11,508 शिक्षकों की होगी भर्ती

लखनऊः प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी अब दूर होने जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद ने नगर क्षेत्रों के स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भर्ती प्रस्ताव भेज दिया है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
रविवार को लोकभवन सभागार में आयोजित अनुदेशकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि कुल मिलाकर 20 हजार से अधिक अनुदेशकों और नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी। साथ ही संकेत भी दिया कि यदि स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ेगी तो शिक्षक-छात्र अनुपात बनाए रखने के लिए नए शिक्षकों की नियुक्ति भी जरूर होगी। नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में लंबे समय बाद बड़ी भर्ती होने जा रही है। इससे पहले वर्ष 2011 से 2016 के बीच सीमित स्तर पर कुछ भर्ती प्रक्रियाएं हुई थीं। उसके बाद नगर क्षेत्र के रिक्त पदों को ग्रामीण क्षेत्रों से तबादले और समायोजन के जरिये भरा जाता रहा। सीधी भर्ती लगभग बंद रही। वर्ष 2018 में 68,500 और 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्तियां शुरू हुई थीं, लेकिन वे केवल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के लिए थी। बाद में कई ग्रामीण विद्यालय नगरीय सीमा में शामिल हो गए, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी बढ़ गई। अब 11,508 नए सहायक अध्यापकों की भर्ती से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सबसे अधिक पद बरेली में रिक्त, लखनऊ में 444 पदों पर भर्ती
नगर क्षेत्र के विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए सभी 75 जिलों से रिक्त पदों का ब्योरा आयोग को भेजा गया है। सबसे अधिक बरेली में 888, कानपुर नगर में 758, मेरठ में 635, अलीगढ़ में 492, सहारनपुर में 448, लखनऊ में 444, गाजियाबाद में 405, आगरा और फर्रुखाबाद में 315-315, मथुरा में 255, बुलंदशहर और फिरोजाबाद में 245-245, जालौन में 232 और अमरोहा में 230 पद शामिल हैं। इसके अलावा बदायूं में 196, मुजफ्फरनगर में 186, गोरखपुर व हरदोई में 166-166, पीलीभीत में 166, लखीमपुर खीरी में 154, सिद्धार्थनगर में 152, एटा और जौनपुर में 151-151, बहराइच में 140, बस्ती और देवरिया में 131-131, रामपुर में 129, कासगंज में 128, मुरादाबाद में 127, इटावा में 125, शाहजहांपुर में 123, आजमगढ़ और बलिया में 122-122 पद रिक्त हैं। हापुड़ में 108, प्रतापगढ़ में 107, हमीरपुर में 105, फतेहपुर में 95, रायबरेली में 91, भदोही में 79, कौशांबी में 75, ललितपुर में 68, गोंडा और शामली में 66-66, मैनपुरी में 64, संतकबीरनगर में 62, बिजनौर में 59, महोबा में 56, गाजीपुर, मऊ और बांदा में 52-52, अयोध्या व बलरामपुर में भी 52-52 पदों का अधियाचन भेजा गया है। इसके अलावा कई जिलों में कम संख्या में भी रिक्तियां हैं। इनमें गौतमबुद्धनगर में छह, कुशीनगर में आठ, कानपुर देहात में 12, चंदौली में 15, महाराजगंज में 19, सोनभद्र में 20 और श्रावस्ती में दो पद शामिल हैं।
आरटीआई से मांगी गई कॉपी का नहीं होगा पुनर्मूल्यांकन
रांची। सीबीएसई 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद बोर्ड ने छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखने, अंकों का सत्यापन कराने और पुनर्मूल्यांकन को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं।
बोर्ड ने कहा है कि उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराई जा सकती है, लेकिन री-इवैल्यूएशन या शिकायत निवारण के लिए आरटीआई के तहत आवेदन
