सीएम-मंत्रियों के काफिले आधे होंगे
पीएम की अपील पर योगी ने दिए निर्देश NBT रिपोर्ट, लखनऊ पीएम नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में अपनी व मंत्रियों की फ्लीट में 50% कटौती करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि काफिले से अनावश्यक वाहन हटाए जाएं। हफ्ते में एक दिन मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। वहीं, सप्ताह में एक दिन नो वीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समान के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ा जाए।
योगी ने मंगलवार शाम शासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी। सोने की अनावश्यक खरीद से बचा जाए। प्रशासन स्थानीय जूलर्स असोसिएशन, व्यापारियों आदि के साथ भी बैठक कर उनकी चिंताओं को दूर करे। वर्चुअल बैठकें की जाएं
सीएम ने औद्योगिक विकास विभाग से कहा है कि वे औद्योगिक संस्थानों, बढ़े स्टार्टअप्स आदि को वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित करें। सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर अडवाइजरी जारी की जाए। शिक्षा विभाग के सेमिनारों, बैठकों, वर्कशॉप समेत सरकारी बैठकों आदि का आयोजन वर्चुअल हो। सचिवालय/निदेशालय की भी 50% आंतरिक बैठकें भी वर्चुअली की जाएं। स्कूल-कॉलेजों में स्कूली बस के उपयोग को प्रोत्साहित करें। आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ा जाए। पीक ऑवर में ईंधन का उपयोग कम करने के लिए ऑफिसों को अगल-अलग बैचों में बांटकर टाइमिंग तय की जाए।
36 जिलों के 614 केंद्रों पर होगी टीजीटी की परीक्षा|
प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के 15 विषयों के 3539 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा चार साल बाद तीन और चार जून को कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी है। परीक्षा के लिए 36 जिलों में 614 केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए 8,68,531 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। चूंकि परीक्षा के दौरान केंद्र में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध है इसलिए चयन आयोग ने केंद्राध्यक्ष से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए खास इंतजाम किए हैं। चयन आयोग के अधिकारी वॉयस ओवर इंटरनेट फोन (वीओआईपी) की सहायता से केंद्राध्यक्षों से संपर्क करते हैं। सभी केंद्रों पर ये खास फोन एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं।
आधार सत्यापन के लिए मिल गया लाइसेंस
चयन आयोग को आधार सत्यापन के लिए लाइसेंस भी मिल गया है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की ओर से आधार में उपलब्ध कराई गई सूचना सही है या नहीं इसका सत्यापन आयोग के स्तर से होने लगा है। पहले दूसरी एजेंसियों के माध्यम से सत्यापन कराया जाता था।
एएलपी भर्ती का छठवां पैनल जारी, 95 अभ्यर्थियों का चयन
प्रयागराज। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) प्रयागराज ने सहायक लोको पायलट (एएलपी) भर्ती परीक्षा-2024 के तहत प्रोविजनल पार्ट पैनल-6 जारी कर दिया है। इस पैनल में 95 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों में 94 को उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) और एक को उत्तर रेलवे (एनआर) में नियुक्ति मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों के अनुक्रमांक वेबसाइट नंबर आरआरबी प्रयागराज की आधिकारिक rrbpryj.gov.in पर जारी किए गए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि सफल अभ्यर्थियों के नाम आगे की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए संबंधित रेलवे जोन को भेज दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है।
नीट परीक्षा रद्द, विद्यार्थी बोले समय और मेहनत दोनों बर्बाद गन्ना पर्यवेक्षक के 1182 पदों पर आवेदन 7 जुलाई से
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग गन्ना पर्यवेक्षक के 1182 पदों पर भर्ती के लिए सात से 28 जुलाई तक आवेदन लेगा। कुल पदों में 1000 पद सामान्य और 182 विशेष चयन के हैं। आवेदन में संशोधन चार अगस्त तक किया जा सकेगा। आवेदन के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2025) वाले पात्र माने जाएंगे। आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने मंगलवार को इस संबंध में सूचना जारी की।
