स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती में एक सीट पर 565 दावेदार

221 रिक्त पदों के लिए 1.24 लाख अभ्यार्थियों ने किए आवेदन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के रिक्त 221 पदों के लिए 22 दिसंबर से 22 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इस दौरान 1,24,806 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं, यानी एक पद पर करीब 565 उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं। यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से अभ्यर्थी अश्वनी शुक्ला को दी गई है।
भर्ती में शामिल अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र या अन्य सामाजिक विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर (मास्टर) डिग्री होना अनिवार्य है। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत समाजशास्त्र, मानव विज्ञान, मनोविज्ञान, सामाजिक मनोविज्ञान, राजनीति विज्ञान, भूगोल, इतिहास और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा अधिमानी अर्हताओं में प्रसार कार्य का अनुभव, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण, प्रादेशिक सेना में कम से कम दो वर्ष की सेवा या राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का बी प्रमाणपत्र शामिल किया गया है। आयोग के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार भर्ती की स्क्रीनिंग परीक्षा चार अक्तूबर को प्रस्तावित है। ब्यूरो आयोग ने जारी नहीं किया पाठ्यक्रमः अभ्यर्थियों ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2005 में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की भर्ती निकली थी। इस भर्ती की आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी पाठ्यक्रम जारी नहीं किया गया है। जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पाठ्यक्रम के अभाव में वे अपनी तैयारी को सही दिशा नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने आयोग से विस्तृत और अद्यतन पाठ्यक्रम आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करने की मांग की है
बेसिक शिक्षा विभाग की किताबों के प्रकाशन को लेकर होगा मंथन
प्रयागराज। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से होनी - है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की पुस्तकों का प्रकाशन अभी तक नहीं हो सका है। जबकि माध्यमिक स्तर की पुस्तकों का प्रकाशन पूरा हो चुका है। ऐसे में किताबों के प्रकाशन को लेकर सोमवार को लखनऊ में होने वाली बैठक में विभागीय अफसर मंथन करेंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अधिकृत पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता और अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर बैठक बुलाई गई है। बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी, यूपी बोर्ड के सचिव और प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत ही परिषद के स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों और शैक्षिक सामग्री के निर्माण और प्रकाशन का प्रावधान है। परिषद की ओर से शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा नौ, 10, 11 और 12 के 36 विषयों के लिए एनसीईआरटी, नई दिल्ली की 70 पाठ्य पुस्तकों को अंगीकृत किया गया है।
यूपी बोर्ड के सचिव ने सभी केंद्रों के उपनियंत्रक को भेजे निर्देश
मूल्यांकन में 2% गलती तो 3 साल के लिए डिबार
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू हो रहा है। कॉपियों के मूल्यांकन में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए, इसके लिए बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी 250 केंद्रों के उपनियंत्रकों (प्रधानाचार्यों) को सख्त निर्देश दिए हैं। मूल्यांकन के लिए भेजे निर्देश में लिखा है कि मूल्यांकन में दो प्रतिशत तक त्रुटि पाए जाने पर परीक्षक के मानदेय में से 85 प्रतिशत की कटौती की जाएगी तथा संबंधित परीक्षक को तीन वर्ष के लिए डिबार कर दिया जाएगा। एक प्रतिशत तक त्रुटि मिलने पर मानदेय में 50 प्रतिशत की कटौती होगी तथा दशमलव पांच प्रतिशत तक त्रुटि होने पर 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
अंकेक्षण (दोबारा जांच) के बाद भी यदि किसी उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में त्रुटि पाई जाएगी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अंकेक्षक की होगा।
कॉपी जांचने या अंकेक्षण में लापरवाही पर बोर्ड के नियम/विनियम एवं उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के नियमानुसार संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। अंकेक्षक की व्यवस्था का उद्देश्य है कि मूल्यांकन कार्य शुद्ध और त्रुटिविहीन हो तथा त्रुटि/लापरवाही के कारण छात्रों के साथ अन्याय न हो। अंक सावधानी पूर्वक चढ़ाए जाएं क्योंकि कटिंग होने पर कम्प्यूटर अंक स्वीकार नहीं करेगा और परीक्षार्थी का परीक्षाफल अपूर्ण रह जाएगा।
विज्ञान-सोशल की कॉपियों का पैनल मूल्यांकन हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं का पैनल मूल्यांकन होगा। सामाजिक विज्ञान के प्रथम खंड को इतिहास एवं राजनीति शास्त्र के साथ स्नातक प्रशिक्षित तथा द्वितीय खंड अर्थशास्त्र एवं भूगोल के साथ स्नातक प्रशिक्षित योग्यताधारी परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रथम खंड को भौतिक विज्ञान के साथ बीएससी प्रशिक्षित स्नातक तथा द्वितीय एवं तृतीय खंड को रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान विषयों के साथ बीएससी प्रशिक्षित परीक्षक मूल्यांकन करेंगे