स्वीकार नहीं होंगे। बोर्ड ने स्कैन कॉपी देखने, अंकों का सत्यापन कराने और पुनर्मूल्यांकन के लिए अवसर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 मई से शुरू होगी, जो 22 मई तक निर्धारित है। छात्र केवल ऑनलाइन माध्यम से अपनी मूल्यांकित स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकेंगे। बोर्ड के निर्देश के अनुसार, छात्र एक या एक से अधिक विषयों के लिए एक साथ आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड की नई व्यवस्था के तहत यदि किसी छात्र ने पहले स्कैन कॉपी मंगाई है, तभी वह आगे अंकों के सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेगा।
पहले अनुदेशकों की करें भर्ती, फिर प्रवेश
लखनऊ : प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में अनुदेशकों की भारी कमी है। जिस ट्रेड के लिए शिक्षक नियुक्त हैं, उन्हें दूसरे ट्रेड ट्रेड के विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ रहा है। राजधानी के अलीगंज स्थित राजकीय आइटीआइ में ड्राफ्टमैन मैथ के पद पर नियुक्त सुमंत गौतम वेल्डिंग ट्रेड के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं, क्योंकि वेल्डिंग अनुदेशक का पद वर्षों से रिक्त है। वहीं, मलिहाबाद आइटीआइ में फैशन ट्रेड के लिए नियुक्त संदीप गौतम एम्प्लायबिलिटी स्किल पढ़ा रहे हैं।
प्रदेश के 305 राजकीय आइटीआइ में अधिकांश ट्रेड अनुदेशकों के अभाव में इसी तरह संचालित हो रहे हैं। केंद्र सरकार के कौशल विकास महानिदेशालय ने ट्रेडवार अनुदेशकों की नियुक्ति और उनका पूरा विवरण उपलब्ध कराने के बाद ही नए सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। महानिदेशालय के अनुसार 25 विद्यार्थियों पर एक अनुदेशक का मानक तय है, जबकि वर्तमान में कई संस्थानों में एक शिक्षक पर 50 से 80 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है।
इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रशिक्षण महानिदेशालय के निर्देशों के बाद प्रदेश के प्रशिक्षण निदेशालय में लगातार बैठकों का दौर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि 40 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं। इतने कम समय में भर्ती प्रक्रिया पूरी करना आसान नहीं है। ऐसे में ट्रेडवार प्रवेश प्रक्रिया पर फिलहाल संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने और बाद में नियुक्तियां करने का आश्वासन दिया है।
निजी आइटीआइ संचालकों ने भी खोला मोर्चा :
सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी आइटीआइ संचालकों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। पहले वे फीस बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, अब तीसरी ट्रेड बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
अब एक आवेदन से सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक ही आवेदन पत्र के माध्यम से विद्यार्थी कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं आवेदन करते समय अन्य यूजी पाठ्यक्रमों का विकल्प भी भर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को एक साथ कई पाठ्यक्रमों में अवसर प्राप्त होगा और आवेदन प्रक्रिया में समय व धन दोनों की बचत होगी। इसी प्रकार परास्नातक में दाखिले के लिए अलग-अलग आवेदन नहीं करना होगा।
राज्य विश्वविद्यालय ने कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी)-2026 तथा नियमित पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू है। विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक, परास्नातक, एकीकृत एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रवेश परीक्षा के स्कोर के आधार पर दिया जाएगा, जबकि परंपरागत पाठ्यक्रमों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 जून निर्धारित की गई है। वहीं नियमित एवं पारंपरिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं 30 जून तक आवेदन कर सकेंगे।
लखनऊ के संग्रहालय में का इतिहास तीन हजार वर्ष (संग्रहालय दिवस
