ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश|
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की द्वारका सेक्टर-23 थाना टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय डिजिटल सेंधमारी और नकल गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और डमी कैंडिडेट (इम्पर्सनेशन) के जरिए देशभर में प्रवेश परीक्षाओं में सेंध लगा रहा था।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के सरगना समेत 32 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के मेधावी छात्र भी शामिल हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और आपराधिक साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा और फॉरेंसिक जांच के बाद इस मामले में कई बड़े नामों और शिक्षा माफियाओं के खुलासे होने की पूरी संभावना है।
गुप्त सूचना पर 'हैप्पी होम' में छापेमारी : पुलिस को सूचना मिली थी
कि द्वारका सेक्टर-19बी स्थित 'हैप्पी होम' नामक इमारत के एक फ्लैट में कुछ संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त कुशाल पाल सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। एसआई नीरज और हेडकांस्टेबल कृष्ण की टीम ने मौके पर छापा मारा। फ्लैट में 30 से अधिक युवक कंप्यूटर और मोबाइल के जरिये तकनीकी रूप से परीक्षाओं में सेंध लगाने की तैयारी कर रहे थे।
रिमोट एक्सेस से खेल : पूछताछ में गैंग सरगना 28 वर्षीय हर्ष वर्धन गुप्ता ने बताया कि वह विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं में पेपर सॉल्व कराने का नेटवर्क चलाता है। इसके लिए अलग-अलग राज्यों से मेधावी छात्रों को बुलाकर किराए के मकानों में ठहराया जाता था। परीक्षा के दौरान ये छात्र रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और इम्पर्सनेशन तकनीक के जरिए असली अभ्यर्थियों की जगह पेपर हल करते थे, जिससे परीक्षा प्रणाली को आसानी से धोखा दिया जाता था।
जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य यशराज परीक्षा केंद्र और कंप्यूटर लैब की व्यवस्था संभालता था, जबकि प्रांजल सॉल्वर छात्रों को जोड़ता था। 7 अप्रैल को 4-5 अभ्यर्थियों की परीक्षा तय थी, जिनके एडमिट कार्ड व्हाट्सएप के जरिए भेजे गए थे। हालांकि पुलिस के छापे के दौरान आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए ये एडमिट कार्ड तुरंत डिलीट कर दिए, जिससे जांच में शुरुआती बाधा आई। छात्रों को परीक्षाओं में बैठाने के लिए आरोपी फर्जी तरीके अपनाता था। वह एनीडेस्क और एमी एडमिन जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से ऑनलाइन परीक्षाओं में दखल देता था। आरोपी छात्रों को पेपर सॉल्वर बनाकर जोड़ता था, जिन्हें प्रति सवाल ₹500-1000 मिलते थे।
परीक्षाओं की पारदर्शिता के लिए बनाया गया हाईटेक कंट्रोल रूम
असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीटी, टीजीटी और यूपी-टीईटी परीक्षाओं को लेकर आयोग व एसटीएफ अलर्ट
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग आगामी असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीटी, टीजीटी और यूपी-टीईटी सहित विभिन्न परीक्षाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है। परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने अपने कार्यालय में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
कई वर्षों वाद आयोग बड़े स्तर पर परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। ऐसे में यह हाईटेक निगरानी व्यवस्था नकल और गड़बड़ी पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाएगी। आयोग का दावा है कि इस तरह का हाईटेक कंट्रोल रूम प्रदेश में चुनिंदा है। इसके जरिए सभी परीक्षा केंद्रों के कक्षों की निगरानी एआई कैमरों और वायोमेट्रिक सिस्टम सहित अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी।