इसके मुताबिक आवेदन आयोग की वेबसाइट https://upsssc.gov.in पर ऑनलाइन लिए जाएंगे। पीईटी मेरिट से शार्टलिस्ट होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 25 रुपये रखा गया है। सामान्य चयन के 1000 पदों में अनारक्षित वर्ग
तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने जताई चिंता, री-एग्जाम की तैयारी को बताया चुनौती
प्रयागराज। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से नीट परीक्षा रद्द किए जाने की खबर सामने आते ही शहर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों में निराशा और - गुस्सा देखने को मिला।
नकल के लिए बैसाखी में छिपाकर ले गया स्मार्टफोन
प्रवक्ता भर्ती परीक्षा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के दौरान एक दिव्यांग अभ्यर्थी नकल करने के लिए बैसाखी में छिपाकर स्मार्टफोन परीक्षा कक्ष तक लेता गया। आयोग में स्थापित एआई एकीकृत नियंत्रण कमांड कक्ष से निगरानी के दौरान शक होने पर जांच की गई तो खुलासा हो गया। 10 मई को दूसरी पाली में इस्माइल नेशनल महिला पीजी कॉलेज मेरठ में दिव्यांग परीक्षार्थी कृष्ण पाल पुत्र हुकुम सिंह, निवासी भकरपुर कवट्टा मेरठ, परीक्षा कक्ष में
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा दी थी लेकिन परीक्षा रद्द होने की सूचना ने उनका मनोबल तोड़ दिया है। छात्राओं का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाएं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
के 402, अनुसूचित जाति 210, अनुसूचित जनजाति 16, अन्य पिछड़ा वर्ग 272, ईडब्ल्यूएस के 100 पद हैं। विशेष चयन के 182 पदों में अनुसूचित जाति आठ और अनुसूचित जनजाति 156 पद हैं। परीक्षा पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी आयोग की वेबसाइट पर है।बैसाखी लेकर प्रवक्ता रसायन विज्ञान की परीक्षा दे रहा था।
आयोग के उपसचिव और पीआरओ डॉ. संजय सिंह ने बताया कि परीक्षार्थी कृष्ण पाल (अनुक्रमांक 0302016680) को वर्तमान प्रवक्ता भर्ती परीक्षा से डिबार कर दिया गया है। आयोग की आगामी परीक्षा की शुचिता के लिए और उन्नत तकनीक के जरिए कंट्रोल रूम के माध्यम से सघन निगरानी की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी अनुचित साधनों के प्रयोग को पूर्ण रूप से रोका जा सके।
टीजीटी भर्ती परीक्षा में हाईटेक पहरा 614 केंद्रों पर वीओआईपी की व्यवस्था
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से तीन और चार जून को होने वाली टीजीटी भर्ती परीक्षा के लिए हाईटेक निगरानी होगी। प्रदेश के 36 जिलों में बनाए गए 614 परीक्षा केंद्रों पर पहली बार वॉयस ओवर इंटरनेट फोन (वीओआईपी) की व्यवस्था की गई है।
इन सभी केंद्रों की निगरानी आयोग के इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कंट्रोल रूम से सीधे संबंधित केंद्र पर फोन कर तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी।
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि टीजीटी भर्ती परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है। कुल 8,68,531 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। केंद्रों की निगरानी एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।
सभी केंद्रों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है, जहां से परीक्षार्थियों के प्रवेश, प्रश्नपत्र खुलने, बायोमैट्रिक उपस्थिति और परीक्षा के दौरान उनकी गतिविधियों पर सतत नजर रखी जाएगी। आयोग की ओर से पहली बार इस तरह की हाईटेक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
गन्ना पर्यवेक्षक के 1182 पदों पर जल्द होगी भर्ती
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जारी किया विज्ञापन
लखनऊ। प्रदेश में गन्ना एवं चीनी अधिष्ठान के अंतर्गत गन्ना पर्यवेक्षक के 1182 पदों पर भर्ती की जाएगी।
इसके लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने विस्तृत विज्ञापन जारी कर दिया है। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 से 28 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि शुल्क समायोजन एवं आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 4 अगस्त निर्धारित की गई है।
आयोग के अनुसार, भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी 2025 के आधार पर होगी। पीईटी 2025 में शामिल न होने वाले अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया में शॉर्टलिस्ट नहीं किए
