वर्क-लाइफ बैलेंस के कारण निजी नौकरी छोड़ दी तो एसडीएम पद पर 24 घंटे की जिम्मेदारी कैसे संभालेंगे

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे पीसीएस-2024 के साक्षात्कार में बुधवार को अभ्यर्थियों से प्रशासनिक दृष्टिकोण, सोच, निर्णय क्षमता और व्यावहारिक समझ से संबंधित सवाल पूछे गए।
एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि जब आपने वर्क-लाइफ बैलेंस के कारण निजी नौकरी छोड़ दी तो एसडीएम जैसे पद पर 24 घंटे की जिम्मेदारी और अनियमित कार्य समय को कैसे संभालेंगे। इस सवाल के जरिए उम्मीदवार की प्रतिबद्धता और मानसिक तैयारी को परखा गया।
अभ्यर्थियों से पूछा गया कि कई सरकारी योजनाओं की जानकारी
पीसीएस-2024 के साक्षात्कार में प्रशासनिक दृष्टिकोण संबंधी किए गए सवाल सत्तर प्रदेश
लोक सेवा आयोग
लोगों तक नहीं पहुंच पाती, ऐसे में वे क्या सुधार करेंगे। साथ ही यह भी सवाल किया गया कि डिजिटल क्रांति के बावजूद भ्रष्टाचार में अपेक्षित कमी क्यों नहीं आई।
एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि प्रारंभ में संविधान में कितनी अनुसूचियां थीं। इसके अलावा डाटा लोकलाइजेशन, डाटा सुरक्षा कानून और वर्ष 2025 में जारी गाइडलाइंस से जुड़े सवाल भी पूछे गए। अभ्यर्थियों से संबंधित कानून का नाम बताने को कहा गया।
नीतिगत सोच और प्रशासनिक संवेदनशीलता की जांचः साक्षात्कार में अभ्यर्थियों की दूरदर्शिता और नीति-निर्माण की समझ को भी परखा गया। पूछा गया कि यदि वे एसडीएम बनते हैं तो मुख्यमंत्री को ऐसी कौन-सी एक सलाह देंगे जिससे उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल सके।
एक अभ्यर्थी से काल्पनिक स्थिति रखी गई कि यदि कुछ लोग अपने मालिकों द्वारा उत्पीड़न की शिकायत लेकर एसडीएम के पास आते हैं तो वे क्या कदम उठाएंगे। जिले में मानवाधिकार लागू कराने की जिम्मेदारी किसकी होती है। एसडीएम की या मानवाधिकार आयोग की।
6294 स्कूलों ने नहीं दिए
9.56 लाख छात्रों के अंक
प्रयागराज। प्रदेश के कुल 6294 माध्यमिक विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के हाईस्कूल के विषयों के आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक तथा इंटरमीडिएट के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अब तक अपलोड नहीं किए गए हैं। इनमें हाईस्कूल के 653739 और इंटर के 302468 कुल 9,56,207 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
प्रयागराज के 260 स्कूलों ने हाईस्कूल के 15223 और इंटर के 12237 परीक्षार्थियों के अंक अपलोड नहीं किए हैं। यूपी बोर्ड के सचिव
यूपी बोर्ड सचिव ने 25 मार्च तक दिया अवसर
प्रयागराज के 260 स्कूलों ने अंक अपलोड नहीं किए भगवती सिंह ने इन सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि सभी छात्र-छात्राओं के हाईस्कूल के विषयों के आंतरिक मूल्यांकन तथा इंटरमीडिएट के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक वेबसाइट upmsp.edu.in पर 25 मार्च तक प्रत्येक दशा में अपलोड करना सुनिश्चित करें। इसके बाद वेबसाइट पर प्राप्तांक अपलोड नहीं हो पाएंगे।
सीएम योगी को कौन सी सलाह देंगे जिससे यूपी का भाग्य बदल जाए
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे पीसीएस-2024 के साक्षात्कार के 21वें दिन बुधवार को अभ्यर्थियों से विविधि विषयों पर सवाल पूछे गए। इंटरव्यू बोर्ड ने एक अभ्यर्थी से सवाल पूछा कि यदि आपका चयन एसडीएम पद पर हो गया है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऐसी कौन सी सलाह देंगे, जिससे उत्तर प्रदेश का भाग्य बदल जाए।
एक महिला अभ्यर्थी से रसोई गैस की किल्लत से जोड़कर सवाल पूछा। बोर्ड ने पूछा कि एलपीजी संकट के बीच सबसे पहले तो तहसील की स्थितियां कैसे संभालेंगी। साथ ही सरकारी स्कूलों में बंटने वाले मिड-डे-
मील का वितरण कैसे सुनिश्चित करेंगी। एक अभ्यर्थी से परिस्थिति आधारित प्रश्न पूछा कि अगर आप एसडीएम हैं और आपके नीचे दो अधिकारी हैं जिनमें से वरिष्ठ थोड़ा भ्रष्ट हैं और कनिष्ठ ईमानदार है, आप किसके प्रमोशन का प्रयास करेंगी। पूछा कि यदि हिमालय की दिशा दूसरी तरफ होती तो भारत पर उसका क्या असर पड़ता। न्यूटन का नियम क्या है। भारतीय संविधान में सबसे अच्छा आर्टिकल कौन सा है, प्राचीन इतिहास
पीसीएस 2024 के साक्षात्कार में अभ्यर्थी से पूछा गया सवाल
16 फरवरी से शुरू हुआ इंटरव्यू शुक्रवार को होगा समाप्त
