Adsense

GSC JAUNPUR
Good Service Citizen Jaunpur (U.P)

Welcome to Sarkari and Private Job Portal and Daily News

UP Scholarship Online Form 2026-2027 || Swarojgaar Sangam U.P 2026 || CCC Online Form 2026 IRCTC Train Booking 2026 || UPSSSC PET Answer Key Download Online 2023 || Income, Caste, Domicile Certificate Verification Aadhar Correction & Updated 2026 || PREPARATION of Exam Online Test Book 2026 || UP B.ED Combined Entrance Exam 2026-27 Maharaja Suhel Dev University Azamgarh 2026 || LIGHT Bill Payment 2026 || VBSPU Jaunpur Result 2026 & Online Service

होमगार्ड भर्ती परीक्षा कल से 27 तक दो पालियों में

होमगार्ड भर्ती परीक्षा कल से 27 तक दो पालियों में

कानपुर। जिले के 53 परीक्षा केंद्रों पर 25 से 27 अप्रैल तक प्रस्तावित होमगार्ड भर्ती परीक्षा में कोई 70 हजार की भीड़ का लोड सेंट्रल पर पड़ेगा। डिप्टी सीटीएं आकांशु गोविल ने आरपीएफ, जीआरपी और चेकिंग स्टाफ की 24 अप्रैल को बैठक बुलाई है। यह परीक्षा दिन में दो पाली में होगी। इधर आरपीएफ और जीआरपी ने क्यूआरटी गठित करके 12 टीमों को हेल्पलाइन नंबर रेलवे - 139, आरपीएफ - 9794837346, जीआरपी-9454404416 सक्रिय कर दिया है।

आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार और जीआरपी प्रभारी ओएन सिंह ने बताया कि क्यूआरटी शुक्रवार की आधी रात से सक्रिय रहेगी।

होमगार्ड भर्ती पेपर को लेकर सोशल मीडिया चर्चा पर रोक

लखनऊ। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र पर किसी प्रकार की चर्चा करने अथवा अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने इसे लेकर चेतावनी भी जारी की है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को पूरी शुचिता के साथ परीक्षा संपन्न कराने के कड़े निर्देश दिए थे।

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों को आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर बोर्ड की होने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों अथवा उनके कंटेंट पर चर्चा, विश्लेषण या प्रसार करना नियमों के तहत प्रतिबंधित है। कोई भी व्यक्ति जो परीक्षा सामग्री या उसकी किसी जानकारी को किसी भी रूप में प्रकाशित, प्रसारित, संग्रहीत या साझा करेगा तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्र में प्रदान की गई मूल ओएमआर शीट यदि कोई अभ्यर्थी साथ ले जाते हुए पाया जाता है, या सामग्री को अनाधिकृत रूप से कब्जे में रखे हुए पाया जाता है, तो उस पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

एम्स की परीक्षा में एआई का इस्तेमाल कर नकल

नई दिल्ली। देश के सबसे शीर्ष चिकित्सा संस्थान एम्स में एमबीबीएस की परीक्षा में बायोकेमिस्ट्री का प्रश्नपत्र हल करने में एआई का इस्तेमाल कर नकल करने का मामला सामने आया है। इससे एम्स के फैकल्टी स्तर के कई डॉक्टर भी हैरान हैं।

इस मामले में एम्स ने कोई सख्त कार्रवाई तो नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि आनन फानन में पेपर रद्द कर छात्रों की दोबारा परीक्षा ली गई। एम्स में अभी एकेडमिक परीक्षाएं चल रही हैं। इसी क्रम में एमबीबीएस के मध्यावधि सेमेस्टर की परीक्षा में बायोकेमिस्ट्री का पेपर चल रहा था। परीक्षा कक्ष में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित होता है। साथ ही, इंटरनेट की कनेक्टिविटी भी नहीं होती। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि परीक्षा शुरू होने के बाद एक-एक कर छात्रों ने शौचालय जाना शुरू हुए। शक तब हुआ जब एक साथ अधिक संख्या में छात्र बार-बार शौचालय जाने के लिए अनुरोध करने लगे। छानबीन की तो पूरा मामला सामने आया। छात्रों ने शौचालय में मोबाइल छिपाकर रखा था। 50-60 छात्रों ने प्रश्नपत्र हल करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया।