कंट्रोल रूम में 27 से अधिक स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनके जरिए विभिन्न जिलों के परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। प्रत्येक केंद्र और अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर निगरानी के लिए 20 से 25 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आयोग के उप सचिव संजय सिंह के अनुसार, इस व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
एसटीएफ के रडार पर संदिग्ध
परीक्षाओं को लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एसटीएफ भी सक्रिय है। कई संदिग्धों के मोबाइल नंबर रडार पर हैं। 18 एवं 19 अप्रैल को होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है। अध्यक्ष बनने के बाद डॉ. प्रशांत कुमार के कार्यकाल की पहली परीक्षा असिस्टेंट प्रोफेसर की ही है। किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो ऐसे में आयोग, प्रशासन एवं एसटीएफ अलर्ट हैं।
प्रयागराज। उप्र यूनानी निदेशालय विभाग के अंतर्गत यूनानी चिकित्साधिकारी के 25 पदों पर होने वाली भर्ती के लिए आयोग द्वारा स्क्रीनिंग परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया हैं। उप सचिव कमलेश कुमार के अनुसार परीक्षा दो घंटे की होगी। परीक्षा में 150 वहुविकल्पीय प्रश्नों का एक प्रश्नपत्र होगा। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा।
गलत उत्तर के लिए प्रश्न हेतु नियत किए गए अंक का 0.33 हिस्सा दंड के रूप में काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि सामान्य अध्ययन में प्रश्नों की संख्या 30 होगी, जिसमें 30 अंक और यूनानी चिकित्सा अधिकारी पद के लिए निर्धारित विषय में 120 प्रश्नों के 120 अंक होंगे। इस तरह प्रश्नों की संख्या 150 और पूर्णांक 150 होगा।
वहीं, लोक सेवा आयोग द्वारा होम्योपैथी निदेशालय विभाग के अंतर्गत होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के 265 पदों के लिए आयोजित की जानी वाली परीक्षा दो घंटे की होगी। उप सचिव कमलेश कुमार के अनुसार परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय प्रश्नों वाला एक प्रश्नपत्र होगा। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। इसमें सामान्य अध्ययन में 30 प्रश्नों और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी पद हेतु निर्धारित विषय में 120 प्रश्न होंगे। परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
15 अप्रैल को होगा सफल घोषित अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के तहत समीक्षा अधिकारी / सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा-2023 के पदों पर सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों के अभिलेखों के सत्यापन का कार्य 15 अप्रैल को आयोग कार्यालय में किया जाएगा।
आयोग के उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि सत्यापन कार्य दो पालियों में आयोजित होगा। आरओ उत्तर प्रदेश सचिवालय चयन क्रमांक एक से 210 तक का सत्यापन प्रथम पाली में सुबह 9:30 बजे से होगा। वहीं, द्वितीय पाली दोपहर 1:30 बजे से चयन क्रमांक 211 से 322 (112 अभ्यर्थियों) के अभिलेखों का मिलान होगा। इसके अलावा एआरओ सचिवालय क्रम संख्या एक से 40, आरओ राजस्व परिषद (क्रमांक एक से तीन), एआरओ राजस्व परिषद (क्रमांक एक से 23), आरओ लोक सेवा आयोग (क्रमांक एक से 13), एआरओ लोक सेवा आयोग (क्रमांक एक से 16) और एआरओ लेखा लोक सेवा आयोग (क्रमांक एक और दो) के अभिलेखों का मिलान दोपहर 1:30 बजे से आयोग परिसर स्थित सरस्वती भवन में होगा।
खरीफ सीजन : डीएपी के दाम नहीं बढ़ेंगे
सब्सिडी को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी, पिछले साल के 37216 करोड़ से 12 फीसदी अधिक
