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टीईटी की अनिवार्यताः प्राथमिक शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर दर्ज कराया विरोध, 26 को देंगे धरना

टीईटी की अनिवार्यताः प्राथमिक शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर दर्ज कराया विरोध, 26 को देंगे धरना

लखनऊ। देश भर के प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में दूसरे चरण का आंदोलन शुरू हो गया है। इसके तहत टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर सोमवार से शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर पठन-पाठन किया। इसी क्रम में 26 फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में बीएसए कार्यालय पर शिक्षक धरना देंगे और जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन देंगे।

टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि यह विरोध 25 फरवरी तक चलेगा। 26 फरवरी को सभी जिलों में बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं डीएम कार्यालय तक मार्च कर पीएम को संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से इसके लिए मार्च में शुरू होने वाले संसद सत्र के दूसरे चरण में अध्यादेश लाकर देश भर के लाखों शिक्षकों को राहत दी जाए।

अब समर्थ पोर्टल पर रहेगी छात्रों की 'शैक्षिक कुंडली'

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अब छात्रों की पूरी 'शैक्षिक कुंडली' डिजिटल रूप में समर्थ पोर्टल पर सुरक्षित रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि शैक्षिक सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों के अंक, परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक विवरण समर्थ पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों का डेटा एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) पर भी उपलब्ध रहेगा, जिससे उनकी अकादमिक प्रगति का समग्र रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा।

सिविल सेवा परीक्षा के लिए अब 27 तक होगा आवेदन

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तीन दिन बढ़ाकर 27 फरवरी कर दी है। आयोग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी तक थी।

यह निर्णय उम्मीदवारों द्वारा यूपीएससी के आवेदन पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतों के बाद लिया गया है। हालांकि, इन समस्याओं को बाद में सुलझा लिया गया था। यूपीएससी ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा 2026 और भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 के लिए आवेदन अब 27 फरवरी 2026 की शाम 6 बजे तक बढ़ा दी गई है।

19,838 सिपाहियों की बहाली का रिजल्ट जून में

पटना। बिहार पुलिस में सिपाही के 19838 पदों पर भर्ती को लेकर चल रही प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए जून तक इसका रिजल्ट प्रकाशित कर दिया जायेगा। यही नहीं, चालक सिपाही के 4361 पदों का परिणाम भी अक्टूबर तक जारी हो जायेगा।

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने मंगलवार को घोषित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर में इसकी जानकारी दी। पर्षद ने बताया है कि 2026 में 11 विभिन्न पदों से संबंधित 30653 पदों पर बहाली प्रक्रिया चलेगी। इनमें सिपाही के 19838, चालक सिपाही के 4361, चलंत दस्ता सिपाही के 108, मद्य निषेध सिपाही के 1685 और कक्षपाल के 2417 पदों पर बहाली को लेकर प्रक्रिया जारी है। साथ ही विशेष शाखा सिपाही के 83 पद और वायरलेस सिपाही के 993 पदों के लिए ‌विज्ञापन जारी हुआ है। तकनीकी सिपाही के 33 पद और वनरक्षी के 1816 पद पर बहाली का मार्च में विज्ञापन आएगा। वनपाल के 188 और कारा चालक के 81 पदों के लिए अप्रैल माह में विज्ञापन जारी होंगे।

सिपाही और चालक सिपाही के विभिन्न पदों के लिए मार्च में शारीरिक दक्षता परीक्षा संपन्न होगी। चलंत दस्ता सिपाही, मद्य निषेध सिपाही और कक्षपाल के लिए लिखित परीक्षा जून में होगी।

इसके लिए अक्टूबर-नवंबर में शारीरिक दक्षता परीक्षा और दिसंबर तक परिणाम प्रकाशन होगा।

एलटी ग्रेड : अंग्रेजी और जीव विज्ञान का (प्रा.) का परिणाम घोषित, 9954 अभ्यर्थी हुए सफल

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को प्रशिक्षित स्नातक सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) की प्रारंभिक परीक्षा-2025 की अंग्रेजी और जीव विज्ञान का परीक्षा परिणाम घोषित किया।

इसमें दोनों विषयों में संयुक्त रूप से कुल 9954 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इसमें अंग्रेजी में 7165 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। 18 जनवरी को आयोजित परीक्षा में 1,11,264 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 59,530 परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें कई श्रेणियों में रिक्तियों के सापेक्ष 15 गुना अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो सके। वहीं, एलटी ग्रेड जीव विज्ञान में 2789 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। इसमें पुरुष शाखा के 185 पदों व महिला शाखा के 29 पदों तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के विशिष्ट अध्यापक (स्पर्श दृष्टि बाधित विद्यालय) के चार पदों, विशिष्ट अध्यापक (संकेत मूक बधिर विद्यालय) के तीन एवं विशिष्ट अध्यापक (शारीरिक रूप से अक्षम) के एक पदों पर चयन के लिए प्रारंभिक परीक्षा 17 जनवरी को आयोजित की गई थी। 

रेलवे में 19884 बैकलाग पदों पर होगी सीधी भर्ती

प्रयागराज। रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे आरक्षित वर्ग के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांगजन श्रेणी के खाली पड़े हजारों बैकलाग पदों को भरने के लिए विशेष अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे कुल 19884 पदों पर नियुक्तियां करेगा।

एससी-ओबीसी श्रेणी के लिए ज्यादा मौके

क्या है बैकलाग भर्ती ?