सबसे प्रतिभाशाली छात्रों का होता हैदाखिलाः एम्स में एमबीबीएस की 125 सीटें है। एम्स में एमबीबीएस में दाखिला मिल पाना आसान नहीं होता। डॉक्टर बनने के इच्छुक देश के सबसे प्रतिभाशाली छात्र ही एम्स में दाखिला करा पाते हैं लेकिन एकेडमिक परीक्षा में नकल का मामला सामने आने से एमबीबीएस मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।

न विज्ञापन न इंटरव्यू, सीधे बना दिया केजीएमयू का ओएसडी

एसटीएफ ने तत्कालीन ओएसडी सैयद अख्तर अब्बास की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी

लखनऊ। दुनिया के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में शुमार राजधानी के किंग जार्ज जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) की नियुक्ति में नियमों की धज्जियां उड़ा दी गईं। तत्कालीन अधीक्षक ने महज एक पत्र पर ओएसडी सैयद अब्बास की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया। शासन के निर्देश पर एसटीएफ ने इस मामले की जांच की तो इस फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। एसटीएफ द्वारा शासन को रिपोर्ट सौंपने के बाद अब वित्त समेत संबंधित विभागों द्वारा इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि केजीएमयू में डॉ. रमीज द्वारा अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के आरोपों की जांच शासन ने एसटीएफ को सौंपी थी। इसी दौरान केजीएमयू के ओएसडी सैयद अब्बास की इसमें संलिप्तता और उनकी नियुक्ति को लेकर भी खासा बवाल मचने पर एसटीएफ को जांच करने को कहा गया। एसटीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक जांच में सामने आया कि सैयद अब्बास की नियुक्ति महज एक अनुरोध पत्र देने पर हुई थी। इसी पत्र पर नियुक्ति करने का आदेश जारी कर दिया गया। बाद में उनका विनियमितीकरण भी हो गया। जबकि नियमों के मुताबिक नियुक्ति

केजीएमयू प्रबंधन को करनी थी। इसके लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराकर आवेदन आमंत्रित करने के बाद निर्धारित अर्हता पूरी करने वालों का इंटरव्यू होना था। सैयद अब्बास के मामले में इन सारे नियमों को ताक पर रख दिया गया। हालांकि एसटीएफ की जांच में सैयद अब्बास की अवैध धर्मांतरण प्रकरण में किसी तरह की संलिप्तता का सुराग नहीं मिला।

राज्य सरकार ने केजीएमयू में अवैध धर्मांतरण सहित विभिन्न आरोपों की जांच 12 जनवरी को एसटीएफ को दी थी। इसके बाद ओएसडी सैयद अब्बास को सेवनिवृत्ति से जुड़े लाभ देने का मामला सामने आया तो इसकी जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति गठित की गई। वहीं 27 फरवरी को एसटीएफ को जांच करने को कहा गया। इसके बाद एसटीएफ ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी कर कई दस्तावेज हासिल किए थे।

12वीं पास सेवारत शिक्षक भी अब दे सकेंगे यूपीटीईटी

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 12वीं पास के आधार पर मृतक आश्रित के रूप में 1990 से 1992 के बीच नियुक्त शिक्षक भी अब उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के लिए आवेदन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार ऐसे अभ्यर्थी जो 12वीं पास होने के बाद मृतक आश्रित श्रेणी में 1990 से 92 के बीच अध्यापक नियुक्त हुए हैं और जिन्हें केवल इंटरमीडिएट की मार्कशीट की योग्यता पर अध्यापक बनाया गया था। ऐसे सेवारत अध्यापक यूपी-टीईटी का फॉर्म भर पाने में असफल थे क्योंकि उनके पास 10वीं, 12वीं की मार्कशीट है लेकिन स्नातक और बीटीसी/बीएड नहीं है।

 

ऐसे अभ्यर्थियों का पोर्टल पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने दी सहूलियत अपडेशन के बाद चेक बॉक्स पर क्लिक कर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस प्रकार उन्हें स्नातक व अन्य डिटेल्स को भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) तक की टीईटी में आवेदन किया हैं लेकिन वे पुनः छह से आठ में भी आवेदन के इच्छुक हैं, वे लॉगिन के पश्चात एग्जाम ऑप्शन पर जाकर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। अभ्यर्थी को अपनी शैक्षणिक योग्यता की डिटेल्स नहीं भरनी पड़ेगी एवं उनका सैलरी स्लिप ही पर्याप्त होगी।

