पीसीएस-2024 : टॉप छह बेटियां, इनमें चार यूपी की

रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी को दूसरा व अभय प्रताप सिंह को मिला तीसरा स्थान
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने रविवार आधी रात सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2024 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया। 947 पदों के मुकावले 932 पदों पर चयनित हुए अभ्यर्थियों में नेहा पांचाल शीर्ष पर हैं जबकि रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी को दूसरा व अभय प्रताप सिंह को तीसरा स्थान मिला।
शीर्ष 10 में छह बेटियां हैं और इनमें चार यूपी के विभिन्न जिलों से हैं। पीसीएस मुख्य परीक्षा का परिणाम चार फरवरी 2026 को जारी किया गया था। इसमें 2719 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया था
हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में दो अन्य अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार के लिए औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया था। साक्षात्कार 26 फरवरी से 23 मार्च तक आयोजित किए गए। इसमें 21 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा में शामिल 24 प्रकार के पदों/सेवाओं के लिए उपलब्ध 947 रिक्तियों के सापेक्ष 932 अभ्यर्थियों को आयोग ने सफल घोषित किया है। व्यवस्थाधिकारी का एक पद और व्यवस्थापक के 14 पद उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण खाली रह गए। इनके पुनर्विज्ञापन की आयोग ने संस्तुति की है। चयन परिणाम आयोग की वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in उपलब्ध है। पर
आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार, परीक्षा के आधार पर अंतिम रूप से सफल घोषित किए गए जिन अभ्यर्थियों के नाम के आगे 'PROV' अंकित हैं, उनसे अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित तिथि तक वांछित अभिलेख अवश्य प्रस्तुत कर दें, वरना आयोग उनका चयन/अभ्यर्थन निरस्त कर देगा। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और श्रेणीवार/पदवार कटऑफ अंकों की सूचना जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।
जौनपुर के होनहार जीविता राज बनी सब रजिस्ट्रार, पीसीएस परीक्षा में पाई सफलता

डॉ.दिनेश चंद की पुत्री ने बढ़ाया जिले का मान, क्षेत्र में खुशी की लहर
जौनपुर: जनपद जौनपुर के बक्शा क्षेत्र अंतर्गत डॉ.दिनेश चंद की पुत्री जीविता राज ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (PCS) परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए सब रजिस्ट्रार के पद पर चयन हासिल किया है। जीविता राज की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल व्याप्त है।
जीविता राज बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उच्च शिक्षा के दौरान सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह सफलता अर्जित की। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
जीविता के पिता अपनी पुत्री की इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि जीविता ने हमेशा अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी और कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।
परिवार में भी इस सफलता का खुशी का माहौल है। जीविता राज की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने भी जीविता को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। क्षेत्र के युवाओं में इस सफलता से नई ऊर्जा का संचार हुआ है और वे भी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित हो रहे हैं।
जीविता राज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और असफलताओं से घबराए बिना लगातार प्रयास करते रहें।
जीविता राज की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जौनपुर जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
947 में से 932 पदों पर हुआ अभ्यर्थियों का चयन, 15 पदों पर नहीं मिले उपयुक्त दावेदार
इन पदों पर हुआ चयन डिप्टी कलेक्टर 37, डिप्टी एसपी 17, असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) 196, असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर 16. ट्रेजरी ऑफिसर/एकाउंट ऑफिसर 22, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड दो, सुपरिटेंडेंट जेल एक, सहायक आयुक्त उद्योग 18, वर्क ऑफिसर 23, खंड विकास अधिकारी 72, जिला समाज कल्याण अधिकारी नौ, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पांच, वाणिज्य कर अधिकारी 142, जिला खाद्य विपणन अधिकारी दो, नायब तहसीलदार 258, डिप्टी जेलर 60, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी चार, उप निबंधक 40, सहायक संचालक/निदेशक उद्योग (हथकरघा) एक, सांख्यिकी अधिकारी, उत्तर प्रदेश कृषि सेवा ग्रेड-2, अनुभाग-सी (सांख्यिकी शाखा) तीन, मैनेजर (इस्टेट डिपार्टमेंट) दो, सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान (ग्रेड-II) एक।
प्रशासन और पुलिस की कमान संभालेंगी 28 बेटियां परिणाम ने साफ संदेश दिया है कि प्रदेश में अब प्रशासन व पुलिस की कमान बेटियों के हाथों में आने जा रही है। डिप्टी कलेक्टर के 37 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में से 21 बेटियां हैं और डिप्टी एसपी के 17 में से सात पदों पर बेटियों का चयन हुआ है।