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों पर 41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) के इस फैसले से तय हो गया कि इस साल डीएपी खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे। डीएपी की 50 किलो की बोरी पिछले साल की तरह 1,350 रुपये में मिलती रहेगी। सब्सिडी एक अप्रैल से 30 सितंबर तक खरीफ सीजन के लिए लागू होगी।
सीसीईए की बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस सीजन की सब्सिडी 2025 के खरीफ सीजन के मुकाबले 4,317 करोड़ यानी करीब 12 फीसदी अधिक है। 2025 का बजट अनुदान 37,216.15 करोड़ रुपये था। इस सब्सिडी से किसानों को रियायती एवं उचित कीमतों पर उर्वरक मिलता रहेगा।
पश्चिम एशिया संकट के कारण यूरिया, एमओपी, डीएपी, सल्फर जैसे उर्वरकों तथा अन्य सामग्रियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय किया। पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना में 28 श्रेणी के पोषक तत्व और पोटेशियम उर्वरक शामिल हैं। इनमें डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी), म्यूरिएट आफ पोटाश (एमओपी) और नाइट्रोजन फास्फेट, पोटाश जैसे गैर यूरिया उर्वरकों के खुदरा मूल्य नियंत्रण से मुक्त हैं।
नाइट्रोजन पर 47.32 रुपये प्रति किलो सब्सिडी सरकार ने नाइट्रोजन की सब्सिडी 47.32 रुपये, फास्फेट की 52.76 रुपये, पोटाश 2.38 रुपये और सल्फर की 3.16 रुपये प्रति किलो तय की है। नाइट्रोजन, फास्फेट व सल्फर की सब्सिडी दर बढ़ाई है।
महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी
नई दिल्ली। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है। कैबिनेट ने आगामी आम चुनाव में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए तीन संविधान संशोधन विधेयकों को मंजूरी दे दी है।
इन विधेयकों को बजट सत्र की 16 से 18 अप्रैल को बुलाई गई बैठक में पारित कराया जाएगा। हालांकि, सरकार ने इस आशय की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक, जिन तीन संविधान संशोधन विधेयकों को मंजूरी दी गई है, उनमें नारी शक्ति वंदन कानून लागू करने के लिए जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से मुक्त कर दिया गया है।
दूसरे संशोधन विधेयक में इस कानून को लागू करने के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है। तीसरे संविधान संशोधन बिल में आनुपातिक आधार पर हर राज्य की लोकसभा सीटों की संख्या में 50 फीसदी वृद्धि का प्रावधान है। पीएम मोदी ने केरल में प्रचार के दौरान संसद के इसी सत्र में महिला आरक्षण बिल लाने की घोषणा की थी।
किसान हित हमारी प्राथमिकता
वैश्विक चुनौतियों के बीच भी किसान भाई-बहनों का हित
हमारी सरकार की सदैव प्राथमिकता रहा है। वर्ष 2026 के खरीफ सीजन के लिए पोषक आधारित सब्सिडी की बढ़ोतरी से अन्नदाताओं को पहले की तरह किफायती दरों पर उर्वरक मिलते रहेंगे। नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री चीन सीमा के नजदीक 40000 करोड़ की दो बिजली परियोजनाएं कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के नजदीक दो जलविद्युत परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। इनमें से कलाई-II के निर्माण पर 14,105.83 करोड़ रुपये, जबकि कमला जलविद्युत परियोजना पर 26,069 करोड़ रुपये खर्च
युवाओं को स्वरोजगार के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
प्रयागराज। प्रदेश सरकार' मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत युवाओं को स्वरोजगार और छोटे उद्योगों के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत पांच लाख की परियोजनाओं के तहत ऋण अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए मिशन मोड में अगले 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा है, जिसमें प्रतिवर्ष करीब 1.5 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग शरद टंडन के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। इसके जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे और निवेश को आकर्षित किया जाएगा।