विवादित प्रश्न पर सीएम सख्त... जाति पंथ पर अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं
लखनऊ। प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में पूछे गए विवादित प्रश्न के प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी भर्ती बोर्ड के अध्यक्षों को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ, संप्रदाय की मर्यादा एवं आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
सीएम ने भर्ती बोर्ड के अध्यक्षों को सभी पेपर सेटर्स को इस बाबत विशेष सावधानी बरतने के निर्देश देने को कहा। साथ ही आदतन ऐसी हरकतें करने वालों को तत्काल प्रतिबंधित करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी पेपर सेंटर्स के साथ परीक्षा से संबंधित एमओयू करने के दौरान इस बाबत शर्त भी जोड़ी जाए। >> पुलिस भर्ती बोर्ड
करेगा जांच लखनऊ/ चित्तौड़गढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से जातिवाद फैलाने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को दरकाया, इसलिए देश कमजोर हुआ। जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है।
बांटने की राजनीति फिर से हम सबको गुलामी की तरफ धकेल रही है। इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा। सीएम रविवार को चित्तौड़गढ़ के ईनाणी सिटी सेंटर में जौहर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे।
नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता : योगी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। उनका आह्वान भारत की अस्मिता, आजादी और नौजवानों के लिए था। जापान, सिंगापुर, पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार में उनके योगदान का स्मारक हमारा आह्वान करता है।
एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग 88 से घटकर हुई 77 लाख, पेट्रोल-डीजल में आत्मनिर्भर
नई दिल्ली। देश में सिलिंडर को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी अफरा-तफरी के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। एलपीजी सिलिंडर बुकिंग 88.8 लाख से घटकर 77 लाख रह गई है, जो स्थिति में सुधार का संकेत है। सरकार ने दोहराया कि देशभर में पेट्रोल, डीजल या खाना पकाने की गैस की कोई कमी नहीं है। पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। सरकार ने लोगों को सलाह भी दी कि वे घबराहट में खरीदारी न करें।
पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों के प्रभाव पर दैनिक अपडेट में सरकार ने कहा कि ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 84 से बढ़कर लगभग 87 फीसदी हो गई है। यह तेल कंपनियों के उस अभियान का असर है, जिसमें डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दिया गया और लोगों को घबराहट में एलपीजी डीलरों के बाहर लंबी कतारों में लगने से रोका गया। सरकार ने रविवार को एक बयान में कहा, हमारे सभी तेल शोधन कारखाने पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार बनाए हुए हैं। हमारा देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल के आयात की आवश्यकता नहीं है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी का कोई मामला सामने नहीं आया है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।
दैनिक अपडेट में सरकार ने कहा, एलपीजी की बुकिंग में गिरावट देखी गई है। 14 मार्च को लगभग 77 लाख बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि एक दिन पहले यह 88.8 लाख दर्ज की गई थी। ऑनलाइन एलपीजी सिलिंडर बुकिंग में 84 से बढ़कर लगभग 87% की वृद्धि हुई है।
सरकार ने कहा, बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी किए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों को प्राथमिकता के आधार पर वितरण के लिए राज्य सरकारों के पास रखा गया है। अब ये 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हैं।
नियंत्रण कक्ष स्थापित, वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की अनुमति 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। एलपीजी की आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए आतिथ्य और रेस्तरां सहित कुछ क्षेत्रों में केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने की अनुमति दे दी गई है।
कालाबाजारी रोकने के लिए किए जा रहे उपाय सरकार ने यह भी बताया कि राज्य सरकारें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रवर्तन उपाय कर रही हैं। एलपीजी सिलिंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए आंध्र प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित सरकार ने कहा कि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय किए गए हैं। सुचारु समुद्री संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जहाजरानी अधिकारियों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई भी जहाज संबंधी घटना सामने नहीं आई है।
दूसरे दिन 6079 अभ्यर्थियों ने छोड़ दी दरोगा भर्ती परीक्षा
जिले के 43 केंद्रों पर दोनों पालियों में 26,880 अभ्यर्थियों को देनी थी परीक्षा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा रविवार को जिले के 43 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा के दूसरे दिन 6079 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी अंगूठी, कंगन, घड़ी उत्तरवाने के साथ ही बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही अभ्यार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
