16 दिन बाद टीईटी, केंद्रों का पता नहीं

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमित बैठक मंगलवार को होगी। इसमें कई अहम विषयों पर चर्चा की उम्मीद है। हालांकि 16 दिन बाद 29 और 30 जनवरी को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। चयन आयोग ने एक अगस्त को 29-30 जनवरी को टीईटी कराने की सूचना सार्वजनिक की थी।
पांच महीने बीतने के बावजूद अब तक कोई अधिकृत सूचना जारी नहीं हुई है कि परीक्षा समय से होगी या नहीं। वर्तमान परिस्थितियों में एक बात तो तय हो चुकी है कि 29-30 जनवरी को टीईटी कराना असंभव है। अब तक न तो परीक्षा केंद्रों का निर्धारण हुआ है और
न ही जिले के अधिकारियों को निर्देश भेजे गए हैं। नियमानुसार परीक्षा से दस दिन पहले यानि 18 जनवरी को अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी होने चाहिए। हालांकि ऐसी कोई तैयारी चयन आयोग के स्तर से नहीं है। मंगलवार को अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विभिन्न एजेंसियों से होने वाले समझौता (एमओयू), विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों की निरस्त परीक्षा आदि के संबंध में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू 2.39 लाख सीटों पर होगा प्रवेश
डीएलएड प्रशिक्षण-2025 : पहले दिन 400 से अधिक अभ्यर्थियों ने संस्थानों के विकल्प भरे
प्रयागराज। डीएलएड प्रशिक्षण-2025 में प्रवेश के लिए सोमवार से ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश के 67 डायट की 10,600 सीटों और 3,304 निजी व अल्पसंख्यक कॉलेजों की 2,28,900 सीटों सहित कुल 2,39,500 सीटों पर प्रवेश के लिए काउंसलिंग पोर्टल सक्रिय कर - दिया गया है।
पहले दिन शाम तक 400 से अधिक अभ्यर्थियों ने संस्थानों के विकल्प भर दिए। पहले चरण में एक से 20 हजार तक रैंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी बुधवार तक कॉलेज विकल्प भर सकेंगे। इनका संस्था आवंटन 15 जनवरी को जारी किया जाएगा।
इसके बाद 15 से 18 जनवरी तक 20,001 से 70,000 रैंक तक के अभ्यर्थियों तथा पूर्व में विकल्प न भर पाने वाले अभ्यर्थियों को विकल्प भरने का अवसर मिलेगा। इनका संस्था आवंटन 19 जनवरी को घोषित किया जाएगा।
तीसरे चरण में 19 से 22 जनवरी तक 70,001 से 1,24,230 रैंक तक के अभ्यर्थी और पहले चरणों में विकल्प न भर पाने वाले अभ्यर्थी कॉलेज विकल्प भर सकेंगे। इनका संस्था आवंटन 23 जनवरी को जारी होगा। चयनित अभ्यर्थियों को 30 जनवरी की शाम छह बजे तक संबंधित संस्थानों में प्रवेश लेना होगा। दूसरे चरण की काउंसलिंग पांच फरवरी से शुरू होगी, जबकि प्रवेश प्रक्रिया 21 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी।
वीडीओ भर्ती परीक्षा में छह आरोपी बंदी
लखनऊ, विसं। ईओडब्ल्यू ने आपरेशन शिकंजा के तहत वर्ष 2018 की वीडीओ परीक्षा में धांधली के मामले में फरार चल रहे पांच अभ्यर्थियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक निजी कम्पनी का कर्मचारी भी है। शासन के आदेश पर इस परीक्षा धांधली की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई थी। इस मामले में अभ्यर्थियों, साल्वर व निजी कम्पनी के कर्मचारियों समेत 130 आरोपी बनाए गए थे। कई आरोपी अभी भी जेल में है। ईओडब्ल्यू ने गाजियाबाद में बालाजी कम्पनी के 100 करोड़ के घोटाले के एक आरोपी समेत अलग-अलग मामलों में 28 आरोपियों को पकड़ा है।
तकनीकी सेवा आयोग के खिलाफ पारा मेडिकल अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
पटना। पारा मेडिकल एसोसिएशन ऑफ बिहार ने कहा कि एक्सरे तकनीशियन, स्टाफ नर्स, ड्रेसर के पद के लिए कागजात सत्यापन से पहले ऑब्जेक्शन होना है। लेकिन बिहार तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी) के आश्वासन के बावजूद सूचना प्रकाशित नहीं हो सकी है।
ये बातें सोमवार को पीएमएबी के प्रतिनिधि मोहित राजपूत अमित आनंद, मधु माला ने पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति में हो रही देरी से छात्रों में असंतोष पनप रहा है। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि इस सप्ताह के अंत तक ऑब्जेक्शन व कागजात सत्यापन की आधिकारिक सूचना नहीं मिलती है तो अगले सोमवार को अभ्यर्थी बीटीएससी का घेराव करेंगे। कहा कि अस्पतालों में पारा मेडिकल कर्मियों नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति जरूरी है। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने से राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभमिलेगा। अभ्यर्थी सुरेश कुमार ने कहा कि ईसीजी तकनीशियन, शल्य कक्ष सहायक पद का कागजात सत्यापन में
देरी हो रही है। एक महीने पहले ऑब्जेक्शन कराया गया था, लेकिन अब तक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। मौके पर अभ्यर्थी आभा कुमारी, मधु कुमारी, मोहित सिंह, चंद्रमनी निराला, राज तेजस्वी, रोहन कुमार, धर्मवीर कुमार, राहुल कुमार, रंजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रहे।
ये है मांग पत्र बीटीएससी एक्सरे
तकीनीशियन, ड्रेसर, स्टॉफ नर्स पद के लिए आब्जेक्शन लेने की सूचना जारी करे। ओटी असिस्टेंट, ईसीजी तकनीशियन आदि के कागजात सत्यापन प्रक्रिया शुरू हो भर्ती परीक्षा में धांधली के मामले में सात अभ्यर्थी और एक कंपनी कर्मी गिरफ्तार उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2018 में आयोजित की थी भर्ती परीक्षा, वर्ष 2021 में दर्ज हुआ था केस
लखनऊ। उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत वर्ष 2018 में भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के मामले आर्थिक अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सात अभ्यर्थी व एक निजी कंपनी का कर्मचारी है। कोर्ट में पेश होने के बाद आरोपी जेल भेजे गए। मामले में सरकारी कर्मचारी व अधिकारी भी आरोपी हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए ईओडब्ल्यू ने शासन से अनुमति मांगी है।
वर्ष 2018 में आयोग ने ग्राम विकास अधिकारी, समाज कल्याण पर्यवेक्षक एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के 1953 पदों भर्ती परीक्षा कराई थी। परीक्षा की कार्यदायी संस्था टीसीएस लिमिटेड थी। भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप लगे थे।
जिसके बाद शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू ने जांच की थी। वर्ष 2021 में विभूतिखंड थाने में केस दर्ज कराया था। फिर ये केस एसआईटी थाने में पंजीकृत हुआ था।ईओडब्ल्यू के अफसर के मुताबिक मामले में अभ्यर्थी अरुण कुमार, कर्मवीर, अंकुश यादव,अमर सिंह, उमेशचन्द्र, अमन कुमार व एसआरएन डाटा क्रिएट सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट प्रोग्रामर उमेश पाल कोगिरफ्तार किया गया था। मामले में पहले ही 20 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। अब कुल 27 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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