लखनऊ । अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हर वर्ष 18 मई को मनाया जाता हैं। इसका मकसद है कि युवा पीढ़ी को हजारों वर्ष पुरानी सभ्याताओं और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़कर संरक्षण और शोध करना है। लखनऊ के संग्रहालय में मानव सभ्यता का इतिहास छुपा हैं। जहां 3000 वर्ष पहले मानव सभ्यता, संस्कृति, इतिहास, कला और विज्ञान से जुड़ी अनूठी और बहुमूल्य वस्तुओं का संग्रह है। लखनऊ के चिड़ियाघर परिसर में स्थित प्रदेश का सबसे पुराना राज्य संग्रहालय प्रागैतिहासिक काल से लेकर नवाबों के दौर तक, यानी लगभग 3,000 वर्ष से भी अधिक पुराना इतिहास और सभ्यताएं संजोए है।
वर्ष 1863 में स्थापित संग्रहालय में 1 लाख से भी अधिक अनमोल कलाकृतियां संजोकर रखी गई हैं। इस संग्रहालय में प्राचीन सभ्यताएं और कालखंड मौजूद हैं। संग्रहालय का सबसे बड़ा आकर्षण यहां रखी 3,000 साल पुरानी मिस्त्र की ममी और लकड़ी का ताबूत है। लखनऊ में अवध के नवाबों का इतिहास और विरासत संग्रहालयों में कैद हैं।
सीबीएसई सिर्फ सौ रुपये पुनर्मूल्यांकन शुल्क लेगा
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई की कक्षा 12वीं की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली से अंकों पर असर की चिंताओं को रविवार को खारिज किया। साथ ही पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका सत्यापन शुल्क घटाकर सौ-सौ रुपये करने की घोषणा की।
स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि छात्र उत्तर पुस्तिका देखना चाहते हैं तो अब 700 रुपये की जगह सिर्फ 100 रुपये देने होंगे। सत्यापन के लिए भी 500 की जगह 100 रुपये और किसी खास उत्तर की दोबारा जांच के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क लिया जाएगा। पुनर्मूल्यांकन में किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं तो उसके द्वारा चुकाया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा। ओएसएम त्रुटिरहित है। ओएसएम से 12वीं की 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं स्कैन की गईं। इस प्रक्रिया में सुरक्षा के तीन स्तर अपनाए गए। संजय कुमार ने बताया कि बार-बार स्कैन के बावजूद कुछ उत्तरपुस्तिकाओं में लिखावट स्पष्ट नहीं हो पा रही थी, क्योंकि उनमें इस्तेमाल की गई स्याही का रंग बहुत हल्का था। स्कैन के बाद भी उन उत्तरपुस्तिकाओं को पूरी तरह पढ़ने योग्य नहीं बनाया जा सका।
यूपी में 21508 शिक्षक और अनुदेशक भर्ती होंगे
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद की कायाकल्प यात्रा को और अधिक मजबूती देने के लिए प्रदेश सरकार 21508 नए शिक्षक व अनुदेशकों की नियुक्ति करेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर 11508 नए शिक्षकों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज को भेज दिया गया है। ये शिक्षक खासतौर पर नगरीय क्षेत्रों में भर्ती किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने 10 हजार और अनुदेशकों की भर्ती की घोषणा की। ये अनुदेशक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति किए जाएंगे। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात भी बेहतर होगा। राज्य सरकार वर्ष 2018 में की गई 69000 शिक्षक भर्ती के बाद अब इन भर्तियों को करने जा रही है।
मुख्यमंत्री रविवार को लोकभवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सरकार ने खुद मांगा मानदेय वृद्धि का प्रस्तावः मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2011-12 में बेसिक शिक्षा परिषद के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति शुरू की गई थी। उस समय उन्हें 7,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। वर्तमान में कला शिक्षा के 8,469, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के 9,645 तथा कार्यानुभव शिक्षा के 6,192 अनुदेशक कार्यरत हैं और कुल संख्या 24,296 रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011-12 से लेकर 2022 तक इनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
वर्ष 2019 में अनुदेशक महासंघ के साथ बैठक में उन्होंने स्वयं प्रस्ताव मांगा था, लेकिन चुनाव अधिसूचना के कारण निर्णय नहीं हो सका। वर्ष 2022 में सरकार ने 2,000 रुपये की वृद्धि की, लेकिन सरकार स्वयं भी इससे संतुष्ट नहीं थी।
