भर्ती परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित बनाएगा एसएससी

प्रयागराज। एसएससी ने अपनी भर्ती परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए कदम उठाया है। आयोग ने परीक्षाओं और अभ्यर्थी सेवाओं के लिए टेक्नोलॉजी एवं आपरेशंस पार्टनर के चयन के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आइएफपी) जारी किया है। आरएफपी के माध्यम से आयोग एक ऐसे सेवा प्रदाता का चयन करेगा जो वेब पोर्टल, मोबाइल एप और परीक्षा संचालन से जुड़ी पूरी तकनीकी प्रणाली को विकसित, संचालित और उन्नत करेगा।
इसमें वर्तमान सेवा प्रदाता से तकनीकी और संचालन संबंधी जानकारी नए सेवा प्रदाता को हस्तांतरित की जाएगी। वेबसाइट, मोबाइल एप, हेल्पडेस्क और विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल को उन्नत किया जाएगा तथा नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके तहत वेब और मोबाइल एप का तकनीकी अपग्रेड, परिणाम के लिए केंद्रीकृत रिजल्ट ईआरपी सिस्टम, जनरेटिव एआई आधारित चैटबाट जो हिंदी और अंग्रेजी में अभ्यर्थियों की सहायता करेगा।
पेपर लीक की अफवाह फैलाने में चार यूट्यूबर पर मुकदमा दर्ज
प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर यूट्यूब पर भ्रामक खबर और वीडियो वायरल करने के आरोप में चार यूट्यूबर के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इनके चैनलों पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र लीक होने का दावा कर अफवाह फैलाई गई। इससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यूट्यूब चैनलों के संचालकों की पहचान कर उन्हें ट्रेस करने में जुटी है। तहरीर में कहा गया है का प्रश्नपत्र लीक होने की भ्रामक खबर और वीडियो प्रसारित किए। इससे न केवल परीक्षार्थियों व अभिभावकों में दहशत और भ्रम की स्थिति बनी, बल्कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की छवि भी धूमिल करने की कोशिश की गई।
पुलिस ने जिन यूट्यूब चैनलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनमें 'टारगेट बोर्ड आर्ट्स क्लास', 'ऑनलाइन स्टडी विथ दीवाकर सर', 'सम्राट एकेडमी' और 'साइंस की पढ़ाई' शामिल है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चैनलों को संचालित करने वालों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
18 मार्च से मूल्यांकन की तैयारी
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से प्रस्तावित है। बोर्ड की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजने के साथ ही मूल्यांकन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रदेश में 249 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 10वीं-12वीं की परीक्षा में शामिल लगभग 50 लाख छात्र-छात्राओं की पौने तीन करोड़ कॉपियां जांची जाएंगी। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की डेढ़ करोड़ से अधिक, इंटर के विद्यार्थियों की लगभग 1.17 करोड़ कॉपियां जांची जानी है। इसके लिए लगभग 1.40 लाख परीक्षकों की तैनाती भी की जा रही है। मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराए जाएंगे और बोर्ड मार्च को समाप्त होगी 12 हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की परीक्षा249 केंद्रों पर जांची जाएंगी कॉपियां, अप्रैल अंत में परिणाम
परीक्षा की तरह मूल्यांकन के दौरान केंद्रों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षकों को मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से चल रही है और 12 मार्च को समाप्त होगी। हाईस्कूल में 27,61,696 इंटर में 25,76,082 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
सीबीएसई : कंपार्टमेंट परीक्षा देने के लिए छात्र-छात्राओं को मिलेंगे तीन मौके
पटना। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा दसवीं या बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में यदि किसी विद्यार्थी को किसी विषय में कंपार्ट लगता है, तो उसे उस विषय को उत्तीर्ण करने के लिए अधिकतम तीन अवसर दिए जाएंगे। यदि विद्यार्थी इन तीनों अवसरों में भी संबंधित विषय की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाता है, तो उसे पुनः उसी कक्षा में अध्ययन करना होगा। इसके लिए उसे प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में फॉर्म भरना पड़ेगा और सभी विषयों की परीक्षाएं देनी होंगी।
10 वीं के परीक्षार्थी को पहला मौका दूसरी बोर्ड परीक्षा में मिलेगा :
मालूम हो कि सीबीएसई इस साल से कक्षा 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। ऐसे में जिन परीक्षार्थियों को मुख्य परीक्षा में किसी विषय में कंपार्ट लगता है, तो उन्हें पहला अवसर मई में आयोजित होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में मिलेगा।