सरकार की विभिन्न कौशल प्रशिक्षण योजनाओं (जैसे-कौशल विकास मिशन, एक जिला एक उत्पाद, विश्वकर्मा श्रम सम्मान आदि) से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को वरीयता मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लागू होने से छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पात्रता की शर्तें
आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए, आयु सीमा 21 से 40 वर्ष के बीच हो।
न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आठवीं उत्तीर्ण अनिवार्य, इंटरमीडिएट या समकक्ष को प्राथमिकता।
अधिकतम पांच लाख रुपये तक के ऋण पर अनुदान की व्यवस्था।
पांच से 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं में अतिरिक्त वित्त की व्यवस्था लाभार्थी को स्वयं करनी होगी।
परियोजना लागत का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी (अधिकतम पांच लाख तक) दी जाएगी।
आधार सत्यापन से जमीन की एक से अधिक रजिस्ट्री पर कसा शिकंजा
भूमाफिया पर भी लगाम जमीन की अवैध खरीद फरोख्त पर बढ़ी निगरानी
प्रयागराज। रजिस्ट्री प्रक्रिया में आधार का बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किए जाने से कोई व्यक्ति अब एक से अधिक लोगों के नाम पर एक ही जमीन की रजिस्ट्री कर धोखाधड़ी नहीं कर सकेगा। इस पर निगरानी बढ़ाने के लिए सभी उप निबंधक कार्यालयों में आइरिस स्कैनिंग भी शुरू करा दी गई है। रजिस्ट्री में आधार का बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया तो शुरुआत में कई प्रकार की तकनीकी अड़चनें आईं। इस व्यवस्था को लागू करने के पीछे निबंधन विभाग का उद्देश्य था कि कोई भी व्यक्ति एक ही जमीन अलग-अलग लोगों को न बेच सके और अगर वह ऐसा करता है तो आधार के बायोमीट्रिक सत्यापन के दौरान पकड़ लिया जाए। शुरुआत में कई लोगों की बायोमीट्रिक मशीनों पर स्कैनिंग न होने के कारण उनके बैनामे रोक दिए गए। अफसरों के लिए यह पता लगा पाना भी मुश्किल था कि आधार में गड़बड़ी है या किसी तकनीकी कारण से ऐसा हो रहा है। ऐसी स्थिति में अगर विभाग के अफसर सिर्फ आधार कार्ड देखकर रजिस्ट्री कर देते तो उसमें गड़बड़ी की आशंका बनी रहती। इस समस्या से निपटने के लिए निबंधन विभाग ने एक अप्रैल से सभी उप निबंधक कार्यालयों में आइरिस स्कैनिंग की व्यवस्था भी लागू कर दी। दो स्तर पर बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था से भूमाफिया पर शिकंजा कसेगा और वे धोखधड़ी नहीं कर सकेंगे। आधार के बायोमीट्रिक सत्यापन व आइरिस स्कैनिंग से निबंधन विभाग के पास भी जमीन बचने व खरीदने वाले का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। अगर कोई व्यक्ति उसी जमीन को धोखाधड़ी कर दोबारा बेचने का प्रयास करता है तो बायोमीट्रिक सत्यापन व आइरिस स्कैनिंग के दौरान पकड़ा जाएगा। निबंधन विभाग के पास भी उस व्यक्ति के खिलाफ धोखधड़ी के पर्याप्त सुबूत होंगे।
सीजीएल का परिणाम घोषित 15118 को मिली सफलता
प्रयागराज। कर्मचारी चयन आयोग ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा 2025 का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया। इसमें सफल 15118 अभ्यर्थियों में से 6458 अनारक्षित, 3832 ओबीसी, 2221 एससी, 1132 एसटी और 1475 ईडब्ल्यूएस वर्ग के शामिल हैं। अनारक्षित वर्ग में सफल 6458 अभ्यर्थियों में से 1526 ओबीसी, 794 ईडब्ल्यूएस, 40 एससी और आठ एससी वर्ग के हैं।
इसके टियर-वन का परिणाम 18 दिसंबर 2025 को घोषित किया गया था। उसके बाद टियर-टू की कंप्यूटर आधारित परीक्षा 18 और 19 जनवरी को आयोजित की गई थी। योग्य अभ्यर्थियों के लिए पहली बार लागू स्लाइडिंग मैकेनिज्म संबंधी तीन मार्च 2026 की अधिसूचना के अनुसार बुधवार को अस्थायी आवंटन के प्रथम चरण (एफआरटीए) को सार्वजनिक किया गया।
