आंदोलन के साथ-साथ सीटेट-टेट की तैयारी में जुटे शिक्षक

सीटेट करने वाले शिक्षकों की भी नौकरी होगी सुरक्षित, नए की अपेक्षा पुराने शिक्षकों को आ रही ज्यादा दिक्कत
व्हाट्सएप ग्रुप बनाया पुराने पेपर हल कर रहे
जूनियर हाईस्कूल सोंगरा, गौरीगंज अमेठी की शिक्षिका अर्चना मिश्रा ने बताया कि टेट सीटेट की तैयारी करने वाले शिक्षकों के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें तैयारी से संबंधित जानकारियां व अन्य सूचनाएं साझा की जा रही हैं। इसमें सहयोगी शिक्षकों द्वारा पुराने पेपर भी दिए जा रहे हैं। हम इसे हल करके तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल से जाने के बाद पांच से छह, रात में नौ से दस और सुबह भी एक-एक घंटे की तैयारी समय निकालकर कर रही हैं।
पढ़ाने के साथ तैयारी में हो रही परेशानी
प्राइमरी स्कूल कल्लू पुरवा, निंदूरा बाराबंकी की हेड मास्टर लक्ष्मी मिश्रा कहती हैं कि ज्यादा उम्र वाले शिक्षकों (50 साल) के लिए टेट की तैयारी करना काफी दिक्कत भरा हो रहा है। वे हेड मास्टर हैं, उनके पास अतिरिक्त काम है। बड़ी मुश्किल से पढ़ाई के लिए समय बचता है। बेटी इंटर कर रही है, उसको भी समय देना पड़ता है। 95 में ग्रेजुएशन किया था, अब 30 साल बाद फिर पढ़ाई करना आसान नहीं है। काफी चीजें भूल गए हैं, ऐसे में चीजें दोबारा याद करना भी मुश्किल भरा है।
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा एक से आठ तक के सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद अलग-अलग संगठनों ने दिल्ली कूच का एलान कर दिया है। वहीं इसके लिए जिले-जिले संपर्क भी चल रहा है। दूसरी तरफ हाल ही में सीबीएसई ने फरवरी में सीटेट कराने की तिथि भी तय कर दी है। ऐसे में प्रदेश के परिषदीय शिक्षक आंदोलन के साथ ही पढ़ाई में भी लग गए हैं।
एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश के 1.80 लाख से अधिक शिक्षकों ने टीईटी पास नहीं किया है। टीईटी की प्रस्तावित तिथि जनवरी में घोषित की गई है। इससे पहले ही सीटेट की तिथि जारी हो गई है
ऐसे में शिक्षकों ने इसके लिए भी तैयारी शुरू कर दी है क्योंकि टीईटी या सीटेट में से कोई भी एक करने के बाद उनकी नौकरी सुरक्षित होगी। शिक्षकों ने कहा कि उनके साथ सही नहीं किया गया। फिर भी वे इसे चुनौती के रूप में लेकर तैयारी कर रहे हैं। वे इस निर्णय का विरोध भी करेंगे और सीटेट और टीईटी पास भी करेंगे।
सीटेट व यूपीटेट में से कोई भी एक पास हो
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के निर्भय सिंह ने कहा कि शिक्षकों को सीटेट व यूपीटेट में से कोई भी एक पास होना चाहिए। यही वजह है कि हम शिक्षकों से आंदोलन के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने की अलील कर रहे हैं। कक्षा एक से पांच के लिए प्राथमिक टेट, छह से आठ के लिए जूनियर टेट और पदोन्नति पाकर जूनियर में जाने के लिए भी जूनियर टेट करना होगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ की दो को राजधानी में बैठक
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में नौ राज्यों के संगठन टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) की ओर से 21 नवंबर को जंतर मंतर पर रैली की तैयारी तेज कर दी गई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा प्रदर्शन की सफलता व ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों के दिल्ली पहुंचने के लिए जिले-जिले जाकर संपर्क कर रहे हैं। इसी क्रम में दो नवंबर को लखनऊ में सभी जिलाध्यक्ष व महामंत्री की बैठक कर निर्देश दिए जाएंगे। टीएफआई 27 जुलाई 2011 के पहले शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग कर रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ 11 दिसंबर को जंतर मंतर पर देगा धरना
मांग न मानी गई तो फरवरी में संसद मार्च का एलान
लखनऊ। देशभर के परिषदीय शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के खिलाफ अलग-अलग शिक्षक संगठन अपने स्तर से विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस आदेश को वापस लेने और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
डिप्लोमा इंजीनियर संघ भवन में शनिवार को हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी अनिवार्य करने के आदेश को वापस लेने के लिए पीएम व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा गया। लेकिन शिक्षक हित में कोई पहल नहीं हुई।
ऐसे में संगठन ने 11 दिसंबर को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसमें देश भर के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि व शिक्षक शामिल होंगे। यदि इसके बाद भी केंद्र सरकार हमारी मांगों को लेकर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो संघ फरवरी 2026 में रामलीला मैदान से संसद तक मार्च निकालेंगे।
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