बेसिक स्कूलों की छुट्टी का कैलेंडर जारी, वसंत पंचमी की छुट्टी बहाल
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद ने परिषदीय व मान्यता प्राप्त बेसिक विद्यालयों में नए साल 2026 की छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके तहत स्कूलों में 33 दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस बार 23 जनवरी को वसंत पंचमी की भी छुट्टी अलग होगी जो पिछले साल समायोजित कर दी गई थी। हालांकि, होली और दिवाली की छुट्टियों के बीच में एक-एक दिन विद्यालय खुलेंगे।
परिषद की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार होलिका दहन का अवकाश दो मार्च व होली का 4 मार्च को है। पर, 3 मार्च मंगलवार को विद्यालय खोला जाएगा। ऐसे ही नरक चतुर्दशी व दीपावली की छुट्टी 8 नवंबर को, गोवर्धन पूजा नौ को और भैया दूज व चित्रगुप्त जयंती की छुट्टी 11 नवंबर को है। पर, 10 नवंबर मंगलवार को विद्यालय खुलेंगे। परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार हरितालिका तीज, करवा चौथ, संकठा चतुर्थी, हलषष्ठी या ललई छठ, जिउतिया या अहोई अष्टमी का अवकाश शिक्षिकाओं व पितृ विसर्जन की छुट्टी शिक्षक-शिक्षिका दोनों को देय होगी।
होली और दिवाली की छुट्टियों के बीच एक-एक दिन खुलेंगे विद्यालय, सालभर में 33 दिन रहेगा सार्वजनिक अवकाश
शिक्षक संगठनों ने उठाए सवाल शिक्षक संगठनों ने कहा है कि वसंत पंचमी, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, सरदार पटेल जयंती को स्कूल खुलते और कार्यक्रम होते हैं। इसके बावजूद इन्हें अवकाश सूची में शामिल किया गया है। शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने कहा यह गलत है।
गर्मी की छुट्टियां 20 मई से 15 जून तक और जाड़े की छुट्टियां 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक होंगी। गर्मी व जाड़े में मौसम में बदलाव के मद्देनजर सक्षम अधिकारी द्वारा विद्यालय के समय में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकेगा। डीएम की ओर से दिए जाने वाले अवकाश देय होंगे। गर्मी में स्कूलों में इंटरवल 10.30 से 11 बजे तक और जाड़े में 12 से 12.30 बजे तक होगा। वहीं, गर्मी में कक्षाएं सुबह आठ से दो बजे तक और जाड़े में सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक चलेंगी।
छात्रवृत्ति के आवेदन की तिथि 10 जनवरी तक
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में संस्कृत का अध्ययन कर रहे कक्षा छह से परास्नातक के विद्यार्थी अब छात्रवृत्ति के लिए 10 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव ने पहले आवेदन करने और उसकी हार्ड कॉपी विद्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की थी जो अब बढ़ाकर 10 जनवरी कर दी गई है। संबंधित प्रधानाचार्य 11 और 12 जनवरी को आवेदनों का सत्यापन और उसे अपलोड करेंगे। सत्यापन की हार्डकॉपी 13 जनवरी तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करनी होगी और डीआईओएस 15 जनवरी तक सत्यापन करेंगे।
छह से परास्नातक तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अंतिम तिथि बढ़ाई
जिला समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए 16 जनवरी तक आवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे और डीआईओएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लाभार्थियों का विवरण 20 जनवरी तक भेजेंगे। पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पत्रों की समीक्षा 21 जनवरी तक होगी और 28 जनवरी तक लाभार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति की धनराशि भेजी जाएगी। प्रदेश के 403 सहायता प्राप्त संस्कृत महाविद्यालय और 570 माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में कक्षा छह से परास्नातक तक में अध्ययनरत लगभग सवा लाख विद्यार्थियों में से अब तक 28 हजार से अधिक ने ही आवेदन किया है।
एमटीएस 2025 भर्ती की परीक्षा चार फरवरी से होगी
प्रयागराज। केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में मल्टी टॉस्किंग स्टाफ (एमटीएस) के 6810 और सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एवं सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीआईसी एवं सीबीएन) में हवलदार भर्ती 2025 के 1138 कुल 7948 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा चार से 15 फरवरी तक होगी।
वहीं, सेंट्रल आर्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) और एसएसएफ में कांस्टेबल (जीडी) एवं असम राइफल्स में राइफलमैन (जीडी) भर्ती 2026 की परीक्षा 23 फरवरी से संभावित है।
बंदरों को भगाने के लिए होगी लंगूरों की आवाज निकालने वालों की भर्ती
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विधानसभा से बंदरों को भगाने के लिए लंगूरों की आवाज निकालने वाले लोगों की हायरिंग के लिए टेंडर निकाला है। दिल्ली विधानसभा परिसर में लगातार घुसकर उत्पात मचाने वाले बंदरों की समस्या से निपटने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने वाले लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रही है। अधिकारियों ने बताया, दिल्ली विधानसभा में कई दर्जन बंदरों से मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों के सुरक्षा को खतरा है। बंदर तारों और डिश एंटीना पर कूदते हैं और उन्हें तोड़ देते हैं।
