हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के विज्ञापित 7466 पदों का मांगा विवरण

कोर्ट ने कहा-सरकार अधियाचन वाले स्कूल और कॉलेजों का ब्योरा उपलब्ध कराए
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में टीईटी/सीटीईटी अर्हता मामले में दाखिल याचिका पर विज्ञापित 7466 पदों का अगली सुनवाई तीन फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव व न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने जयहिंद यादव की याचिका पर दिया है।
याचिका में बहस के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कक्षा नौ और 10 के शिक्षण कार्य के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक की भर्ती की जा रही है।
इसके लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है। वहीं, याची के अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने कोर्ट को बताया कि सरकार की ओर से विज्ञापित 7466 पद का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिससे पता चले कि यह अधियाचित पद उन स्कूल/कॉलेज के हैं, जहां शिक्षणकार्य सिर्फ कक्षा नौ और 10 का होता है।
इस पर कोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के सभी विज्ञापित पद 7466 का अधियाचन किस स्कूल/कॉलेज से आया है। इसकी संख्या उपलब्ध कराने का सरकार को निर्देश दिया है। सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने पूरे अधियाचित पदों की जानकारी देने के लिए समय की मांग की तो कोर्ट ने अगली तारीख तय कर दी।
तदर्थ सेवा की अनदेखी पर हाईकोर्ट सख्त सचिव उच्च शिक्षा का आदेश किया रद्द
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने राजकीय डिग्री कॉलेजों में तदर्थ नियुक्ति के बाद नियमित हुए असिस्टेंट प्रोफेसरों की वरिष्ठता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने तदर्थ सेवा को वरिष्ठता निर्धारण में शामिल करने से इन्कार करने संबंधी सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के आदेश को रद्द कर मामले पर पुनर्विचार का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने डॉ. वीर पाल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि लखनऊ के उच्च शिक्षा सचिव को सुप्रीम कोर्ट के चंद्र प्रकाश प्रकरण में दिए गए फैसले के आलोक में याची के मामले पर नया निर्णय लेना होगा।
यदि विधि के अनुसार सही ढंग से विचार नहीं किया गया और याची को दोबारा हाईकोर्ट आना पड़ा तो संबंधित अधिकारी के पारित किए जाएंगे।
मामला 2 खिलाफ सख्त आदेश
याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि तदर्थ नियुक्ति के बाद याची के नियमितीकरण के लिए चार बार संस्तुति भेजी गई थीं। अंततः तीन फरवरी को नियुक्ति की मूल तिथि से नियमितीकरण कर दिया गया। इसके बाद तदर्थ सेवा की पूरी अवधि को वेतन वृद्धि, पेंशन सहित सभी सेवा लाभों के लिए स्वीकार किया गया, लेकिन वरिष्ठता निर्धारण में उसे शामिल नहीं किया गया
शिक्षक भर्ती में प्राविधिक शिक्षा को शामिल करने की उठाई गई मांग
प्रयागराज। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) भर्ती में प्राविधिक कला को शामिल करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने गुरुवार को शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुरेंद्र कुमार तिवारी और यूपी बोर्ड में सचिव भगवती सिंह को ज्ञापन सौंपा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग की ओर से की जाने वाली इस भर्ती में पिछले साल अचानक से अर्हता में बदलाव करते हुए प्राविधिक शिक्षा वालों को बाहर कर दिया गया है। प्रदेश में एक लाख से अधिक ऐसे अभ्यर्थी हैं जो प्राविधिक कला के साथ तैयारी कर रहे हैं और अब ओवरएज होने की कगार पर हैं।
शिक्षक भर्ती में प्राविधिक शिक्षा वालों को अनुमति की मांग को लेकर ज्ञापन देते अभ्यर्थी।
संशोधित अर्हता के अनुसार बीएड और कला स्नातक का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम करने में पांच साल का समय चाहिए जो हमारे पास नहीं है। लिहाजा आगामी भर्ती के लिए कम से कम एक बार छूट दी जाए। एडी सुरेंद्र कुमार
तिवारी ने अभ्यर्थियों की बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने और प्रदर्शन करने वालों में अखिलेश वर्मा, अजय सिंह, संदीप कुमार, कृष्ण चंद्र, सूर्यकांत आदि शामिल थे।
29334 भर्ती की बची सीटों पर काउंसिलिंग आज से
प्रयागराज। परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय की 29334 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त 1700 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए सीमैट एलनगंज में शुक्रवार से काउंसिलिंग शुरू होगी। 31 दिसंबर 2019 के पूर्व हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका करने वाले 1501 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। पहले दिन 500 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग के लिए तीन काउंटर बनाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को आदेश दिया था कि इस भर्ती में चयनित न्यूनतम कटऑफ से अधिक अंक पाने वाले उन सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए जिन्होंने 31 दिसंबर 2019 के
सीमैट एलनगंज में तीन दिन होगा अभिलेख सत्यापन
कोर्ट में याचिका करने वाले 1501 अभ्यर्थियों को बुलाया गया पूर्व याचिकाएं दाखिल की थी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि काउंसिलिंग के लिए उपसचिव अजय प्रताप सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
राज्य स्तर का गुणांक (मेरिट) के आधार पर काउंसिलिंग कराई जाएगी। अभिलेख सत्यापन के बाद सफल अभ्यर्थियों को इस महीने के अंत तक जिला आवंटित करने की तैयारी है।
देशभर के सरकारी निजी बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे
पटना। पटना समेत देशभर के सरकारी और निजी बैंक लगातार चार दिनों 24 जनवरी से 27 जनवरी तक रहेगा। चौथा शनिवार, रविवार, गणतंत्र दिवस और बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण बैंकिंग कार्य प्रभावित रहेंगे।
बैंक कर्मचारी यूनियनों ने 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। अलग-अलग बैंकों से जुड़े यूनियनों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह समेत अन्य मांगों को लेकर उस दिन प्रदर्शन भी करेंगे। सभी शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।
तैयारी: अप्रैल से हर माह बदल जाएगा आपका बिजली का बिल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नई नीति से बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है। देश में अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) से बिजली का बिल हर साल ऑटोमैटिक तरीके से बढ़ सकता है। केंद्र सरकार ने बुधवार को जारी नई राष्ट्रीय विद्युत नीति (एनईपी) के मसौदे में इंडेक्स-लिंक्ड टैरिफ व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है।
नए मसौदे के अनुसार, अगर राज्य नियामक आयोग समय पर टैरिफ तय नहीं करते हैं, तो एक तय फॉर्मूले के आधार पर बिजली की दरें अपने आप बढ़ जाएंगी। बता दें, अभी तक राज्यों में राजनीतिक कारणों से बिजली की दरें कई सालों तक नहीं बढ़ती थीं। बिजली कंपनियों का तीन लाख करोड़ रुपये का बकाया है।
गौरतलब है कि बिजली (संशोधन) विधेयक का मसौदा संसद के आगामी बजट सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। मसौदे में कहा गया कि बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बिजली खरीदने की लागत में होने वाली वृद्धि का ब्योरा हर महीने उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए। सरकार ने इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर सभी हितधारकों से 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। मसौदा नीति में कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 से आयोगों को ऐसी कीमतें तय करनी होंगी, जो बिजली बनाने और पहुंचाने की पूरी लागत को उसी समय वसूल सकें। अब बाद में शुल्क देने वाली स्थिति को खत्म किया जाएगा। इसके अलावा, बिजली की कीमतों को अब एक सूचकांक (जैसे महंगाई दर) से जोड़ा जाना चाहिए।
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