मीटर रिचार्ज करने के दो घंटे में बिजली नहीं आई तो रोज देना पड़ेगा 50 रुपये मुआवजा

लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं की निगेटिव बैलेंस के कारण कटी बिजली यदि रिचार्ज होने के दो घंटे के भीतर बहाल नहीं होती है तो पॉवर कॉर्पोरेशन को प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये मुआवजा देना होगा। यह प्रावधान उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) के स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2019 में शामिल है।
प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत बैलेंस निगेटिव होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है। 13 मार्च से इसे अनिवार्य रूप से लागू करने की तैयारी चल रही है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि यदि बकाया राशि जमा करने के दो घंटे के भीतर बिजली चालू नहीं होती है तो उपभोक्ता मुआवजे का हकदार होगा। नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के अधिकार स्पष्ट किए
लाख 70 स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर लागू होगा मुआवजा नियम हैं और बिजली कंपनियों के लिए उनका पालन करना जरूरी है।
उपभोक्ता परिषद के अनुसार, प्रदेश में लगभग 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं के खातों में करीब 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निगेटिव बैलेंस दिखाया जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के प्रभावित होने की संभावना है। परिषद ने कहा कि भुगतान के बाद निर्धारित समय में आपूर्ति बहाल न होने पर संबंधित उपभोक्ताओं को नियमों के तहत मुआवजा मिलना चाहिए।
परिषद ने पॉवर कॉर्पोरेशन को पूर्व की घटनाओं की याद दिलाते हुए कहा कि गलत तकनीकी कमांड या सिस्टम गड़बड़ी के कारण पहले भी लाखों उपभोक्ता बिजली कटौती झेल चुके हैं। हाल ही में नोएडा और गाजियाबाद में भी घंटों बिजली बाधित रही थी। केंद्र सरकार के प्रावधानों के अनुसार ग्रामीण और शहरी सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना अनिवार्य है। रेगुलेशन-2019 की धारा 16.11.1 के अनुसार, बकाया भुगतान या रिचार्ज के बाद बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करना लाइसेंसी की जिम्मेदारी है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले मामलों में यह समय सीमा अधिकतम दो घंटे तय की गई है। उपभोक्ता परिषद ने लोगों से अपील की है कि बैलेंस निगेटिव होते ही तुरंत रिचार्ज कर लें, ताकि बिजली व्यवधान और अतिरिक्त परेशानी से बचा जा सके
22 मार्च को होगी सर्वोदय विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा
प्रयागराज। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को एनआईसी सभागार में सर्वोदय विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा तैयारी को लेकर बैठक हुई। इसमें बैठक में कक्षा छह, सात, आठ व नौ में रिक्त सीटों पर प्रवेश परीक्षा कराने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
प्रवेश परीक्षा 22 मार्च को जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय सुरवल सहनी, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कोरांव, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय खाई करछना और बालिका सर्वोदय विद्यालय कौड़िहार में होगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य प्रश्नपत्र तैयार कराएंगे।
कक्षा छह से नौ तक रिक्त सीटों पर प्रवेश, काफी छात्र संख्या वाले विद्यालयों के लिए बनेंगे अलग केंद्र डीएम ने कहा कि सुरवल सहनी व कौड़िहार स्थित विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण निकटवर्ती अन्य विद्यालयों में भी केंद्र बनाए जाएं।
खाई करछना व कोरांव स्थित विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा संबंधित विद्यालय में ही कराई जाएगी। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व सुव्यवस्थित तरीके से परीक्षा कराने के निर्देश दिए।
पंचायत चुनावः चार पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्र तय
लखनऊ। पंचायत चुनाव की विभागीय तैयारियां जारी हैं। चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए मतपत्रों के रंग निर्धारित किए गए हैं। ये मतपत्र ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक चारों पदों के लिए हैं। इससे मतदाताओं और मतदान कर्मियों को पहचान में आसानी होगी। ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए हरे रंग का मतपत्र इस्तेमाल होगा। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए सफेद रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के लिए नीले रंग का मतपत्र प्रयोग किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में गुलाबी रंग का मतपत्र उपयोग होगा। राज्य में 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। लगभग आठ लाख ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाते हैं। 75 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य और करीब तीन हजार जिला पंचायत सदस्य भी चुने जाएंगे।
चुनाव पर संशय ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होगा। जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को पूरा होगा और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को खत्म होगा। समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होने से आरक्षण तय नहीं हो सका है। इस कारण चुनाव समय पर होंगे या टलेंगे, यह संशय अभी भी बरकरार है। हालांकि विभागीय मंत्री व अधिकारी लगातार दावा कर रहे हैं चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे।
