बीएड डिग्रीधारकों की ही नियुक्ति हो सकेगी। जिनके पास बीएड की डिग्री नहीं है, उनकी नियुक्ति पर अंतरिम रोक रहेगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने विनोद कुमार यादव व चार अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई थी, जिसमें बीएड को अनिवार्य के बजाय वरीयता के रूप में माना गया था।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था 12 नवंबर 2014 को जारी एनसीटीई की अधिसूचना के खिलाफ है, जिसमें न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक या परास्नातक डिग्री के साथ बीएड को बिना बीएड वालों की नियुक्ति पर अंतरिम रोक आवश्यक योग्यता निर्धारित किया गया है।
कोर्ट ने बीएड को अनिवार्य करने के बजाय वरीयता देने के नियम पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया। कहा, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना के अनुसार बीएड अनिवार्य योग्यता है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में इसे केवल वरीयता देना प्रथम दृष्टया नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
कोर्ट ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने याचिका को विचारणीय मानते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख तय की है। वहीं, हाईकोर्ट इसी शिक्षक भर्ती के तहत सहायक अध्यापक (कंप्यूटर) पदों पर भी बिना बीएड डिग्री वालों की नियुक्ति पर पहले से ही रोक लगाई है।
यूपी बोर्ड में कक्षा 9 व 11 में व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य
प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 एवं कक्षा 11 में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य करने की महत्वपूर्ण पहल की है। इस क्रम में आईटी एंड आईटीईएस (सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाएं), इलेक्ट्रॉनिक्स, एपेरल एवं ब्यूटी एंड वेलनेस विषयों के व्यावसायिक कोर्स का अनुमोदित पाठ्यक्रम विषय समितियों ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह को सौंप दिया।
विषय-विशेषज्ञों ने अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह एवं स्कंद शुक्ल के निर्देशन एवं उप-सचिव डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी के संयोजन में कई चरणों में बैठकें कर इन सभी ट्रेड के तहत जॉब रोल आधारित पाठ्यक्रम विकसित किया है। विशेषज्ञ समिति ने अनुमोदित पाठ्यक्रम में वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं, उद्योग जगत की अपेक्षाओं तथा विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को केंद्र में रखते हुए व्यावहारिक, कौशल-आधारित एवं रोजगारोन्मुखी विषय-वस्तु को सम्मिलित किया है।
सचिव भगवती सिंह के अनुसार यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में कौशल विकास, आत्मनिर्भरता एवं व्यावसायिक दक्षता को प्रोत्साहित करेगा। यूपी बोर्ड का यह कदम विद्यालयी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने, छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। अन्य व्यावसायिक ट्रेड्स के पाठ्यक्रम विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है। इन पाठ्यक्रमों को तैयार करने में पं. सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यवसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग के साथ ही विषय विशेषज्ञों राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी के वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी संजीव कुमार आर्य, वीरेंद्र नाथ शुक्ला, डॉ. अदिति गोस्वामी आदि ने योगदान दिया है।
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