जाएंगे। अभ्यर्थी पीईटी नंबर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिससे उन्हें कई जानकारियां दोबारा भरने की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी है।
आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने बताया कि सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 25 रुपये निर्धारित किया गया है। मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट होने पर अलग से शुल्क देना होगा। महिला अभ्यर्थियों के लिए पिता पक्ष से जारी जाति प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक तथा सीसीसी प्रमाणपत्र निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए।
लिखित परीक्षा 100 अंकों की होगी, जिसकी अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे तथा निगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर विस्तृत पाठ्यक्रम भी जारी कर दिया है। आयोग ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में अपनी श्रेणी सही ढंग से अंकित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई है।
शिक्षकों के समायोजन को लेकर जूनियर-सीनियर का विवाद शुरू |
प्रयागराज। हाईकोर्ट के आदेश पर परिषदीय स्कूलों में हो रहे शिक्षकों के समायोजन में एक और विवाद पैदा हो रहा है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा के आदेश पर कुछ जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने जूनियर शिक्षकों को दूसरे स्कूल में भेज दिया है जबकि कुछ अन्य जिलों के बीएसए ने सीनियर शिक्षकों को समायोजित कर दिया है। अब इसको लेकर शिक्षकों ने विवाद करना शुरू कर दिया है। सीनियर कह रहे हैं कि जूनियर शिक्षक का समायोजन होना चाहिए जबकि जूनियर शिक्षक पहले से कार्यरत शिक्षकों को दूसरे स्कूल में भेजने पर अड़े हैं। चूंकि अपर मुख्य सचिव के चार मई के आदेश में यह साफ नहीं है कि जूनियर या सीनियर में किसका समायोजन होगा इसलिए इसे लेकर कानूनी विवाद होना तय है। इसमें सीनियर और जूनियर दोनों में से जिसका मनमाफिक स्कूल में समायोजन नहीं होगा, वही न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। सौरभकुमार सिंह व छह अन्य की ओर से दायर विशेष अपील में हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को परिषदीय स्कूलों में न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती के आदेश दिए थे। इस मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होनी है।
अपर मुख्य सचिव ने सभी बीएसए से समायोजन करते हुए 20 मई तक रिपोर्ट मांगी है।
अब तक जिन जिलों में समायोजन हो चुका है उनमें अमेठी, बाराबंकी और भदोही में जूनियर शिक्षकों जबकि मेरठ, बुलंदशहर, प्रतापगढ़ और कौशांबी में सीनियर को दूसरों स्कूलों में भेजा जा रहा है। बरेली में वरिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस माना गया है। लखीमपुर खीरी में वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस माना गया
है लेकिन यदि सरप्लस अध्यापक महिला है तो अधिक ठहराव वाले पुरुष शिक्षक को समायोजित करने जा रहे हैं। हरदोई में दो कदम आगे बढ़ते हुए वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों सरप्लस शिक्षकों का डेटा मंगा लिया है। लखनऊ में अभी तक बीएसए ने सरप्लस में कनिष्ठ जाएगा या वरिष्ठ इसकी स्थिति तय नहीं की है।
जिले में शिक्षकों की समायोजन सूची पर भी विवाद
प्रयागराज। परिषदीय शिक्षकों के समायोजन के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने मंगलवार को सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी कर दी। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस दिखाया गया है। हालांकि सूची में आरटीई नियमों की खुलकर अनदेखी की गई है। उच्च प्राथमिक स्तर पर 100 छात्रसंख्या तक विषयवार तीन शिक्षक होना अनिवार्य है। तमाम विद्यालयों में एक विषय के एक से अधिक शिक्षक होने के बावजूद उन्हें सरप्लस नहीं दिखाया गया है। सिर्फ उन्हीं शिक्षकों को सरप्लस किया गया है जहां छात्रसंख्या 100 से कम है और अध्यापक तीन से अधिक हैं। एनआईसी की वेबसाइट पर प्रदर्शित डाटा के संबंध में शिक्षकों को कोई आपत्ति हो तो जनपदीय स्थानान्तरण/समायोजन समिति के सदस्य सचिव बीएसए को 19 मई तक साक्ष्य सहित प्रस्तुत कर सकते हैं। बीएसए ने साफ किया है कि 19 मई के बाद किसी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
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