सबसे अच्छा समय काल किसका था, राजनीति विज्ञान में किसका समय सबसे अच्छा था, भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे अच्छे कप्तान कौन हैं और इस वर्ष आपको कौन की फिल्म अच्छी लगी। एक अभ्यर्थी से पूछा कि गिग वर्कर्स अब ज़रूरत बन चुके हैं और वे नियोक्ताओं की दया पर निर्भर रहे हैं, क्या गिग वर्कर्स के लिए कोई कानून है। गौरतलब है कि 16 फरवरी से शुरू हुए साक्षात्कार शुक्रवार को समाप्त हो जाएंगे।
पहले दिन मूल्यांकन केंद्रों पर 80 फीसदी परीक्षकों की रही उपस्थिति
जेडी, डीआईओएस ने किया मूल्यांकन केंद्रों का औचक निरीक्षण, दिए निर्देश
प्रयागराज। मंडल में कुल 21 मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हो गया है। जेडी आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि प्रयागराज में सर्वाधिक 10 एवं फतेहपुर और प्रतापगढ़ में पांच-पांच और कौशांबी में एक मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि पहले दिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की 80 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई। केंद्रों पर परीक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जेडी, डीआईओएस ने बुधवार को मूल्यांकन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।
डीआईओएस प्रयागराज पीएन सिंह ने बताया कि जिले में 10 मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू
पहले दिन हुआ कुल 9,42,244 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
प्रयागराज। प्रदेश के 250 केंद्रों पर बुधवार से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू हो गया। एक अप्रैल तक बोर्ड परीक्षा में शामिल करीब 50 लाख छात्रों की लगभग दो करोड़ 60 लाख कॉपियों का मूल्यांकन होना है। पहले दिन 1,32,790 परीक्षकों में से 70,025 परीक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य किया गया। इसमें हाईस्कूल की 6,41,459 व इंटरमीडिएट की 3,00,785 समेत कुल 9,42,244 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कॉपियों का मूल्यांकन सभी केंद्रों पर शुरू हो गया है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पांच जिलों प्रयागराज, मेरठ, बरेली, वाराणसी और गोरखपुर में पारंपरिक व्यवस्था के साथ यूपी बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन अंक अपलोड किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन की निष्पक्षता और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हाईस्कूल की कॉपियों की जांच के लिए 117, इंटरमीडिएट की कॉपियों की जांच के लिए 111 और संयुक्त जांच के लिए 22 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।
प्रदेश के 6294 विद्यालयों ने आंतरिक मूल्यांकन के अपलोड नहीं किए अंक
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्रदेश के 6294 विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में अध्ययनरत हाईस्कूल छात्रों के विषयों के आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक और इंटरमीडिएट के नैतिक योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव ने प्रदेश के सभी डीआईओएस को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। सचिव भगवती सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाचार्य को निर्देशित किया गया है कि परिषद की वेबसाइट पर 25 मार्च तक प्रत्येक दशा में अंक अपलोड करें। इसके उपरांत वेबसाइट पर प्राप्तांक अपलोड नहीं हो पाएंगे। कहा कि नियत तिथि तक प्राप्तांक अपलोड न करने की स्थिति में यदि किसी परीक्षार्थी का परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है तो उसके लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं डीआईओएस उत्तरदायी होंगे।
यूपी आईटीआई में नए सत्र से बढ़ेंगी 10 हजार से अधिक सीटें
लखनऊ। यूपी में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 10 हजार से अधिक सीटें बढ़ जाएंगी। नए शैक्षिक सत्र वर्ष 2026-27 से नए खुले करीब 30 आईटीआई में प्रवेश शुरू किया जाएगा। सरकारी आईटीआई में सीटें बढ़ने से छात्रों को बड़ा लाभ होगा। उन्हें अपने घर के पास ही शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
