बिना प्रशिक्षण प्रगणक बनाने पर गुस्सा

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक तहसील मुख्यालय बारा खास स्थित जिलाध्यक्ष वसीम अहमद के निवास पर हुई। अध्यक्षता करते हुए संघ के जिला संरक्षक सुरेंद्र पांडेय ने कहा, सरकार शिक्षामित्रों के कार्य कुशलता, मेहनत, निष्ठा और समर्पण को देखते हुए सकारात्मक रवैया अपनाकर सभी जनपदों में शिक्षामित्र सम्मान समारोह कर रही है।
दूसरी तरफ कुछ अधिकारी शोषण कर रहे हैं। संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा, शिक्षामित्र विद्यालयों में शिक्षण कार्य के साथ सभी शिक्षणेतर और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर सहयोग करते हैं। संघ ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि जो शिक्षामित्र विधानसभा और त्रिस्तरीय पंचायत में बीएलओ हैं, उन्हें जनगणना प्रगणक की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। तहसीलदार करछना व खंड शिक्षा अधिकारी करछना, कौंधियारा सहित कई खंड शिक्षा अधिकारी बिना प्रशिक्षण के ही शिक्षामित्रों को जनगणना ड्यूटी के लिए बाध्य कर रहे हैं। संगठन मंडलायुक्त व जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत की तैयारी में है।
संघ के महामंत्री सुनील तिवारी व उपाध्यक्ष जनार्दन पांडेय ने कहा, यदि सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं होता है तो उपजिलाधिकारी कार्यालय हंडिया और करछना का घेराव होगा। इस मौके पर सुमन्त भार्गव, दशरथ भारती, शरद मिश्र, निशा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव, अंतिमा यादव, बैजनाथ सोनी, घनश्याम दत्त मिश्र आदि मौजूद रहे।
बिजली संकट के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदारः अखिलेश
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने देश को गंभीर आर्थिक संकट में फंसा दिया है। मंहगाई लगातार बढ़ती जा रही है। रोज-रोज, पेट्रोल-डीजल की मंहगाई का क्या अर्थ है? अर्थव्यवस्था अनियंत्रित क्यों हो गई ? 12 वर्ष की सरकार के हिसाब की जवाबदेही किसकी है?
अखिलेश ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली संकट के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से जनता बेहाल है। भाजपा ने 10 साल में बिजली के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। केवल बिजली का बिल बढ़ाकर जनता से लूट की। आज प्रदेश में जो बिजली मिल रही है वह समाजवादी पार्टी की सरकार में कहा, भाजपा ने देश को आर्थिक संकट में फंसाया लगाए गए बिजलीघरों से आ रही है।
भाजपा सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में एक भी नया बिजली घर नहीं लगाया। एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भाजपा असत्य के रास्ते पर है। भाजपा जब से सत्ता में आई है, आमजन का जीना दूभर हो गया है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा ने यूपी का बंटाधार कर दिया है। भाजपा सरकार ने अपने दो कार्यकाल में पीडीए समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय किया है। लोक कल्याणकारी राज्य का नेतृत्व ईमानदार होना चाहिए।
सीएनजी समेत अन्य गैस पंप पर हेराफेरी नहीं होगी
नई दिल्ली। केंद्र ने वजन और माप से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। इसके तहत अब पेट्रोल डीजल के साथ ही गैस पंपों (सीएनजी, एलपीजी, एलएनजी और हाइड्रोजन) पर लगे ईंधन डिस्पेंसर (वे मशीनें जिनसे ईंधन निकलता है) का भी सत्यापन किया जाएगा। इस कदम से हेरफेर रुकेगी। ग्राहकों को सही मात्रा में ईंधन मिलने में पारदर्शिता बढ़ेगी।
उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने पांच नई ईंधन डिस्पेंसर प्रणाली को जांच के दायरे में शामिल किया है। अब मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र अब हाइड्रोजन, एलपीजी, एलएनजी और सीएनजी डिस्पेंसरों का सत्यापन और पुनः सत्यापन कर सकेंगे।
पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ाने के संकेत दिए
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक (एचआर) राज कुमार दुबे ने रविवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट जारी रहता है, तो खुदरा ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी से बचना मुश्किल हो सकता है।
अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता को दी विदाई
प्रयागराज सेसटैट बार एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता के कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया। एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति दिलीप का अभिनंदन करते हुए विदाई दी। न्यायमूर्ति दिलीप ने 2018 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सेसटैट नई दिल्ली के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने न्यायमूर्ति दिलीप की विशिष्ट सेवाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने उनके उच्च न्यायालय इलाहाबाद में कार्यकाल के समय दिए गए ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख किया। न्यायिक सदस्य पीके चौधरी ने न्यायमूर्ति गुप्ता की सहजता और प्रभावशीलता को अनुकरणीय बताया।
एसोसिएशन के सचिव निशांत मिश्रा ने स्वागत व अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने संचालन किया। प्रवीण कुमार, वैदिका नाथ ने न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। एसोसिएशन के अध्यक्ष एपी माथुर ने न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता को शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट करके सम्मानित किया। इस दौरान न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, न्यायमूर्ति दिनेश पाठक, न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र, न्यायमूर्ति डा. गौतम चौधरी, न्यायमूर्ति अजित कुमार, न्यायमूर्ति एसएन अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन सिन्हा, वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल तथा मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज सिंह आदि उपस्थित रहे।
देश में स्तन कैंसर से पीड़ित 13 % महिलाओं में मेटास्टेसिस पाया गया