दो दिनों की चार पालियों में 53,760 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। हर पाली में 13,440 अभ्यर्थियों को परीक्षा देना थी। रविवार सुबह 10 से 12 बजे पहली पाली में 10,369 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 3071 ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि दोपहर तीन से शाम पांच बजे की दूसरी पाली में 10,432 अभ्यर्थी शामिल हुए। वहीं, 3008 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी है।
डीएम ने केंद्रों का लिया जायजा
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने परीक्षा केंद्र बनाए गए अग्रसेन इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज समेत अन्य विद्यालयों का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित सेक्टर मजिस्टेट, स्टेटिक मजिस्टेट समेत अन्य को सकुशल परीक्षा को संपन्न कराए जाने के निर्देश दिए
दूसरे दिन छह हजार अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
प्रयागराज। जिले के 43 केंद्रों पर यूपी पुलिस उपनिरीक्षक व समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा में रविवार को भी छह हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी जबकि, पहले दिन शनिवार को 6528 परीक्षार्थी अनुस्थित थे। दो दिनी परीक्षा में कुल 53,760 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 41,153 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 12607 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन ने दो पालियों में आयोजित परीक्षा के शांतिपूर्ण व नकलविहीन होने का दावा किया है। आलाधिकारियों ने रविवार को भी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी लिया।
दो दिवसीय परीक्षा के अंतिम दिन रविवार को कुल 26,880 पंजीकृत अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 20801 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 6528 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 13440 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 10369 ने परीक्षा दी और 3071 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 13440 में से 10432 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 3008 ने परीक्षा छोड़ दी। सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गेट पर ही सघन तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया। केंद्रों के अंदर सीसीटीवी कैमरों और बाहर ड्रोन के जरिए निगरानी की गई। सॉल्वर गैंग और नकल माफियाओं पर नजर रखने के लिए एसटीएफ और खुफिया विभाग भी सक्रिय रहा। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ अजयपाल शर्मा, डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य समेत अन्य अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा आज से, अभ्यर्थियों को मिलेगा पांच मिनट का अतिरिक्त समय
लखनऊ। उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी जिलों के 1090 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को आवश्यक निर्देश पढ़ने, उपस्थिति पत्रक भरने तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निर्धारित परीक्षा अवधि के अतिरिक्त पांच मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलों में प्रश्नपत्र पहुंचने
के बाद उन्हें डबल लॉक में सुरक्षित रखा गया है। शनिवार को परीक्षा शुरू होने से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, शुक्रवार से ही परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सॉल्वर गैंग और पेपर लीक गिरोहों पर एसटीएफ समेत सभी
सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके गृह जनपद के मंडल वाले जिले में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के आदेशानुसार प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट/जनपदों के परीक्षा केंद्रों एवं परीक्षा से संबंधित अन्य कार्यों में पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें 372 राजपत्रित अधिकारी, 2142 निरीक्षक, 7640 उप निरीक्षक, 8479 मुख्य आरक्षी, 12969 आरक्षी, 749 होमगार्ड की ड्यूटी लगी है। वहीं पीएसी की भी तैनाती की गई है।
4543 पदों पर होगी भर्ती
बोर्ड की ओर से 4543 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। भर्ती के लिए कुल 1575760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनमें 1166386 पुरुष और 409374 महिलाएं शामिल हैं। परीक्षा शनिवार और रविवार को दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।
स्टाफ नर्स भर्ती में 41 सफल 23 से अभिलेखों का सत्यापन
प्रयागराज। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग में स्टाफ नर्स एलोपैथ परीक्षा-2023 का परिणाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने जारी कर दिया है। पुरुष में सात महिला शाखा में 34 समेत 41 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। अभिलेखों का सत्यापन आयोग कार्यालय में 23 और 24 मार्च को होगा। आयोग के उप सचिव वीरेन्द्र मणि त्रिपाठी के अनुसार अभ्यर्थी अभिलेख सत्यापन के समय शैक्षिक अर्हताओं से संबंधित सभी अंकतालिकाओं/उपाधियों, अनुभव प्रमाण-पत्र आदिकी मूल प्रतियां साथ अवश्य लाएं।
कंप्यूटर सहायक भर्ती में टाइप टेस्ट के लिए 169 सफल