यदि किसी भर्ती सत्र में आरक्षित श्रेणी के योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाते हैं तो उन पदों को खत्म नहीं किया जाता। इन्हें बैकलाग के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। अगले भर्ती चक्र में प्राथमिकता के आधार पर भरा जाता है।

रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) के माध्यम से होने वाली इस भर्ती में अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षित पदों की संख्या अधिक है। एक जनवरी 2026 तक रेलवे ने पिछले चक्रों के 18,121 आरक्षित और 482 दिव्यांगजन पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली हैं। इसमें ओबीसी वर्ग के सबसे ज्यादा 10,186 पद भरे गए हैं। 

बीपीएससीः 173 सिविल जज की बहाली को आवेदन 18 मार्च तक

पटना। बीपीएससी ने 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2026 के तहत सिविल जज (जेडी) के 173 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए सोमवार को विज्ञापन जारी कर दिया।

ऑनलाइन आवेदन 25 फरवरी से शुरू होगा, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 18 मार्च है। विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन संबंधी दिशा-निर्देश वेबसाइट www.bpsc.bihar.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त बिहार अधीनस्थ सेवा (न्याय शाखा) भर्ती नियमावली, 1955 के तहत 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए लागू रहेगा। अभ्यर्थी वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत निर्देशों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कोटिवार पदों का विवरणअनारक्षित वर्ग 69 पद (महिलाओं के लिए 25 पद) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग 17 पद (5 पद महिलाओं के लिए) अनुसूचित जाति 28 पद (11 पद महिलाओं के लिए) अनुसूचित जनजाति - 2 पद (1 पद महिलाओं के लिए) अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36 पद (12 पद महिलाओं के लिए) पिछड़ा वर्ग 21 पद (7 पद महिलाओं के लिए) कुल पद- 173 (महिलाओं के लिए 61 पद आरक्षित)।

वायरलेस सिपाही के 993 पदों पर होगी नियुक्ति

पटना। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने राज्य में सिपाही (वायरलेस) के 993 पदों पर बहाली निकाली है। इन पदों के लिए एक मार्च से 31 मार्च तक पर्षद की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन लिये जायेंगे। जानकारी के मुताबिक इस पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडियट (विज्ञान) है। भौतिकी, रसायन और गणित विषयों में न्यूनतम 50 फीसदी और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 45 फीसदी अंक के साथ उतीर्ण होना अनिवार्य होगा। पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित की जायेगी।

गंदी लिखावट भी समझकर नंबर देगा डिजिटल परीक्षक

नई दिल्ली। अब बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जांच की जाएंगी। डिजिटल मूल्यांकन में शुद्धता 95 फीसदी तो शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन में यह 92 फीसदी है। यानी एआई से जांच में गलती न के बराबर होगी। सीबीएसई बोर्ड ने इसी बार की 10वीं बोर्ड परीक्षा का डिजिटल मूल्यांकन करवाने की घोषणा की है।

आईआईटी, एनआईटी, समेत कई शिक्षण संस्थान लागू करने से पहले छोटे-छोटे ग्रुप में परीक्षाओं के डिजिटल मूल्यांकन की परख कर रहे हैं। आईआईआईटी बंगलूरू ने लागू कर दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) भी जेईई मेन, नीट, सीयूईटी समेत अन्य राष्ट्रीय दाखिला व अन्य परीक्षाओं का डिजिटल मूल्यांकन कर रहा है।

अब तक विश्वविद्यालय के अपने कंप्यूटर सिस्टम से परिणाम तैयार किए जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत

66 वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को प्राप्त हुए क्रेडिट की जानकारी अब एबीसी आईडी से, ऑनलाइन, ऑफलाइन के साथ ही समर्थ पोर्टल पर भी उपलब्ध होगी।

प्रो. जया कपूर, पीआरओ, इविवि

रिजल्ट डेटा प्रबंधन की जिम्मेदारी समर्थ पोर्टल को सौंपी गई है। विवि और संबद्ध कॉलेजों के लगभग 40 हजार परिणाम प्रतिवर्ष तैयार होते हैं। इतने बड़े स्तर पर डेटा को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक प्रभावी माना जा रहा है। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को भविष्य में अंकपत्र, प्रमाणपत्र या अन्य शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इसका मकसद गलतियों को पकड़ना और सही उत्तर पर अंक देना है।