जनगणना : पहली बार ट्रांसजेंडर मुखिया वाले परिवार का भी डाटा
नई दिल्ली। डिजिटल जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। इस बार परिवार के मुखिया के लिंग की जानकारी में पुरुष और महिला के साथ ट्रांसजेंडर श्रेणी को भी शामिल किया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि सटीकता सुनिश्चित करने के लिए प्रगणकों के घर-घर दौरे के साथ स्व-गणना की सुविधा भी दी जाएगी।
गौरतलब है कि इस जनगणना के लिए केंद्र ने 11,718 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिसमें जाति आधारित गणना भी शामिल होगी। एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 31.12 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। लोकसभा में बुधवार को लिखित जानकारी देते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने बताया कि मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य है। यह मांग आधारित योजना है, जिसमें अब तक 63 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
एससीईआरटी : टीएलएम मेला संपन्न, शिक्षक सम्मानित हुए
पटना। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), पटना के बैनर तले आयोजित दो दिवसीय टीएलएम मेला 3.0 (टीचर लर्निंग मेला) का बुधवार को समापन हो गया।
दो दिवसीय इस मेले में राज्य के सभी जिलों से आए 200 से अधिक शिक्षकों भाषा, गणित और विज्ञान विषय की पढ़ाई को रूचिकर और प्रभावी बनाने के लिए उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को शिक्षण सामग्री के माध्यम से बताया गया। समापन के मौके पर उत्कृष्ट नवाचारों वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में एससीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारीगण, विषय-विशेषज्ञों एवं प्रतिभागी शिक्षकों ने भाग लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षकों के सतत् व्यावसायिक विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल बताया।
ये शिक्षक हुए सम्मानित : उर्दू भाषा में मो. नेहाल खान को रुचिपूर्ण कक्षा पद्धतियों के प्रदर्शन के लिए, हिन्दी भाषा में जूही कुमारी को बाल-साहित्य एवं सृजनात्मक लेखन, अंग्रेजी भाषा में रश्मि राज को संवादात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण के लिए, गणित में बलविंदर सिंह को खेल-आधारित एवं दैनिक जीवन से जोड़कर सरल बनाने की अभिनव शिक्षण-कला और पर्यावरण अध्ययन में वर्षा कुमारी को प्रकृति के लिए सम्मानित किया गया।
57 हजार सिपाहियों की 20 अप्रैल को पासिंग आउट परेड
लखनऊ। प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने जा रहे करीब 57 हजार सिपाहियों की पासिंग आउट परेड आगामी 20 अप्रैल को होगी। प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी 112 प्रशिक्षण केंद्रों पर पासिंग आउट परेड का आयोजन करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य कार्यक्रम राजधानी में करने की तैयारी है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिस्सा लेंगे। बीते वर्ष 15 जून को वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।
बता दें कि प्रदेश पुलिस में सिपाही नागरिक पुलिस के 60,244 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के बाद जुलाई माह से प्रशिक्षण देना शुरू किया गया था। हालांकि इनमें से करीब 3000 से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया। शेष करीब 57 हजार अभ्यर्थियों का नौ माह का आधारभूत प्रशिक्षण आगामी 19 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
वर्तमान में प्रशिक्षु सिपाहियों की इनडोर और आउटडोर परीक्षाओं का
112 प्रशिक्षण केंद्रों पर होंगे कार्यक्रम, राजधानी में मुख्यमंत्री लेंगे हिस्सा तेज हुईं आयोजन की तैयारियां सिपाही नागरिक पुलिस के करीब 57 हजार अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण आगामी 19 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद 20 अप्रैल को पासिंग आउट परेड का आयोजन प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसका आयोजन सभी 112 प्रशिक्षण केंद्रों पर होगा।
राजीव सबरवाल, डीजी, प्रशिक्षण योजन सभी 112 प्रशिक्षण केंद्रों में किया जा रहा है। इसके बाद सभी प्रशिक्षु अभ्यर्थियों की पासिंग आउट परेड होगी, फिर वे प्रदेश पुलिस का हिस्सा बन जाएंगे।
12 हजार से अधिक महिलाएं :
प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सिपाही मिलने जा रहे हैं। इनमें 12 हजार से अधिक महिलाएं भी शामिल हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा के मोर्चे पर अपना अहम योगदान देंगी।
15 से मूल्यांकन केंद्रों पर भेजी जाएंगी कॉपियां
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी तेज हो गई है। बोर्ड के संकलन केंद्रों से 15 मार्च से प्रदेश के करीब 250 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां भेजी जाने लगेंगी।
मूल्यांकन कार्य के लिए पूरे प्रदेश में कुल 1,31,854 परीक्षकों की तैनाती की गई है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि काली सूची में शामिल शिक्षकों को इस बार मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं किया गया है। हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 4300 अंकेक्षक, 8550 उप प्रधान परीक्षक और 83,800
आज बोर्ड परीक्षा का अंतिम दिन, प्रदेश के करीब 250 केंद्रों पर होगा मूल्यांकन कार्य