दूसरा पहला अवसर मई में आयोजित दूसरी बोर्ड परीक्षा में मिलेगा
दूसरा अवसर जुलाई में आयोजित कंपार्टमेंट परीक्षा में मिलेगा
अवसर जुलाई में आयोजित परीक्षा में और तीसरा अगले साल की मुख्य परीक्षा में दिया जाएगा। वहीं कक्षा 12 वीं के लिए सीबीएसई जुलाई में कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित करेगा। किसी विषय में कंपार्टमेंट आने की स्थिति में विद्यार्थी को इस परीक्षा में शामिल होने का पहला अवसर मिलेगा। यदि कोई छात्र इस परीक्षा में भी सफल नहीं हो पाता है, तो उसे दूसरा अवसर अगले वर्ष की मुख्य बोर्ड परीक्षा में दिया जाएगा।
तीसरा और अंतिम अवसर अगले वर्ष जुलाई में आयोजित होने वाली कंपार्टमेंट परीक्षा में मिलेगा। सीबीएसई की ओर से चलाई जा रही टेली-काउंसिलिंग सेवा में विद्यार्थियों और अभिभावकों के सवालों का सिलसिला जारी है। पिछले 15 दिनों में 150 से अधिक कॉल प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे अधिक पूछताछ कंपार्टमेंट परीक्षा, औपबंधिक नामांकन और दूसरी बोर्ड परीक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए की जा रही है। इनमें वैसे विद्यार्थी के भी सवाल आरहे, जिन्होंने किसी विषय की परीक्षा दी है लेकिन संबंधित विषय की परीक्षा सही नहीं गई है।
10वीं में किसी विषय में फेल होने पर मिलेगा औपबंधिक दाखिला :
सीबीएसई ने 10 वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जो विद्यार्थी पहली बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाते हैं, उन्हें कक्षा 11वीं में स्कूलों में औपबंधिक प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन दूसरी बोर्ड परीक्षा में इन विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। यदि विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में भी उत्तीर्ण नहीं होते हैं, तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।
नीतीश की गद्दी छोड़ेंगे
अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए पर्चा भरा अप्रैल में राज्य की कमान पहली बार भाजपा को मिलेगी
पटना। करीब ढाई दशक तक बिहार की राजनीति की धुरी और दो दशक तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाएंगे। उन्होंने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में 'नीतीश युग' का अंत हो जाएगा। उनकी जगह अप्रैल में बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बिहार से राज्यसभा चुनाव का पर्चा दाखिल किया है। बिहार में साझा सरकार का फार्मूला तय हो गया है, जिसके तहत भाजपा के मुख्यमंत्री के साथ जदयू के दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। नीतीश कुमार र ने पहली बार वर्ष 2000 में बिहार की सत्ता संभाली थी, लेकिन तब उनकी सरकार सिर्फ सात दिनों तक चल पाई। वर्ष 2005 से मुख्यमंत्री रहे। इस अवधि में सिर्फ नौ माह के लिए उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। नीतीश के राज्यसभा जाने को लेकर दो दिनों से कयास लगाए जा रहे थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को पटना पहुंचे और नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। वह नीतीश कुमार के साथ सचिवालय गए और नामांकन दाखिल किया।
चारों सदन जाने वाले दूसरे मुख्यमंत्री : नीतीश, लालू प्रसाद के बाद दूसरे मुख्यमंत्री हैं, जो चारों सदनों के सदस्य बनेंगे। वे छठे राजनेता हैं जो चारों सदनों लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधानपरिषद के सदस्य होंगे। उनसे पहले लालू प्रसाद, नागमणि, सुशील मोदी, उपेंद्र कुशवाहा और रामकृपाल यादव को यह उपलब्धि हासिल हो चुकी है। जदयू के रामनाथ ठाकुर, भाजपा के शिवेश राम, रालोमो के उपेन्द्र कुशवाहा, राजद से अमरेन्द्रधारी सिंह ने भी पर्चा भरा।
होली की छुट्टी के बाद पीसीएस 2024 के साक्षात्कार नौ मार्च से
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे पीसीएस-2024 के साक्षात्कार होली की छुट्टी के बाद नौ मार्च से फिर से शुरू होंगे और 20 मार्च तक जारी रहेंगे। आयोग के उप सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि साक्षात्कार की प्रक्रिया 16 फरवरी से शुरू हुई थी। आयोग में प्रतिदिन 12 पैनल
बैठते हैं। इनमें से छह पैनल सुबह 9:30 बजे से और छह पैनल दोपहर दो बजे से साक्षात्कार लेते हैं।
प्रत्येक पैनल द्वारा 10 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया जाता है और एक अभ्यर्थी को लगभग 15 से 20 मिनट का समय दिया जाता है। होली के कारण साक्षात्कार प्रक्रिया में कुछ दिनों का अवकाश था। अब नौ मार्च से इंटरव्यू दोबारा शुरू होंगे। अंतिम दिन यानी 20 मार्च को केवल छह पैनल ही साक्षात्कार लेंगे और उस दिन प्रत्येक पैनल में सात अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे।
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