69000 शिक्षक भर्ती : नियुक्ति की मांग

अभ्यर्थियों ने घेरा शिक्षा निदेशालय
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय घेर लिया। बेसिक शिक्षा निदेशक से मिले आश्वासन के बाद भी असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने धरना जारी रखा। बाद में पुलिस ने धरना दे रहे अभ्यर्थियों को बस से ईको गार्डेन पहुंचाया।
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने 19 मार्च को होने वाली सुनवाई में प्रदेश सरकार की तरफ से प्रभावी पैरवी की मांग की। अभ्यर्थियों की तरफ से धनंजय गुप्ता ने कहा कि सरकार खुद ही जाकर नई डेट ले आती है। ऐसे में उन्हें अधिकारियों पर भरोसा नहीं है। धरने में राज बहादुर, हसीन, अनूप गुप्ता, बृजेश सिंह, श्यामलता सिंह शामिल थे। वहीं, पिछडा दलित संयुक्त मोर्चा की बैठक में अभ्यर्थियों ने फिर से याची लाभ देने की मांग उठाई। शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ ही 29334 गणित-विज्ञान भर्ती के अभ्यर्थी भी सोमवार को धरना देने पहुंचे।
इसलिए आक्रोश : 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के 6800 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभ्यर्थी लगातार नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
टीईटी अनिवार्यता का विरोध, शिक्षकों ने पीएम, सीएम को लिखी पाती
लखनऊ। बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने सोमवार से पाती लिखने का अभियान चलाया। इसके तहत उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, नेता प्रतिपक्ष व मुख्यमंत्री यूपी को पोस्टकार्ड व ई-मेल भेजकर टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। अभियान 15 मार्च तक चलेगा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (एआईजेटीएफ) के संयोजन में अभ्यर्थियों ने अभियान में शिरकत की शॉकः सिपाही भर्ती-2004 का नहीं बदलेगा परिणाम
पटना। सिपाही बहाली को लेकर 2004 में निकाली गयी तीन भर्तियों के परीक्षा परिणाम में कोई बदलाव नहीं होगा। इन तीन विज्ञापन के माध्यम से 10474 पदों पर भर्तियां निकाली गयी थी, जिसके मुकाबले कुल 9113 अभ्यर्थी बहाल हुए थे।
शेष रिक्त 1361 पदों को योग्य अभ्यर्थियों से भरे जाने की मांग को लेकर असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अब इस मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में असंतुष्ट अभ्यर्थियों के आवेदन को स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए अस्वीकार करने का आदेश जारी किया है। बिहार पुलिस के आईजी (मुख्यालय) के आदेश के मुताबिक विज्ञापन संख्या 1/2004, 2/2004 और 3/2004 के अंतर्गत विज्ञापित 10474 पदों के मुकाबले 1361 पद रिक्त रह गए थे। इनमें कटिहार रेल जिला में 51 पद और मंत्रिमंडल निगरानी में छह पद को लेकर कोई आवेदन नहीं
∎ कोर्ट के आदेश के आलोक में असंतुष्ट अभ्यर्थियों का दावा किया खारिज
तीन परीक्षाओं में 10474 पद पर निकले विज्ञापन, 9113 की हुई थी बहाली मिला, जिससे इन पदों पर कोई नियुक्ति नहीं हो सकी। 797 पदों को कैरी फॉरवर्ड करते हुए 2009 में निकाले गए विज्ञापन के साथ सम्मिलित कर प्रकाशित किया गया था। शेष रिक्त रहे 507 पदों को 2011 में उच्च न्यायालय के निर्देश पर भरने की कार्रवाई की गयी। उसके बाद इन तीनों विज्ञापन के अंतर्गत कोई रिक्ति शेष नहीं रह गयी है। मुख्यालय ने बताया है कि उक्त वाद में पटना हाईकोर्ट ने जनवरी 2026 में बिहार सरकार के दाखिल हलफनामे को स्वीकृत करते हुए दायर वाद को खारिज कर दिया था। साथ ही याचिकाकर्ताओं के सभी लंबित आवेदनों को भी निरस्त कर दिया।
भर्ती परीक्षा के अंक गुप्त नहीं, आरटीआई में बताएं
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में प्राप्त अंक गोपनीय जानकारी नहीं माने जा सकते। इसलिए यदि परीक्षा में शामिल कोई अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत दूसरे अभ्यर्थियों के अंक की जानकारी मांगता है, तो इसके लिए तीसरे पक्ष की सहमति आवश्यक नहीं है। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा में प्राप्त अंक निजी गोपनीय जानकारी की श्रेणी में नहीं आते।
मामला रेलवे में विधि सहायक पद के लिए आयोजित परीक्षा से जुड़ा था। वर्ष 2008 में एक अभ्यर्थी ने सूचना का अधिकार कानून के तहत अपने और दो अन्य अभ्यर्थियों के अंक तथा उत्तरपुस्तिकाओं की जानकारी मांगी थी। विभाग ने अंक उपलब्ध नहीं कराए, लेकिन याची को किसी भी दिन उत्तरपुस्तिकाओं का अवलोकन करने की अनुमति दी। इस आदेश के खिलाफ केंद्रीय सूचना आयोग में अपील की गई, जहां आयोग ने याची को उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां देने का निर्देश दिया। इसके बाद वाराणसी स्थित डीजल लोकोमोटिव वर्क्स के महाप्रबंधक ने उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां देने के निर्देश के खिलाफ हाईकोर्ट ने कहा, तीसरे पक्ष की अनुमति लेना जरूरी नहीं
पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने कहा कि आरटीआई कानून के तहत ऐसी निजी जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता, जो किसी सार्वजनिक गतिविधि या सार्वजनिक हित से संबंधित न हो और जिससे किसी की निजता का अनावश्यक हनन हो।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परीक्षा में प्राप्त अंक सार्वजनिक गतिविधि से जुड़े होते हैं और इन्हें साझा करने से किसी की निजता का उल्लंघन नहीं होता। अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में जांच लंबित हो तो उस अवधि तक जानकारी रोकी जा सकती है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में अंक बताने से इंकार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी दूसरे अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी मांगना अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता, क्योंकि उत्तरपुस्तिकाओं में परीक्षक के हस्ताक्षर या अन्य ऐसी जानकारी हो सकती है जो सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।
पीसीएस : क्या गंगा में नहाने से पाप धुल जाते हैं
पीसीएस 2024 के फिर शुरू हुए साक्षात्कार
प्रयागराज। पीसीएस परीक्षा-2024 के इंटरव्यू में सोमवार को परिस्थिति आधारित सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया। एक अभ्यर्थी से सवाल किया गया, 'क्या गंगा में नहाने से पाप धुल जाते हैं?' ऐसे सवालों के जवाब में अभ्यर्थियों की तर्कशक्ति, उनकी योग्यता व हाजिरजवाबी को परखा गया। वहीं, होली के बाद सोमवार से साक्षात्कार की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। एक अभ्यर्थी से सवाल किया गया कि एक किसान के दो बच्चे हैं। बेटा छोटा और बेटी बड़ी है। बेटा काफी होनहार लेकिन किसान किसी एक को ही पढ़ा सकता है, वह किसे पढ़ाएगा?
एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि सरकारी स्कूल के बगल में एक निजी विद्यालय भी है। सरकारी स्कूल के मुकाबले निजी विद्यालय की फीस अधिक है, इसके बावजूद निजी
मार्च के अंत में चयन परिणाम संभावित : पीसीएस-2024 के तहत 947 पदों पर भर्ती होनी है। 20 मार्च को साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग मार्च के आखिरी हफ्ते में चयन परिणाम जारी कर सकता है।
विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत काफी अधिक है। ऐसा क्यों है और सुधार के लिए क्या करना चाहिए? एक अभ्यर्थी से पूछा कि आपमें ऐसा कौन सा गुण है जिसके बारे में बताना चाहेंगे, यह भी बताएं कि शिक्षा की बेहतरी के लिए उसका उपयोग कैसे करेंगे। एक अभ्यर्थी से व्यावहारिक व नैतिक मूल्यांकन के बारे में सवाल किया गया। कुछ सवाल समसामयिक घटनाओं से जुड़े रहे। जैसे, ईरान पर हमले के कारण भारत आर्थिक रूप से कैसे प्रभावित हो रहा है?
कोच-कप्तान आईपीएल में समझ गए थे एक-दूसरे की मानसिकता
अहमदाबाद। कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टी-20 विश्वकप जीतने के बाद मीडिया से बात कर बताया कि हमने व्यक्तिगत हितों के बजाय टीम की सफलता को सबसे ऊपर रखा।
कप्तान सूर्यकुमार ने कहा, मैंने गंभीर के साथ आईपीएल में चार साल तक काफी समय बिताया। इससे हमें एक-दूसरे की मानसिकता को समझने में मदद मिली। सूर्यकुमार ने गंभीर के साथ केकेआर की ओर से 2014 से 2018 तक खेला। सूर्यकुमार ने बताया कि दो कदम गौतम भाई और दो कदम मैं आगे बढ़ा। इससे बीच का रास्ता निकल आया। 2024 का विश्वकप जीतने के बाद गंभीर को भारतीय टीम का कोच और सूर्यकुमार को कप्तानी मिली। इसके बाद टीम चयन से लेकर खेलने की शैली समेत अन्य निर्णयों में कोच और कप्तान की अहम भूमिका रही। कोच गंभीर ने कहा, हमने तय कर लिया था कि बेखौफ होकर खेलेंगे, भले ही टीम जल्द आउट क्यों न हो जाए। आज उसी का नतीजा है कि हम ढाई सौ पार तक के स्कोर कर पाए। गंभीर ने इस सफलता को पूर्व कोच राहुल द्रविड़, बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के प्रभारी वीवीएस लक्ष्मण और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर समेत समस्त हितधारकों को समर्पित किया। टी-20 विश्वकप के न भूलने वाले क्षण सूर्य की पारी : यह भारत का विश्वकप में पहला मैच था। 77 रन पर छह विकेट गिरने के बावजूद सूर्य ने 49 गेंद में नाबाद 84 रन बनाकर भारत को जिताया।
ईशान का पाकिस्तान के खिलाफ धमाल : ईशान ने पाकिस्तान के खिलाफ धीमी पिच पर 40 गेंद में 77 रन बनाए पाकिस्तानी कोच हेसन ने भी माना ईशान की पारी ने उनसे मैच छीन लिया।
सेमीफाइनल में अक्षर का कैच: सेमीफाइनल में अक्षर पटेल ने हैरी बुक का पीछे दौड़ते हुए कैच लिया और विल जैक्स के कैच में अहम योगदान दिया। इन दोनों कैचों ने इंग्लैंड से मैच छीन लिया।
सैमसन के अर्धशतक की हैट्रिक : टीम से बाहर रहने के बाद बतौर ओपनर वापस आए संजू सैमसन ने पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97, फिर इंग्लैंड के खिलाफ 89, फाइनल में न्यूजीलैंड के विरुद्ध 89 रन की मैच विजेता पारियां खेलीं।
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