छात्रों से श्रम दान कराने वालों को दंडित न करें
मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी अपील कर कहा कि बच्चे श्रमदान करते दिखाई दें तो नकारात्मक रूप में प्रस्तुत न किया जाए। बच्चों को छुई मुई न बनाएं, उन्हें मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। बेसिक शिक्षा परिषद से कहा कि ऐसे शिक्षकों को दंडित करने के बजाय सम्मानित किया जाना चाहिए जो बच्चों में अनुशासन, स्वच्छता की भावना विकसित कर रहे हैं, उनसे स्पष्टीकरण न मांगा जाए। बच्चों को इतना प्रबल बनाएं कि कोई उन्हें हाथ भी न लगा सके।
नीट प्रश्नपत्र बनाने वाला पूरा पैनल जांच के दायरे में
नई दिल्ली, हिटी। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो प्रवक्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पेपर तैयार करने वाला पूरा पैनल जांच के दायरे में है। सूत्रों के अनुसार, एनटीए के पैनल में शामिल सभी सदस्यों और एजेंसी के कुछ अधिकारियों की जांच शुरू कर दी गई है।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीट पर्चा लीक मामले में महाराष्ट्र से शुक्रवार को कथित सरगना रसायन विज्ञान प्रवक्ता पीवी कुलकर्णी, शनिवार को वनस्पति विज्ञान प्रवक्ता मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया गया था। ये दोनों नीट पेपर बनाने वाली समिति में थे। आरोप है कि पेपर तक पहुंच का फायदा उठाकर लीक करवाया। पहली बार परीक्षा कराने वाली एजेंसी से ही लीक का सूत्रधार मिला है। इस खुलासे के बाद पैनल के दूसरे सदस्य और एनटीए के कुछ अफसर भी जांच की जद में आ गए हैं।
'20,000 शिक्षक-अनुदेशक भर्ती होंगे'
योगी बोले, शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर हो जाएगा
लखनऊ प्रदेश में जल्द 20 हजार शिक्षकों और अनुदेशकों की भर्ती होगी। यह जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में आयोजित अनुदेशकों के सम्मान समारोह में दी। उन्होंने 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के चेक बांटे। सीएम ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों का चयन कर रहा है। प्रदेश में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए अधियाचन भेजा जा चुका है। वहीं, अपर प्राइमरी स्कूलों में अनुदेशकों की नियुक्ति भी की जाएगी। इससे शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर होगा।
सीएम ने कहा कि 2011-12 में अनुदेशकों की नियुक्ति की गई थी। उस समय 7,000 रुपये मासिक मानदेय था। 2022 में 2,000 रुपये मानदेय बढ़ाया गया लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं थी। सरकार का मानना है कि अनुदेशक, शिक्षा मित्र और बेसिक शिक्षा के हर कर्मचारी का मानदेय गरिमापूर्ण होना चाहिए। यही वजह है कि हमने मानदेय बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया है। इनके परिवारों को पांच लाख रुपये कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जा रहा है।
समय पर मिलेगी किताबेः सीएम ने कहा कि 2017 में जब सरकार बनी थी तो बेसिक शिक्षा की स्थिति बेहद खराब थी। 100 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में अनुदेशकों की सेवाएं समाप्त करने के प्रस्ताव आए थे। हमने
उनको अस्वीकार करते हुए 'स्कूल चलो अभियान' और 'ऑपरेशन कायाकल्प' की शुरुआत की। ड्रॉप आउट रेट अब 17-18% से घटकर 3% रह गया है। कहा कि सभी बच्चों को समय पर किताबें मिल जाएंगी।
बच्चों से श्रमदान पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाए'
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों से श्रमदान करवाया जाता है तो अक्सर उसका विडियो वायरल हो जाता है। कहा जाता है कि बच्चों से काम करवाया जा रहा है। इसआधार पर शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा जाता है और उनको सजा दी जाती है। लेकिन इसके लिए उनको सजा नही, सम्मानित करना चाहिए।
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