प्रशासन व पुलिस की कमान संभालेंगी 28 बेटियां
डिप्टी कलेक्टर के 37 में से 21 और डिप्टी एसपी के 17 में से सात पदों पर बेटियां चयनित
प्रयागराज। पीसीएस-2024 के अंतिम चयन परिणाम ने साफ संदेश दिया है कि प्रदेश में अब प्रशासन और पुलिस की कमान बेटियों के हाथों में आने जा रही है। बड़ी बात है कि डिप्टी कलेक्टर के 37 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में से 21 बेटियां हैं और डिप्टी एसपी के 17 में से सात पदों पर बेटियों का चयन हुआ है। 932 पदों में से एक तिहाई पदों पर महिला अभ्यर्थी चयनित हुई हैं।
वहीं, असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) के 196 में से 76 पदों और एआरटीओ के 16 में से छह पदों पर महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसी तरह ट्रेजरी ऑफिसर के 22 पदों में से छह पदों की जिम्मेदारी बेटियां संभालेंगी और जिला कमांडेंट होमगार्ड के दो पदों में से एक पद पर महिला अभ्यर्थी का चयन किया गया है।
सहायक आयुक्त उद्योग के 18 पदों में से सात पर बेटियों ने सफलता हासिल की। वहीं, खंड विकास अधिकारी के पदों पर चयनित 72 में से 24 बेटियां हैं। जबकि समाज कल्याण अधिकारी के नौ में से तीन पदों पर महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। खास यह है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के एकमात्र पद पर महिला अभ्यर्थी गरिमा सिंह का चयन हुआ है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पांच में से तीन और जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी के चार में से तीन पदों पर महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
इनमें प्रिया शर्मा, साक्षी गुप्ता व एनाक्षी गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा नायब तहसीलदार के 258 पदों में से 67 पदों पर महिला अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया है। वहीं, डिप्टी जेल के 60 में से 16 पदों की कमान बेटियां संभालेंगी
संघर्ष, अनुशासन से अनन्या ने पाई सफलता
प्रयागराज। पीसीएस-2024 के अंतिम परिणाम में रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी ने दूसरा स्थान पाया है। उन्होंने संघर्ष, अनुशासन और निरंतर मेहनत से सफलता पाई है। रायबरेली के आनंद नगर की निवासी अनन्या के पिता सुशील कुमार त्रिवेदी एक जनरल स्टोर चलाते हैं, जबकि मां रेखा रानी सरकारी शिक्षक हैं। अनन्या ने मामा राजेश कुमार पांडेय (एडिशनल एसपी, कानपुर देहात) के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पहली बार में सफलता पाई है। अनन्या।
बीएचयू से की पढ़ाई: अनन्या ने प्रारंभिक शिक्षा रायबरेली से की। उन्होंने 2019 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से समाजशास्त्र (आनर्स) में स्नातक किया। इग्नू से परास्नातक किया। साथ ही नेट भी क्वालिफाई किया।
डिप्टी एसपी के पदों पर चयनित अभ्यर्थी नकुल उपाध्याय, अनिमेष अवस्थी, आकृति शुक्ला, स्वदेश शर्मा, गुरमन कौर गिल, तुल्सा त्रिवेदी, हर्ष कुमार सिंह, अदिति पुनेठा, अनुराग यादव, अंजुले गुप्ता, राजू मोदनवाल, विमलेश कुमार, श्वेता त्यागी, अवतार सिंह, वरुण कुमार, बृजेंद्र कुमार भारतीया, रुचि।
डिप्टी कलेक्टर के पदों पर इनका हुआ चयनः नेहा पांचाल, अनन्या त्रिवेदी (रायबरेली), अभय प्रताप सिंह, अनामिका मिश्रा, नेहा सिंह, दीप्ति वर्मा, पूजा तिवारी, अनुराग पांडेय, शुभम सिंह, आयुष पांडेय, नेहा तोमर, संतोष प्रजापति, सुषमा यादव, विनय कुमार उपाध्याय, दीक्षा अग्रवाल, गरिमा शर्मा, करिश्मा चौहान, हर्ष पुष्पाकर, कुमारी ज्योति, सोनम यादव, श्वेता वर्मा, पंकज वर्मा, अनुराग प्रताप सिंह, हरिवेंद्र सिंह गुज्जर, श्वेता गुप्ता, श्रृष्टि चौधरी, अभय सिंह राजपूत, अंकित पांडेय, श्वेता द्विवेदी, कृतिका चौधरी, सचिन कुमार, सोनाली सिंह, विनय कुमार, अविनाश कुमार, जैसमिन वर्मा, प्राची, मो. गुलरेज खान
नेहा नाम की तीन डिप्टी कलेक्टर पहली शीर्ष पर, दूसरी को पांचवां और तीसरी को मिला 11वां स्थान
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा घोषित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2024 के परिणामों में इस बार अद्भुत संयोग देखने को मिला है। परिणाम में नेहा नाम की बेटियों का दवदवा रहा। प्रदेश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा में तीन नेहा ने डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपना कब्जा जमाया है। परीक्षा परिणामों में टॉपर्स की सूची में नेहा नाम की गूंज सुनाई दे रही है। नेहा पांचाल ने पहला स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि इस परीक्षा में अव्वल रहीं। इसी तरह नेहा सिंह ने पांचवां स्थान हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई। इसी क्रम में नेहा तोमर ने 11वीं रैंक के साथ डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपनी मुहर लगाई। आमतौर पर एक ही नाम के दो अभ्यर्थियों का चयन चर्चा में रहता है लेकिन शीर्ष पदों पर एक ही नाम की तीन महिला अभ्यर्थियों का चयन होना दुर्लभ संयोग माना जा रहा।
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