व्यावसायिक, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की ओर से सिद्धार्थनगर में चार, देवरिया, संत कबीर नगर, मुजफ्फरनगर, अमेठी और प्रतापगढ़ में दो-दो और चंदौली, औरैया, इटावा, श्रावस्ती, एटा, बस्ती, हाथरस, बिजनौर, कासगंज, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात, अमरोहा व अयोध्या में एक-एक नई आईटीआई स्थापित की गईं हैं। प्रत्येक में करीब 350 सीटें हैं। वहीं इन 28 आईटीआई के प्रदेश भर में करीब 30 नई आईटीआई पढ़ाई के लिए हो गए हैं तैयार अलावा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की भी कुछ नई आईआईटी में पढ़ाई शुरू होगी। ऐसे में इनकी कुल संख्या 30 से अधिक होगी।
प्रदेश में अभी 324 सरकारी आईटीआई संचालित की जा रही हैं। ऐसे में अब इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। अभी आईटीआई में कुल 1.89 लाख सीटें हैं। अब इनकी संख्या बढ़ेगी। जिसका लाभ छात्रों को मिलेगा। अप्रैल से आईआईटी में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रमुख सचिव, व्यावसायिक, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम का कहना है कि सीटें बढ़ने का विद्यार्थियों को सीधे लाभमिलेगा।
संबोधन : यूपी में भाजपा सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
यूपी में कोई भय नहींः योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्र और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही प्रदेश कैबिनेट वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी करेगी। साथ ही संस्कृत छात्रों के लिए की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 मार्च को उद्घाटन कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया गया है। सरकार ने जातीय व क्षेत्रीय चश्मे से देखकर किसी को लाभ नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 'नव निर्माण के नौ वर्ष' पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं और कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला उत्तर प्रदेश में हुआ है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का वास्तविक अहसास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निराश्रित महिला, वृद्ध व दिव्यांगजन पेंशन की भी चर्चा करते हुए बताया कि 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन उपलब्ध करा रही है। इनके कल्याण के लिए कैबिनेट जल्द ही इसमें वृद्धि का भी निर्णय लेगा। सरकार स्नातक व परास्नातक की मेधावी बेटियों को स्कूटी भी उपलब्ध कराएगी।
बेटी की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति का कार्यक्रम भी चल रहा है। सरकार दो करोड़ से अधिक नौजवानों को टैबलेट देगी, इसमें से 50 लाख टैबलेट दिया जा चुका है। जातीय चश्मे से नहीं देखा निष्पक्षता से समझौता नहीं, भर्ती परीक्षा रद्द करने का फैसला सही ।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 के परिणाम को निरस्त
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी परीक्षा में निष्पक्षता से समझौता नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति सौरभश्याम शमशेरी की एकल पीठ ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 के परिणाम को निरस्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए कुमारी लक्ष्मी समेत 224 अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दीं।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 के परिणाम को निरस्त करने को लेकर दायर 224 याचिकाएं खारिज कहा कि केवल लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित होना अंतिम चयन नहीं माना जा सकता। क्योंकि, साक्षात्कार अभी बाकी था। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को किसी त्रुटिपूर्ण और संदिग्ध परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य नहीं
किया जा सकता। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लीक होने से सीमित संख्या में अभ्यर्थियों को लाभमिला था, जो पूरी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
910 पदों पर भर्ती के लिए अप्रैल 2025 में दो दिन 52 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के तुरंत बाद पेपर लीक के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
एसटीएफ जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की गई। कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों को नए सिरे से होने वाली लिखित परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिसका कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है।
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