हिंदी अनुवादक भर्ती के लिए आवेदन शुरू

प्रयागराज। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने संयुक्त हिंदी अनुवादक परीक्षा 2026 के लिए आवेदन मांगे हैं। अभ्यर्थी 14 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई, जबकि आवेदन में संशोधन के लिए 19 से 20 मई तक का समय दिया गया है। कंप्यूटर आधारित पहले चरण की परीक्षा अगस्त से सितंबर के बीच होने की संभावना है। इसके तहत जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर, जूनियर ट्रांसलेशन ऑफिसर, सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर और सीनियर ट्रांसलेशन ऑफिसर के 84 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे: केंद्र

सरकार ने खबरों को भ्रामक और गुमराह करने वाला बताया

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25-28 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए जाने का दावा करने वाली खबरों को गुरुवार को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ऐसी खबरें नागरिकों में डर एवं घबराहट पैदा करने के लिए पेश की जा रही हैं और ये भ्रामक तथा गुमराह करने वाली हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह स्पष्टीकरण कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें संकेत दिया गया था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। कोटक ने कच्चे तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल रहने के आधार पर 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, चार साल में कीमतें नहीं बढ़ीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जहां पिछले चार साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं। केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।

सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं उड़ानें' 'छोटे शहरों से भी अंतरराष्ट्रीय

नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को इंदिरा गांधी हवाई अड्डा पर उच्च स्तरीय बैठक की। मंत्री ने उच्च अधिकारियों के साथ हब-एंड-स्पोक (मॉडल) व्यवस्था लागू करने की तैयारियों पर चर्चा की। इस मॉडल में छोटे शहरों के एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ा जाएगा।

धूप और गर्मी का कहर, 40 जिलों में लू की चेतावनी

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में झुलसाती गर्मी और तपिश का कहर जारी है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाके गर्म हवा और लू के थपेड़ों की चपेट में रहे। प्रयागराज प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा और देश में दूसरे नंबर पर रहा।

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 40 जिलों में लू की चेतावनी जारी किया है। वहीं पश्चिम के 17 जिलों में वार्म नाइट की चेतावनी है यानी इन जिलों में रातें सामान्य से

इन 40 जिलों के लिए है लू की चेतावनीः बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर व आस पास के क्षेत्र।

ज्यादा गर्म रहेंगी और रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। पूर्वानुमान है कि 26 अप्रैल से यूपी में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी होगी और लू के थपेड़ों व तपिश से फौरी तौर पर राहत मिलेगी।

बृहस्पतिवार को प्रयागराज में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं 43.8 डिग्री के साथ सुल्तानपुर प्रदेश में दूसरे नंबर पर गर्म रहा। फरूखाबाद में 28 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रात रही।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नए विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश भर में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और पश्चिमी यूपी, तराई आदि में बूंदाबांदी से पारे में गिरावट के संकेत हैं।

दो घंटे में बिजली न जुड़ी तो एक लाख जुर्माना लगेगा

लखनऊ। विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में मार्च से अप्रैल के बीच प्रीपेड उपभोक्ताओं के रीचार्ज के बाद भी बिजली दो घंटे में न जोड़े जाने के मामलों को लेकर कड़ा एतराज जताया है। आयोग नेइस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पावर कारपोरेशन को नोटिस जारी किया है। कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक से 15 दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने कहा है कि क्यों न पावर कारपोरेशन के खिलाफ मार्च से अप्रैल तक अलग-अलग तिथि में स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस के उल्लंघन को लेकर प्रत्येक मामले में एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाया जाए।

पावर कारपोरेशन ने 17 अप्रैल को जो जवाब विद्युत नियामक आयोग में दाखिल किया था, उसमें स्वीकार किया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति पुनः बहाल करने के मामले में तय मानकों का पालन नहीं हुआ। प्रदेश में 193143 विद्युत उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मोड में रिचार्ज किए जाने के बावजूद भी दो घंटे से ज्यादा समय व्यतीत हो जाने पर नहीं जुड़े। दरअसल, इसे लेकर उपभोक्ता परिषद की तरफ से आयोग में लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल किया गया था।