वहीं, इंटरमीडिएट के लिए 2590 अंकेक्षक, 5300 उप प्रधान परीक्षक और 48,990 परीक्षक तैनात किए गए हैं। 12 मार्च को बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद संकलन केंद्रों से उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल अलग अलग जिलों के मूल्यांकन केंद्रों को भेजने की प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू हो जाएगी। इसके अलावा 17 मार्च को मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों का प्रशिक्षण संबंधित जिलों में कराया जाएगा।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
भारत में पहली बार इच्छामृत्यु को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला देते हुए देश में पहली बार निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी। इस फैसले के साथ 13 साल से मरणासन्न स्थिति में जी रहे गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा के कृत्रिम जीवन रक्षक उपकरण हटाकर उसे कष्ट से मुक्त करने का रास्ता साफ हो गया।
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने दिल्ली स्थित एम्स में डॉक्टरों की देखरेख में हरीश राणा के कृत्रिम जीवन रक्षक उपकरण हटाने की अनुमति दी ताकि उसका सम्मान बना रहे।
पीठ ने एम्स को हरीश को पैलिएटिव केयर में भर्ती करने निर्देश दिया। जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह सभी प्रक्रिया मानवीय तरीके से की लाइब्रेरी में कक्षा एक से पांचवीं के लिए 79 प्रकार की पुस्तकें होंगी उपलब्ध
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में जिले में सभी विद्यालयों में पुस्तकालयों के लिए विभाग की ओर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। कक्षा एक से पांचवीं के लिए 79 प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं कक्षा छह से आठवीं के लिए 66 प्रकार, कक्षा नौवीं व 10वीं के लिए 67 प्रकार तथा कक्षा 11वीं व 12वीं के लिए 78 प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुस्तकों को चार सेट में बांटा गया है। सेट ए के तहत कक्षा एक से पांचवीं तक के लिए, सेट बी कक्षा छठवीं से आठवीं के लिए, सेट सी अंतर्गत कक्षा नौवीं व 10 तथा सेट डी के तहत कक्षा 11वीं व 12वीं को रखा गया है। पुस्तकालयों के लिए उपलब्ध होने वाली पुस्तकों में बच्चों के लिए कहानी की किताबें, विज्ञान व गणित विषय की किताबों के साथ-साथ तकनीकी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की योजना बना रहे माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी किताबें शामिल हैं।
केंद्र का दावा बुकिंग के ढाई दिन बाद मिल जा रहा सिलिंडर
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर के लिए औसत डिलिवरी समय 2.5 दिन बना हुआ है, यानी बुकिंग के बाद औसतन ढाई दिन के भीतर सिलिंडर घर पहुंच रहा है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार के कदमों के कारण घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में 25 फीसदी बढ़ी है। गलत जानकारी के कारण कुछ लोग घबराकर सिलिंडर बुक करा रहे हैं व जमाखोरी कर रहे हैं, पर घरेलू एलपीजी की डिलीवरी आपूर्ति समय करीब ढाई दिन है, इसलिए सिलिंडर बुक करने में जल्दबाजी की जरूरत नहीं है।
राज्य सरकारों से ईंधन की जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए जरूरी उपाय करने के लिए कहा गया है। रूस से तीन करोड़ बैरल तेल खरीदा कारोबार कच्चे तेल की आपूर्ति में अड़चन नहीं संयुक्त सचिव ने कहा, कच्चे
तेल की आपूर्ति में कोई अड़चन नहीं है। हमारी दैनिक खपत 55 लाख बैरल है। हमने विभिन्न माध्यमों से जो खरीदारी की है, वह होर्मुज मार्ग से आने वाली मात्रा से अधिक है। भारत 40 देशों से तेल खरीदता है। इसका 70% अब होर्मुज के बाहर के मार्गों से आ रहा है। बुधवार को भी दो एलएनजी कार्गो खरीदे, जो कुछ दिन में भारत पहुंच जाएंगे।
वहीं, वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की किल्लत के चलते देशभर के होटल, स्ट्रीट फूड वेंडर और केटरिंग व्यवसायी वैकल्पिक साधनों की ओर जा रहे हैं। दिल्ली से पुडुचेरी तक कई रेस्तरां या तो बंद हैं या काम के घंटे कम किए गए हैं।
प्रारंभिक विद्यालयों में वर्ग एक से आठ तक की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा आज से
दो पालियों में होने ववादी परीक्षा में शामिल होंगे 3.76 लाख छात्र-छात्राएं
जासं, सिवान सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में वर्ग एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा गुरुवार से आयोजित की जाएगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला शिक्षा विभाग के निर्देश पर सभी स्तर की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार परीक्षा में 3.76 लाख छात्र भाग लेंगे। परीक्षा 19 मार्च तक दो पालियों में संपन्न होंगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। डीपीओ जय कुमार ने बताया कि जिले में कदाचार मुक्त 5 तथा स्वच्छ वातावरण में परीक्षा का ए आयोजन किया जाएगा। इसके लिए । जिला स्तर से परीक्षा का अनुश्रवण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में बच्चों को प्राप्त अंक की जगह ग्रेड प्रदान किया जाएगा। परीक्षा में वीक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की अदला-बदली आस-पड़ोस के विद्यालयों से कर दी गई है।
वहीं परीक्षा संपन्न होने के बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य किया जाएगा
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