प्रयागराज। यूपी लोक सेवा आयोग में कंप्यूटर सहायक के 14 पदों पर भर्ती की प्रथम चरण की परीक्षा में 169 अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण की परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार परीक्षा वेबसाइट पर उपलब्ध है। द्वितीय चरण की परीक्षा के संबंध में सूचना अलग से जारी की जाएगी। परीक्षा परिणाम से संबंधित प्राप्तांक तथा श्रेणीवार कटऑफ अंक अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे।
आज और कल दो पाली में होगी परीक्षा, प्रशासन व पुलिस अलर्ट
43 केंद्रों में 53760 अभ्यर्थी देंगे भर्ती परीक्षा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की उपनिरीक्षक व समकक्ष पदों की शनिवार से दो दिवसीय भर्ती परीक्षा शुरू हो रही है। जिले में कुल 43 परीक्षा केंद्रों में 53760 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। दो पालियों में आयोजित परीक्षा को लेकर प्रशासन व पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खासकर सॉल्वर गैंग व नकल माफियाओं पर नकेल कसने के उद्देश्य से एसटीएफ व खुफिया विभाग को भी सक्रिय किया गया है।
जिले के परीक्षा केंद्रों में 14 व 15 मार्च को पहली पाली में सुबह दस से 12 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक परीक्षा होगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण, शुचितापूर्ण व नकलविहीन संपन्न कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर 50 प्रतिशत बाह्य कक्ष निरीक्षक व सहयोगी अंतरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। केंद्रों के अंदर से लेकर बाहर तक पुलिस की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग के लिए त्रिस्तरीय कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की व्यवस्था की गई है। खुफिया विभाग व एसटीएफ की टीम कोचिंग संस्थानों पर भी विशेष नजर रखे हुए है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने का निर्देश है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड समेत प्रमुख जगहों पर भी सुगम आवागमन के लिए अतिरिक्त पुलिस की तैनाती की गई है। अपर पुलिस आयुक्त डॉ अजयपाल शर्मा ने बताया कि नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सभी तैयारियां की गई है। संदिग्धों पर विशेष नजर रहेगी।
बीपीएससी से 45 हजार शिक्षकों की बहाली जल्द होगी : मुख्यमंत्रीस हरसा/खगड़िया, हिन्दुस्तान टीम। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बीपीएससी के माध्यम से जल्द ही 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली होगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा और खगड़िया में आयोजित जनसंवाद में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
मछली उत्पादन के क्षेत्र में बिहार आत्मनिर्भर हो गया है। किसानों की आय बढ़ी है। महिला सशक्तीकरण की मिसाल कायम की गई है। हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त में 125 यूनिट बिजली दी जा रही है। लगभग 50 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने की स्वीकृति दी गयी है। अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। 430 नई योजनाओं को स्वीकृति दी गयी है, सभी जिलों में इसका काम भी शुरू हो चुका है। बिहार में कोई कमी न रहे, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार में घूम-घूमकर भरपूर मदद दे रहे हैं। सभी जिलों में आद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है। बड़े उद्योग की स्थापना के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है।
पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा। मखाना के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। हर जिले के सभी प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने का काम किया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण करदोलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। शहरों का विकास होगा और नए नियोजित शहरों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सहरसा के शाहपुर में 512 करोड़ 65 लाख 5 हजार 391 राशि की 125 योजनाओं का उद्घटान, शिलान्यास और कार्य आरंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा में की गई घोषणा के बाद हो रहे ओवरब्रिज निर्माण का डीबी रोड पहुंचकर निरीक्षण किया। वहीं स्टेडियम में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।
दो करोड़ 70 लाख महिलाओं को दिए गए 10-10 हजार रुपए
नीतीश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत महिला सशक्तीकरण के लिए प्रदेश की दो करोड़ 70 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए गए हैं। बढ़िया काम करने पर और दो लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पहला राज्य है जहां बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस में हैं। वर्ष 2013 में पहली बार पुलिस में महिलाओं को आरक्षण दिया गया। इसके बाद वर्ष 2016 में सभी सरकारी नौकरी में आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया। वही वर्ष 2006 में पहली बार पंचायती राज में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया।
अब तक चार चुनाव हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति औसत आय दोगुनी की जाएगी। सभा को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी आदि ने संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शहर के बाइपास सड़क का निरीक्षण किया। वहीं कार्यक्रम स्थल पर 304 करोड़ की विकासपरक योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।
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