16 में से 10 दिन मिला नियमों का उल्लंघन कारपोरेशन के जवाब पर नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह के निर्देश पर आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। कहा है कि प्रत्येक मामले में एक लाख रुपये की पेनल्टी विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-142 के तहत क्यों ना लगा दी जाए। कारपोरेशन के निदेशक कमर्शियल की तरफ से दाखिल जवाब में 16 दिन के 2 घंटे के अंदर और 2 घंटे के बाद प्रीपेड मीटर के मामले में पूरी रिपोर्ट दाखिल की गई थी, जिसमें 10 दिन के मामले में उल्लंघन पाया गया। स्टैंडर्ड्स ऑफ परफॉर्मेंस विनियम-2019 के अनुसार रिचार्ज या भुगतान के दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करना अनिवार्य है।

70 लाख प्रीपेड मीटरों पर निर्णय ले आयोगः अवधेश

वही उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने गुरुवार को फिर नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर भारत सरकार की सूचना के खिलाफ उत्तर प्रदेश में अभी भी नए कनेक्शन पर प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जाने का मामला उठाया।

वन रक्षक व वन्यजीव रक्षक के 708 पदों पर होगी भर्ती

लखनऊ। प्रदेश में वन विभाग में वन रक्षक व वन्यजीव रक्षक के 708 पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 30 जून से 20 जुलाई तक होंगे जबकि शुल्क समायोजन व आवेदन में संशोधन 27 जुलाई तक किए जा सकेंगे। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने बृहस्पतिवार को भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया।

इसके अनुसार भर्ती के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2025 में शामिल अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। इसके आधार पर ही उन्हें लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। अभ्यर्थी अपने पीईटी रजिस्ट्रेशन नंबर से भी अपने आवेदन कर सकते हैं। सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को 25 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा जबकि मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों से अलग से शुल्क लिया जाएगा।

आयोग के सचिव अवनीश सक्सेना ने बताया कि अभ्यर्थी अपना आवेदन पूरा करने के बाद उसका प्रिंट आउट ले लें क्योंकि इसे आयोग में प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदन करने की तिथि से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज अभ्यर्थी प्राप्त कर लें। महिला अभ्यर्थियों के मामले में पिता पक्ष से जारी जाति प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। भर्ती के लिए इंटर या उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई परीक्षा उत्तीर्ण होना होगा। आयु पहली जुलाई को 18 साल औरके 40 वर्ष से अधिक न हो।

30 जून से 20 जुलाई तक होंगे आवेदन, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जारी किया कार्यक्रम

शारीरिक दक्षता परीक्षा भी देनी होगी अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक मानक भी तय किए गए हैं। इसमें पुरुष अभ्यर्थियों को 10 किग्रा भार लेकर 04 घंटे में 25 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। वहीं महिला अभ्यर्थियों को 4 घंटे में 14 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके साथ ही 100 नंबर, 100 सवाल की दो घंटे की परीक्षा भी होगी। इसमें माइनस मार्किंग भी लागू होगी। उन्होंने बताया कि इसका विस्तृत पाठ्यक्रम भी आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।

फर्जी अभ्यर्थी नकल गिरोह पर पैनी नजर

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 2024 के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। सभी तरह की व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए गुरुवार को समाहरणालय में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) राजेश्वर नाथ आलोक ने ने दंडाधिकारियों, पुलिस अफसरों, केंद्र अधीक्षकों व विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, फर्जी अभ्यर्थी व अनुचित संसाधनों पर रोकथाम, आपातकालीन हालात से निपटने की तैयारी पर रणनीति बनाई गई।

राजेश्वर नाथ ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कराने को कहा। केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था बेहतर और नियंत्रित रखने पर जोर दिया। ट्रैफिक प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने फर्जी परीक्षार्थियों, नकल, कदाचार जैसी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी। किसी भी तरह की खामी दिखने पर फौरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों-कर्मचारियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाने की भी अपील की। बैठक में एडीएम (नक्सल) सुदर्शन मुर्मू, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जेपीएससी प्रतिनिधि, जिला पुलिस पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, परिवहन पदाधिकारी व अधिकारी मौजूद थे।

Post a Comment

0 Comments

×
Youtube Channel Image
Mastana Ji films Subscribe To watch more Comedy Video
Subscribe