पिछले दिनों दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एआई से शिक्षा में बदलाव दिखा। स्कूल और उच्च शिक्षा में मानवीय हस्तक्षेप से इतर डिजिटल मूल्यांकन को लागू करने की तैयारी चल रही है। सीबीएसई बोर्ड के बाद देशभर में डिजिटल मूल्यांकन पर बहस छिड़ गई है। एआई के दौर में एक वर्ग ने इसे शिक्षकों की नौकरी को खतरा बताया तो दूसरे वर्ग ने इसे सराहा है। एआई गंदी लिखावट को भी अच्छे से समझ सकता है : कोडकेंद्रा के प्रमुख तोमेश जैन ने बताया कि उन्होंने डिजिटल मूल्यांकन की तकनीक ईजाद की है। इससे छात्रों को सबसे अधिक लाभहोगा। पहले जिन छात्रों को लिखावट साफ और अच्छी होती थी, उन्हें बिना किसी दिक्कत के अच्छे अंक मिल जाते थे। मगर, जिन छात्रों की लिखावट अच्छी नहीं होती थी, अधिकतर शिक्षकों को उनका उत्तर समझ नहीं आता था। इस कारण उनके अंक कट जाते थे।

सीबीएसई इस बार से 10वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का कराएगा डिजिटल मूल्यांकन दो प्रकार से होगा मूल्यांकन पहला डिजिटल मूल्यांकन और उसके बाद शिक्षक भी उसकी जांच कर सकेंगे। शिक्षक की जांच के बाद फिर एआई से मूल्यांकन होगा। शिक्षक द्वारा नंबर काटने पर एआई उस गलती को हाईलाइट कर सवाल उठा सकता है कि नंबर गलत तरीके से काटे गए हैं। मूल्यांकन ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा और ऑफलाइन यानी कागज-पेन पर लिखे गए उत्तरपुस्तिका दोनों का संभव है

रुपये-डॉलर विनिमय दर कैसे तय होती है, बताएं

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में पीसीएस-2024 के साक्षात्कार का दूसरा बैच सोमवार से प्रारंभ हुआ। अभ्यर्थियों के अनुसार, साक्षात्कार में समसामयिक घटनाओं, अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक निर्णय, इतिहास और व्यक्तित्व विकास से जुड़े प्रश्न पूछे गए। एक अभ्यर्थी से साइबर फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों द्वारा उठाए जा सकने वाले कदमों पर राय मांगी गई। वहीं रुपये-डॉलर विनिमय दर कैसे तय होती है, मौद्रिक भ्रष्टाचार के प्रकार क्या हैं, जैसे प्रश्न भी पूछे गए।

आयोग गठित 12 पैनलों के माध्यम से पहले दिन 120 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया गया। हर पैनल में 10 अभ्यर्थी शामिल किए गए हैं। आयोग के अनुसार, छह पैनल सुबह 9:30 बजे से और छह पैनल दोपहर दो बजे से साक्षात्कार ले रहे हैं। कुल 2,719 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू प्रस्तावित है, जिनमें से अब तक लगभग 800 से अधिक अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हो चुका है।

एक पैनल में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों पर चर्चा करते हुए पूछा गया कि यदि अभ्यर्थी एसडीएम हों तो वे इस समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाएंगे। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी से पूछा गया कि उनकी तकनीकी शिक्षा प्रशासन में किस प्रकार उपयोगी होगी।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े सामान्य ज्ञान के पूछे गए प्रश्न : साक्षात्कार में भारतीय कंपनियों के विदेशी विनिर्माण, इलेक्ट्रिक बस निर्माण करने वाली कंपनियों तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी शामिल रहे। इतिहास से जुड़े प्रश्नों में गुलाम वंश। के शासकों और उनके कार्यों, कुतुब वंश की विशेषताओं, आगरा एवं दिल्ली के लाल किलों के निर्माणकर्ता, फतेहपुर सीकरी तथा दार्शनिक-राजनेता सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में जानकारी पूछी गई

संविधान और शासन व्यवस्था पर फोकस

संविधान से संबंधित प्रश्नों में 'गणतंत्र (रिपब्लिक)' का अर्थ, राष्ट्रपति की शक्तियां, संविधान संशोधन की प्रक्रिया, मंत्री परिषद को सलाह देने वाली संस्था, राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया आदि विषय शामिल रहे। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि यदि उन्हें मदन मोहन मालवीय पर भाषण देना हो तो वे किन बिंदुओं को प्रमुखता देंगे। वहीं प्रशासनिक सेवा में प्राथमिकता, विवेकाधीन शक्तियों के प्रयोग और जनहित में लिए जाने वाले निर्णयों पर भी सवाल पूछे गए।