विधानसभा परिसर 8 घंटे की शिफ्ट में करना होगा काम अधिकारी ने बताया कि उनके पास लंगूर की नकल करने वाले लोग थे, लेकिन उनका कट्रिक्ट खत्म हो गया है। वे वर्किंग डे और शनिवार को प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात करने की योजना बना रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेगा। एजेंसी संचालन के दौरान उचित उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार होगी। बंदरों को भगाने के लिए तैनात कर्मियों के लिए निगरानी और बीमा कवरेज की व्यवस्था होगी।
में बंदरों के बार-बार घुसने की घटनाओं के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि लंगूर की आवाज की नकल करने में सक्षम प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के लिए टेंडर जारी किया है। यह बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए डराने का एक
प्रभावी और मानवीय तरीका माना जाता है। विशेषज्ञ बंदरों को डराने के लिए एक लंगूर भी लाएंगे। पहले विधानसभा परिसर में लंगूर के पुतले लगाने की भी योजना थी, लेकिन हमने देखा है कि बंदर अब उनसे डरते नहीं हैं। बल्कि वे उन पुतलों के ऊपर बैठ जाते हैं।
फैमिली आईडी से योजनाओं में रुकेगी आर्थिक धोखाधड़ी
लखनऊ। राज्य सरकार फैमिली आईडी के सहारे योजनाओं में होने वाली धोखाधड़ी रोकने जा रही है। इससे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में अपात्रों की सेंधमारी रुकेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान चलाकर इसे बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने फैमिली आईडी कार्ड के माध्यम से डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को जोड़ने का निर्देश दिया है। प्रमुख सचिव नियोजन
44 लाख लोगों ने फैमिली आईडी के लिए किए आवेदन 19 लाख से अधिक कार्डों का अब तक हुआ वितरण
आलोक कुमार ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की 98 कल्याणकारी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा जा चुका है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के 15.07 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा है। फैमिली आईडी पोर्टल पर अब तक 44 लाख लोगों ने आवेदन किया है।
नये शिक्षकों को पुराने से अधिक मिल रहा है वेतन
पटना। राज्य के सरकारी स्कूलों में पुराने शिक्षकों से अधिक नये शिक्षकों को वेतन मिल रहा है। 2022 और इसके पहले स्कूलों मे नियुक्त कक्षा एक से 12 तक के 40 हजार से अधिक शिक्षकों को 2024 में बीपीएससी से चयनित शिक्षकों से कम वेतन मिल रहा है। इसमें सिर्फ 2022 में नियुक्त 25 हजार शिक्षक हैं। वेतन विसंगति दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने कई बैठकों में जिलों को निर्देश दिया है। इसके बाद भी अभी इसमें सुधार नहीं हो सका है।
छठे चरण के तहत 2022 में प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक बन गए हैं। टीआरई 1 से टीआरई 3 में चयनित होकर विद्यालय अध्यापक के रूप में योगदान वाले शिक्षकों को वेतन अधिक मिल
बीपीएससी से चयनितों को अधिक वेतन मिल रहा एक समान कोटि के शिक्षक के वेतन में 2-4 हजार का अंतर
रहा है। प्रतिमाह विशिष्ट शिक्षकों से विद्यालय अध्यापकों मूल वेतन में एक से डेढ़ हजार रुपए का अंतर है, जबकि प्रतिमाह हाथ में मिलने वाले कुल वेतन में दो हजार से चार हजार रुपए तक का अंतर है। बिहार शिक्षक मंच ने शिक्षा विभाग को पत्र लिख कर नये साल के प्रारंभ में ही इस वेतन विसंगति दूर करने का आग्रह है, ताकि जनवरी माह का मिलने वाला वेतन में वरीयता के हिसाब से ही वेतन मिले। पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर विद्यालय में शिक्षकों की आपसी वरीयता भी तय कर दी है।
नियम न कानून और परिषदीय शिक्षकों का कर दिया तबादला
प्रयागराज |बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के समायोजन में अफसरों पर मनमानी के आरोप लगे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अफसरों ने मनमानी की सीमा पार कर दी है। यू-डायस पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर हुए समायोजन से पहले न तो शिक्षकों से विकल्प लिया गया न ही वरिष्ठ या कनिष्ठ शिक्षक को ही देखा गया। जहां जिस बेसिक शिक्षा अधिकारी को जो समझ में आया, तबादला आदेश जारी कर दिया। आक्रोशित शिक्षक हाईकोर्ट खुलने पर समायोजन आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
जिन जिलों में कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन हुआ है उनमें अमेठी, मथुरा, रायबरेली, बदायूं, हरदोई, देवरिया, हाथरस, उन्नाव, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, बागपत और पीलीभीत आदि शामिल हैं। वहीं, जिन
जिलों में वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन हुआ है उनमें अमरोहा, हापुड़, वाराणसी, चित्रकूट, बरेली, रामपुर, आगरा, गोरखपुर, फर्रुखाबाद, कुशीनगर, संत कबीर नगर फिरोजाबाद, फतेहपुर और सीतापुर आदि शामिल हैं।
शिक्षक नेता निर्भय सिंह का कहना है कि कई जिलों जैसे बाराबंकी, लखनऊ आदि में यू-डायस पोर्टल पर शिक्षकों को 31 दिसम्बर को ही स्कूल से स्थानान्तरित कर दिया गया है। अभी तक सूची जारी नहीं हुई कि किसे किस स्कूल भेजा गया है। इसे लेकर शिक्षक परेशान हैं।
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