भारत में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं में 13 प्रतिशत में मेटास्टेसिस हुआ, जिसका अर्थ है कि कैंसर मूल स्थान से शरीर के अन्य भागों में फैल गया। अध्ययन द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें 76,000 से अधिक महिलाओं के आंकड़ों को शामिल किया गया। हड्डियां मेटास्टेसिस का सबसे आम स्थान पाई गईं। भारत के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत एकत्र किए गए आंकड़ों में विश्लेषण की गई महिलाओं को 2009 से 2020 के बीच प्राथमिक स्तन कैंसर का निदान किया गया था।
शोधकर्ताओं ने पाया कि 2009-2014 की तुलना में 2015-2020 के दौरान निदान किए गए मामलों में मेटास्टेसिस का जोखिम अधिक था। भारत में मेटास्टेटिक स्तन कैंसर ट्यूमर के भार और रोग की प्रगति के संकेतकों से दृढ़ता से जुड़ा हुआ है।" हालांकि, टीम ने कहा कि मेटास्टैटिक स्तन कैंसर से जुड़े कारकों के राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रमाण सीमित हैं। 76,356 महिलाओं में से 12.96 प्रतिशत में मेटास्टेसिस पाया गया, जिसमें हड्डियां सबसे आम मेटास्टेसिस स्थल (25.1 प्रतिशत) थीं।" उम्र का मेटास्टेसिस से कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं था, जिससे पता चलता है कि रोगी की उम्र के बजाय ट्यूमर की जैविक संरचना मुख्य रूप से मेटास्टेसिस के जोखिम को निर्धारित करती है।
माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक को नोटिस, जुर्माने की चेतावनी
लखनऊ। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना समय पर उपलब्ध न कराने पर उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर निदेशक, प्रयागराज के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके विरुद्ध आर्थिक दंड की कार्रवाई क्यों न की जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। यह मामला लखनऊ निवासी ईश्वर चंद्र मिश्रा द्वारा दाखिल द्वितीय अपील से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने 25 सितंबर 2023 को प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजे गए प्रार्थनापत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। उन्होंने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को प्रेषित पत्र के निस्तारण, विभागीय कार्रवाई तथा संबंधित अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की थी। मामले की सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी के समक्ष हुई। सुनवाई में अपीलकर्ता उपस्थित रहे, जबकि विभागीय अधिकारी आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। अपीलकर्ता का आरोप था कि विभाग ने अब तक पूर्ण और स्पष्ट सूचना उपलब्ध नहीं कराई है।
आयोग ने अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद पाया कि संबंधित जनसूचना अधिकारी को पहले भी सूचना देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि सूचना न देना और सुनवाई से अनुपस्थित रहना आरटीआई अधिनियम की भावना के विपरीत है। आयोग ने अधिकारी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं
तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में तबादला प्रक्रिया न शुरू होने से नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है दूरस्थ जिलों में कई वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आकांक्षी जिलों में तैनात शिक्षकों के ट्रांसफर न होने से वह अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षक जिले के अंदर दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात हैं और अपने घर के पास तबादले की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो शिक्षक वर्षों से कार्यरत हैं उनको नगर क्षेत्र के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित करना चाहिए। 2011 के बाद नगर क्षेत्रों में कोई समायोजन नहीं हुआ है। इससे नगर क्षेत्र में शिक्षकों की काफी कमी है। बेसिक शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 10 हजार पदों पर भर्ती की सूचना से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक निराश हैं।
जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने की मांग
लखनऊ। जनगणना ड्यूटी में लगाए गए राजकीय माध्यमिक व एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने की मांग की गई है। राजकीय शिक्षक संघ ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को पत्र भेजा है। संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय व प्रांतीय महामंत्री सत्य शंकर मिश्रा ने कहा है कि इस समय कई जिलों का तापमान 48 डिग्री से भी अधिक है। इस भीषण गर्मी में जनगणना कार्य करना अत्यधिक कठिन है फिर भी शिक्षक पूरी लगन से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को गर्मी की छुट्टी में काम करने के बदले उपार्जित अवकाश दिया जाए। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किया जाए ताकि जिलों में डीएम शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने का आदेश जारी कर सकें।
लेखपाल भर्ती परीक्षा में नहीं हुई गड़बड़ी : आयोग
लखनऊ। प्रदेश में 7994 पदों पर हुई लेखपाल भर्ती लिखित परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह का अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने संज्ञान लिया है। रविवार को विज्ञप्ति जारी कर आयोग ने इसका खंडन किया है। परीक्षा नियंत्रक सुभाष चंद्र प्रजापति ने कहा कि परीक्षा पूरी शुचिता के साथ कराई गई है। कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। फिर भी सोशल मीडिया पर कुछ लोग गलत नियत से परीक्षा को लेकर भ्रामक सूचना फैला रहे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे अफवाह पर ध्यान न दें। भ्रामक सूचना और अभ्यर्थियों को भड़काने वालों के खिलाफ पुलिस और आयोग कड़ी कार्रवाई करेगा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रयागराज। नीट पेपर लीक
मामले के बाद से युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अभियान चलाकर इस्तीफे की मांग की है। रविवार को रोजगार अधिकार अभियान की ओर से चलाए गए अभियान में युवाओं ने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
इस दौरान एक्स पर लेखपाल पेपर लीक का मुद्दा भी घंटों ट्रेंड करता रहा। रोजगार अधिकार अभियान ने अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। अभियान में राजेश सचान, हर्शल ठाकुर, अर्जुन प्रसाद, आरपी गौतम की भागीदारी रही
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