विश्लेषणात्मक प्रश्न भी पूछे गए

कुछ पैनलों में अभ्यर्थियों से उनके सर्वश्रेष्ठ अनुभव, सेवा में प्राथमिकता और राजनीति और प्रशासन के अंतर पर विचार रखने को कहा गया। चेयरमैन द्वारा एक कंपनी में कार्य के दौरान आत्महत्या की घटना के कारणों पर विश्लेषणात्मक प्रश्न भी पूछा गया। कुल मिलाकर साक्षात्कार प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की बौद्धिक क्षमता, समसामयिक समझ, प्रशासनिक दृष्टिकोण और व्यक्तित्व का समग्र मूल्यांकन किया जा रहा है।

नकल कराने में शिक्षक-केंद्र व्यवस्थापक फंसे

प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान नकल कराने पर शिक्षक और केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। निरीक्षण के दौरान कक्ष निरीक्षक के पास से सात पन्ने का सॉल्व पेपर मिला है।

जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह ने बताया कि कड़ेदीन सिंह स्मारक इंटर कॉलेज मदारी मऊआइमा में सोमवार को द्वितीय पाली में इंटर गणित और जीव विज्ञान की परीक्षा में औचक निरीक्षण के दौरान कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात वेद व्यास मिश्र नकल करवाते पाए गए। वह प्रश्नों का उत्तर लिखकर परीक्षार्थियों को बोलकर लिखवा रहे थे। नकल करवाने में लिप्त पाए जाने पर वेद व्यास मिश्र और परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक बृजराज के विरुद्ध थाना मऊआइमा में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण)

अधिनियम 2024 के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई। इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में 4590 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

अनुपस्थित रहे 2,60,535 परीक्षार्थी

प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान सोमवार को पहली पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी और इंटर व्यावसायिक वर्ग की परीक्षा 8033 केंद्रों पर कराई गई। हाईस्कूल में 2676471, जबकि इंटर में 32549 पंजीकृत कुल 2709020 परीक्षार्थियों में से 25,40,281 उपस्थित व 1,68,739 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 7811 केंद्रों पर हाईस्कूल ट्रेड विषयों जबकि इंटर गणित व जीव विज्ञान में पंजीकृत कुल 1614632 परीक्षार्थियों में से 1522836 उपस्थित व 91,796 अनुपस्थित रहे।

भ्रामक खबरों पर सख्त

प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर सोशल मीडिया खासतौर से यूट्यूब पर फर्जी और भ्रामक खबरें फैलाने वाले चैनलों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) एलआर कुमार ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है।

यूपी बोर्ड की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) ने पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट को बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के प्रश्नपत्र वायरल होने जैसी झूठी खबरें फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों के विरुद्ध संसगत धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एसटीएफ और सोशल मीडिया सेल एवं साइबर क्राइम को ऐसे तत्वों पर निरंतर निगरानी रखने तथा ऐसे यूट्यूब चैनलों पर भ्रामक प्रसारित खबरों का खण्डन कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

अनधिकृत प्रकाशकों की याचिका खारिज, अब सख्ती

प्रयागराज। यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले ही अनधिकृत प्रकाशकों ने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है। कुछ अनधिकृतप्रकाशक एनसीईआरटी के नाम पर अपनी अनधिकृत पुस्तकें छात्र-छात्राओं को भ्रमित करके बेचने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ अनधिकृत प्रकाशक भ्रामक सूचना फैला रहे हैं कि यूपी बोर्ड के स्कूलों में किसी भी प्रकार की पाठ्यपुस्तकें पढ़ायी जा सकती हैं जो कि सही नहीं है। ऐसे में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने फिर से कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सचिव का कहना है कि आठ जनवरी को विज्ञप्ति में ही स्पष्ट कर दिया गया था कि सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्त पोषित स्कूलों में अधिकृत प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकों के अलावा अन्य कोई भी पाठ्यपुस्तक नहीं चलेगी एनसीईआरटी की अधिकृत किताबों से ही स्कूलों में होगी पढ़ाई भ्रम फैला रहे अनधिकृत प्रकाशकों को यूपी बोर्ड ने दी चेतावनी विद्यार्थियों को अधिक मूल्य, अनधिकृत पाठ्य पुस्तकें, गाइड बुक इत्यादि खरीदने या पढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

इसके खिलाफ दायर प्रकाशकों की याचिकाएं भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट में पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकें निर्धारित करने का अधिकार यूपी बोर्ड को है। यदि कोई अनधिकृत प्रकाशक किसी संबंधित कानून का उल्लंघन करते हुए पाया ज जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है।

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