अंकित सिंह को मिली 15 वीं सरकारी नौकरी
प्रयागराज। वैचारिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह के बड़े बेटे अंकित कुमार सिंह का चयन सीजीएल के माध्यम से वित्त मंत्रालय के अधीन केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) में इंस्पेक्टर (प्रिवेंटिव ऑफिसर) पर हुआ है। खास बात यह है कि अंकित को यह 15वीं सरकारी नौकरी मिली है। यूपी दरोगा से सफर शुरू हुआ स्टेशन मास्टर, टीसी, सीनियर टीसी, लेखपाल, सेक्रेटरी, एमएसजी हवलदार, टीए इनकम टैक्स, टीए सेल्सटैक्स जैसी नौकरियों के बाद सीजीएल के प्रतिष्ठित पद प्रिवेंटिव ऑफिसर पर चयन हुआ है। खरकौनी नैनी के रहने वाले अंकित की मां सुनीता सिंह गृहणी हैं।
चिकित्साधिकारी स्क्रीनिंग परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आयुष विभाग में चिकित्साधिकारी भर्ती के लिए प्रस्तावित स्क्रीनिंग परीक्षा की परीक्षा योजना बुधवार को जारी कर दी। होम्योपैथी निदेशालय में होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के 265 पदों और श्रम विभाग में होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के सात पदों के अलावा यूनानी निदेशालय में यूनानी चिकित्साधिकारी के 25 पदों के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा दो घंटे की होगी। होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी की स्क्रीनिंग परीक्षा 24 अक्तूबर जबकि यूनानी चिकित्साधिकारी की परीक्षा 18 दिसंबर को होगी।
परीक्षा में 150 वस्तुनिष्ठ प्रकारक बहुविकल्पीय प्रश्नों वाला एक प्रश्नपत्र होगा। प्रत्येक प्रश्न एक अंक
का होगा। गलत उत्तर के लिए प्रश्न के लिए नियत किए गए अंकों का 1/3 (0.33 अंक) दंड के रूप में काटा जाएगा। प्रश्नपत्र दो भागों में विभक्त होगा। पहले भाग में सामान्य अध्ययन के 30 जबकि दूसरे भाग में चिकित्सा अधिकारी पद के लिए निर्धारित विषय से 120 प्रश्न होंगे। आयोग के उपसचिव कमलेश चंद के अनुसार परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम आयोग की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in पर उपलब्ध है।
परीक्षा से एक घंटा पहले मेल से भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र
प्रयागराज। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने मुख्य परीक्षाओं में पेपर लीक की आशंका खत्म करने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब परीक्षा केंद्रों को प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले ई-मेल के जरिए भेजे जाएंगे। इससे न केवल गोपनीयता बनी रहेगी, बल्कि प्रश्नपत्र की समय से केंद्रों तक पहुंच भी सुनिश्चित होगी।
एनआईओएस के सहायक हितेश कुमार दीक्षित ने बताया कि अब तक प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों के नजदीकी राष्ट्रीय बैंक में एक सप्ताह पहले भेजे जाते थे। वहां से परीक्षा नियंत्रक परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले प्रश्न पत्र
एनआईओएस की 10 अप्रैल से प्रस्तावित है मुख्य परीक्षा पहले बैंक के माध्यम से भेजे जाते थे प्रश्नपत्र को लेकर केंद्रों पर जाते थे। जिससे कई बार देरी और लीक की शिकायतें सामने आती थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। एनआईओएस की सैद्धांतिक परीक्षाएं 10 अप्रैल से शुरू हो रही हैं। इस बार प्रदेशभर में 14,473 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनमें प्रयागराज से 832 परीक्षार्थी शामिल हैं। वहीं पूरे प्रदेश में 87 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, इनमें प्रयागराज में पांच परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
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